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Chandigarh News: केंद्र सरकार ने पहली बार संसद में माना, चंडीगढ़ नहीं है हेरिटेज सिटी

Tue, 04 Feb 2025 02:12 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 04 Feb 2025 02:12 AM IST
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For the first time, the central government admitted in Parliament that Chandigarh is not a heritage city
चंडीगढ़। केंद्र सरकार ने पहली बार संसद में माना है कि चंडीगढ़ ‘हेरिटेज सिटी’ नहीं है। यहां पर सिर्फ एक कैपिटल कांप्लेक्स एरिया है, जो हेरिटेज की श्रेणी में आता है। केंद्र सरकार के इस जवाब से अब कई सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यूटी प्रशासन की हेरिटेज कमेटी को लेकर उठा है कि जब शहर ही हेरिटेज नहीं है तो हेरिटेज कमेटी क्यों बनाई गई है, जो हर चीज को हेरिटेज बताती है।
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लोकसभा में सांसद मनीष तिवारी ने केंद्र सरकार से पूछा कि क्या चंडीगढ़ को हेरिटेज सिटी का दर्जा दिया गया है। किसी शहर को हेरिटेज सिटी घोषित करने के लिए सरकार, यूनेस्को या अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के तय मानदंड क्या हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि देश के कितने और कौन-कौन से शहरों को हेरिटेज सिटी का दर्जा मिला है। इस पर केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अपने जवाब में कहा कि चंडीगढ़ को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी नहीं घोषित किया है। हालांकि, वर्ष 2016 में चंडीगढ़ के कैपिटल कांप्लेक्स को ‘द आर्किटेक्चरल वर्क ऑफ ली कार्बुजिए, एन आउटस्टैंडिंग कंट्रीब्यूशन टू द मॉडर्न मूवमेंट’ के तहत यूनेस्को की ओर से ‘ट्रांसनेशनल वर्ल्ड हेरिटेज प्रॉपर्टी’ के रूप में मान्यता दी गई थी।
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इसके अलावा सरकार ने किसी भी शहर को हेरिटेज सिटी घोषित करने के लिए यूनेस्को के दिशा-निर्देशों का हवाला दिया। बताया कि यूनेस्को ने कई देशों के शहरों को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी घोषित किया है। इनमें फ्रांस, इटली, जर्मनी, जापान, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्राजील, मिस्र, मैक्सिको सहित कई देशों में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाले शहर शामिल हैं।
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तिवारी ने हेरिटेज कमेटी पर उठाए सवाल
सांसद तिवारी ने कहा कि केंद्र सरकार के जवाब से स्पष्ट हो गया है कि चंडीगढ़ एक हेरिटेज सिटी नहीं है, जब सिटी ही हेरिटेज नहीं है तो हेरिटेज कमेटी का क्या आधार है। क्यों वह शहर के अस्पताल व स्कूलों को भी हेरिटेज घोषित करते हैं। तिवारी ने हाल ही में चंडीगढ़ पहुंची आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय की एक संसदीय स्थायी समिति के सामने भी इस मुद्दे को उठाया था और कहा था कि हेरिटेज की आड़ में शहर के विकास को रोका जा रहा है। इसके अलावा पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट भी हेरिटेज के मुद्दे पर सवाल उठा चुका है। एक केस की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा था कि अहमदाबाद हेरिटेज सिटी है, बावजूद इसके वहां विकास हो रहा है। चंडीगढ़ लकीर का फकीर बना हुआ है। हेरिटेज स्टेटस की वजह से शहर को आखिर फायदा क्या है। उन्होंने यहां तक कह दिया था क्यों जीते जागते शहर को हड़प्पा में बदलना चाहते हैं। हाईकोर्ट ने हाल ही में पेरिस के ली कार्बुजिए फाउंडेशन और चंडीगढ़ हेरिटेज कमेटी की कानूनी स्थिति स्पष्ट करने के भी निर्देश दिए हैं।
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