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पीयू में छह साल से न शिक्षकों की भर्ती, न विभागों का विलय

Wed, 19 May 2021 02:31 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 19 May 2021 02:31 AM IST
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For six years no teachers are recruited in PU, no merger of departments
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय छह साल में न शिक्षकों की भर्ती कर पाया और न विभागों का विलय। नैक की टीम की अगले साल मार्च में दौरा करेगी। जानकारों के मुताबिक नैक की टीम अपूर्ण मानक देखकर पीयू को बी ग्रेड भी दे सकती है। ऐसे में पीयू की साख और खराब होगी। वरिष्ठ शिक्षक कहते हैं कि पीयू को इसकी चिंता करनी चाहिए थी, लेकिन अधिकारियों ने इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाए। सिंडिकेट व सीनेट ने भी इस प्रकरण को प्रमुखता से नहीं लिया। हालांकि पीयू जुलाई के बाद इन बिंदुओं पर काम करने की बात कह रही है।
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2015 में नैक की टीम ने पीयू का दौरा किया था। उस समय पीयू में छोटे-छोटे विभाग देखकर टीम ने आपत्ति दायर की थी। साथ ही छोटे विभागों का विलय संबंधित बड़े विभागों में करने की सलाह दी थी। इसके अलावा छात्र-शिक्षक अनुपात कम मिला। छात्रों की संख्या के मुताबिक शिक्षक न होने से शिक्षा गुणवत्ता प्रभावित हो रही थी। इस पर भी नैक की टीम ने काम करने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा कि यह बिंदु महत्वपूर्ण है। कम शिक्षकों से केवल काम तो चल सकता है, लेकिन गुणवत्ता बेहतर नहीं हो सकती। इसके अलावा छात्रों की संख्या को देखते हुए छात्रावासों की संख्या कम पाई। सुझाव दिया था कि छात्रावास बनाए जाएं। उसके बाद पीयू ने एक छात्रावास का निर्माण तो शुरू किया, लेकिन वह आज पूरी तरह पूरा नहीं हो सका। नैक ने मानकों की जांच के लिए 2020 तक का समय दिया था, लेकिन पीयू ने दो साल अतिरिक्त मांगे और 2022 तक मानकों की पूर्ति करने को कहा और नैक ने इसे स्वीकार कर लिया। अतिरिक्त समय मिलने के बाद भी मानक अब तक पूरे नहीं हो सके।
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ऐसे लगे अड़ंगे
पीयू ने विभागों के विलय के लिए कमेटी कई बनाई, लेकिन सब बैठक तक ही सीमित रहा। पिछले साल कमेटी ने विलय का प्रस्ताव फाइनल किया था, लेकिन उर्दू को विदेशी भाषा में शामिल करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। पंजाब के सीएम ने भी इस पर आपत्ति दायर की थी। आखिरकार विलय का प्रस्ताव टाल दिया गया, जो आज तक नहीं हो पाया। सूत्रों का कहना है कि छोटे विभागों के शिक्षक भी नहीं चाहते हैं कि उनके विभागों का विलय हो, क्योंकि उनका भी बारी-बारी से चेयरमैन बनने का समय आएगा।
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शिक्षक भर्ती टाली गई
पीयू ने 26 असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती के लिए रिक्तियां निकालीं। इसके लिए एक हजार से अधिक आवेदन भी मांगे गए, लेकिन सिंडिकेट ने इस पर रोक लगा दी। कारण बताया कि रिक्तियां सही नहीं निकाली गई। इसकी जांच हुई और रिकॉर्ड देखे गए, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। अस्थायी शिक्षकों की भी 21 रिक्तियां निकाली गई थीं, लेकिन इन पर भी रोक लगा दी गई। कुल मिलाकर प्रस्ताव लटका हुआ है।
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