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Chandigarh: सील संपत्तियों की पहली बार नीलामी करेगा निगम, संपत्ति कर जमा न करवाने वालों पर कार्रवाई
Wed, 03 Jan 2024 02:08 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jan 2024 02:08 AM IST
सार
नगर निगम ने हाल ही में कई संपत्तियां सील की थीं, जिसमें होटल, दुकानें, प्लॉट और एससीओ आदि हैं। ये संपत्तियां बुड़ैल, मनीमाजरा, खुड्डा अलीशेर, अटावा, धनास, इंडस्ट्रियल एरिया, हल्लोमाजरा और सेक्टर-18, 20, 21, 22 और 38 में स्थित हैं। इन पर एक लाख रुपये से पांच लाख रुपये तक बकाया है।
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चंडीगढ़ नगर निगम
- फोटो : फाइल फोटो।
विस्तार
संपत्ति कर नहीं जमा करने पर नगर निगम की तरफ से सील की गई संपत्तियों को पहली बार नीलामी करने की तैयारी की जा रही है। निगम ने ऐसी करीब 50 संपत्तियों की संभावित सूची बनाई है, जिसमें अधिकतर व्यावसायिक संपत्तियां हैं। कई संपत्तियां ऐसी हैं, जो वर्षों पहले सील की गई थीं। अब उनकी वेरिफिकेशन की जाएगी और कर वसूलने के लिए इनकी नीलामी होगी।
नगर निगम ने संपत्ति कर न जमा कराने वाले टॉप 2000 व्यावसायिक-आवासीय संपत्तियों के मालिकों को नोटिस भेजा था और 30 अक्तूबर तक का समय दिया था लेकिन अधिकतर ने बकाया जमा नहीं कराया। कई ने निगम से सुनवाई की मांग की। उन्हें समय भी दिया गया और व्यक्तिगत सुनवाई की गई। इसके बाद भी अधिकतर ने कर नहीं जमा कराया, जिसके बाद 70 संपत्तियों को अटैच करने के आदेश जारी हुए।
इसके अलावा कई ऐसी संपत्तियां भी हैं, जिन्हें नगर निगम ने पिछले वर्षों में सील किया था। अब इन सभी को निगम नीलाम करने की योजना बना रहा है। मंगलवार को निगम के वरिष्ठ अधिकारी ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि पुरानी सील हुई संपत्तियों की वेरिफिकेशन की जाएगी। अगर सील हुई संपत्ति में कोई गतिविधि होती पाई गई तो संपत्ति के मालिक पर एफआईआर दर्ज कराया जाएगा। बताया कि निगम का करोड़ों का संपत्ति कर बकाया है, जिसे जानबूझकर लोगों की ओर से जमा नहीं कराया जा रहा है। वर्तमान और पुरानी सील संपत्तियों को मिलाकर कुल करीब 50 संपत्तियां हैं, जिन्हें नीलाम करने की योजना है। उन्हें आखिरी नोटिस भेजा जाएगा। अगर उन्होंने कर जमा कर दिया तो नोटिस वापस ले लिया जाएगा।
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हाल ही में निगम ने कई संपत्तियों को सील करने के जारी किए थे आदेश
नगर निगम ने हाल ही में कई संपत्तियां सील की थीं, जिसमें होटल, दुकानें, प्लॉट और एससीओ आदि हैं। ये संपत्तियां बुड़ैल, मनीमाजरा, खुड्डा अलीशेर, अटावा, धनास, इंडस्ट्रियल एरिया, हल्लोमाजरा और सेक्टर-18, 20, 21, 22 और 38 में स्थित हैं। इन पर एक लाख रुपये से पांच लाख रुपये तक बकाया है। कई संपत्तियां किराए पर हैं। ऐसे में संपत्ति कर को लेकर किराएदार और मालिक में भी विवाद चल रहा है। कर जमा कराने के बाद कुछ संपत्तियों को डी-सील भी कर दिया गया है। बता दें कि व्यावसायिक संपत्तियों पर लागू कर का भुगतान न करने पर संपत्ति अटैच करने का प्रावधान है जबकि आवासीय संपत्तियों पर पानी का कनेक्शन काटने का प्रावधान है।
व्यावसायिक संपत्तियां
संख्या राशि (करोड़ में)
रिकवरी नोटिस जारी 444 12.33
नोटिस में बाद जमा राशि 25 0.77
अटैचमेंट के आदेश 72 1.8
अटैचमेंट के आदेश के बाद जमा राशि 26 0.34
आवासीय संपत्तियां
संख्या राशि (करोड़ में)
रिकवरी नोटिस जारी 584 8.74
शोकॉज नोटिस जारी 416 ---
जमा राशि 63 0.43
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नगर निगम ने संपत्ति कर न जमा कराने वाले टॉप 2000 व्यावसायिक-आवासीय संपत्तियों के मालिकों को नोटिस भेजा था और 30 अक्तूबर तक का समय दिया था लेकिन अधिकतर ने बकाया जमा नहीं कराया। कई ने निगम से सुनवाई की मांग की। उन्हें समय भी दिया गया और व्यक्तिगत सुनवाई की गई। इसके बाद भी अधिकतर ने कर नहीं जमा कराया, जिसके बाद 70 संपत्तियों को अटैच करने के आदेश जारी हुए।
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इसके अलावा कई ऐसी संपत्तियां भी हैं, जिन्हें नगर निगम ने पिछले वर्षों में सील किया था। अब इन सभी को निगम नीलाम करने की योजना बना रहा है। मंगलवार को निगम के वरिष्ठ अधिकारी ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि पुरानी सील हुई संपत्तियों की वेरिफिकेशन की जाएगी। अगर सील हुई संपत्ति में कोई गतिविधि होती पाई गई तो संपत्ति के मालिक पर एफआईआर दर्ज कराया जाएगा। बताया कि निगम का करोड़ों का संपत्ति कर बकाया है, जिसे जानबूझकर लोगों की ओर से जमा नहीं कराया जा रहा है। वर्तमान और पुरानी सील संपत्तियों को मिलाकर कुल करीब 50 संपत्तियां हैं, जिन्हें नीलाम करने की योजना है। उन्हें आखिरी नोटिस भेजा जाएगा। अगर उन्होंने कर जमा कर दिया तो नोटिस वापस ले लिया जाएगा।
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हाल ही में निगम ने कई संपत्तियों को सील करने के जारी किए थे आदेश
नगर निगम ने हाल ही में कई संपत्तियां सील की थीं, जिसमें होटल, दुकानें, प्लॉट और एससीओ आदि हैं। ये संपत्तियां बुड़ैल, मनीमाजरा, खुड्डा अलीशेर, अटावा, धनास, इंडस्ट्रियल एरिया, हल्लोमाजरा और सेक्टर-18, 20, 21, 22 और 38 में स्थित हैं। इन पर एक लाख रुपये से पांच लाख रुपये तक बकाया है। कई संपत्तियां किराए पर हैं। ऐसे में संपत्ति कर को लेकर किराएदार और मालिक में भी विवाद चल रहा है। कर जमा कराने के बाद कुछ संपत्तियों को डी-सील भी कर दिया गया है। बता दें कि व्यावसायिक संपत्तियों पर लागू कर का भुगतान न करने पर संपत्ति अटैच करने का प्रावधान है जबकि आवासीय संपत्तियों पर पानी का कनेक्शन काटने का प्रावधान है।
व्यावसायिक संपत्तियां
संख्या राशि (करोड़ में)
रिकवरी नोटिस जारी 444 12.33
नोटिस में बाद जमा राशि 25 0.77
अटैचमेंट के आदेश 72 1.8
अटैचमेंट के आदेश के बाद जमा राशि 26 0.34
आवासीय संपत्तियां
संख्या राशि (करोड़ में)
रिकवरी नोटिस जारी 584 8.74
शोकॉज नोटिस जारी 416 ---
जमा राशि 63 0.43