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चूहे नहीं शैलर मालिक ही बन गए धान के दुश्मन, देखिए कारनामा
ब्यूरो/अमर उजाला, मोगा
Updated Sun, 19 Mar 2017 09:25 AM IST
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धान खुर्द बुर्द
- फोटो : File
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सरकारी गौदमों में पड़े अनाज को चूहों की तरफ से बर्बाद करने की कई घटनाएं आपने सुनीं होंगी। लेकिन पंजाब में अनाज को चूहे नहीं ब्लकि अनाज की देखरेख करने वाले ही इसे ठीकाने लगाने में लगे हैं। मोगा के कस्बा धर्मकोट के एक शैलर में पंजाब एग्रो फूडग्रेन कारोप्रेशन लिमिटेड में पड़ी करोड़ों रुपये की धान को खुर्द बुर्द करने के आरोप में पुलिस ने शैलर मालिक और उसके दो हिस्सेदारों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर ही है।
थाना धर्मकोट के एएसआई चरणजीत सिंह ने बताया कि पंजाब एग्रो फूड ग्रेन लिमिटेड के मैनेजर ने एसएसपी को दी शिकायत में कहा कि संस्थान ने रामसर राइस शैलर धर्मकोट में वर्ष 2010-11 में धान के 286969 बैग. जिसका वजन 100439 .45 क्विंटल और वर्ष 2011-12 में 107119 बैग, जिसका वजन 37491.65 क्विंटल था, जो रामसर राइस शैलर में लगवाया था। उस समय शैलर का मालिक अरुण दास, तीर्थ सिंह और मेहर सिंह थे।
शैलर में धान लगवाने से पहले उक्त तीनों ने उनके पास पार्टनरशिप की कापी दी गई थी, जिसमें दो हिस्से 33-33 प्रतिशत और एक हिस्सा 34 प्रतिशत शेयर लिखा गया था। उसने बताया कि बैंक को जो पार्टनरशिप डीडी दी गई, उसमें तीर्थ सिंह और मेहर सिंह के नाम पर ही बैंक खाता खुलवाया गया था। उसने कहा कि फूड ग्रेन से लेनदेन का काम तीर्थ सिंह और मेहर सिंह ही करते थे।
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साल 2013 में अरुण दास ने अपना हिस्सा निकाल लिया। उक्त दोनों वित्तीय वर्ष के दौरान शैलर में लगाए गए धान में से उक्त लोगों ने 3 करोड 72 लाख 12 हजार 634 रूपए का धान खुर्द बुर्द कर दिया। एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच डीएसपी धर्मकोट लखवीर सिंह को सौंपी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर पुलिस ने तीर्थ सिंह, मेहर सिंह व अरुण दास निवासी धर्मकोट के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
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थाना धर्मकोट के एएसआई चरणजीत सिंह ने बताया कि पंजाब एग्रो फूड ग्रेन लिमिटेड के मैनेजर ने एसएसपी को दी शिकायत में कहा कि संस्थान ने रामसर राइस शैलर धर्मकोट में वर्ष 2010-11 में धान के 286969 बैग. जिसका वजन 100439 .45 क्विंटल और वर्ष 2011-12 में 107119 बैग, जिसका वजन 37491.65 क्विंटल था, जो रामसर राइस शैलर में लगवाया था। उस समय शैलर का मालिक अरुण दास, तीर्थ सिंह और मेहर सिंह थे।
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शैलर में धान लगवाने से पहले उक्त तीनों ने उनके पास पार्टनरशिप की कापी दी गई थी, जिसमें दो हिस्से 33-33 प्रतिशत और एक हिस्सा 34 प्रतिशत शेयर लिखा गया था। उसने बताया कि बैंक को जो पार्टनरशिप डीडी दी गई, उसमें तीर्थ सिंह और मेहर सिंह के नाम पर ही बैंक खाता खुलवाया गया था। उसने कहा कि फूड ग्रेन से लेनदेन का काम तीर्थ सिंह और मेहर सिंह ही करते थे।
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साल 2013 में अरुण दास ने अपना हिस्सा निकाल लिया। उक्त दोनों वित्तीय वर्ष के दौरान शैलर में लगाए गए धान में से उक्त लोगों ने 3 करोड 72 लाख 12 हजार 634 रूपए का धान खुर्द बुर्द कर दिया। एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच डीएसपी धर्मकोट लखवीर सिंह को सौंपी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर पुलिस ने तीर्थ सिंह, मेहर सिंह व अरुण दास निवासी धर्मकोट के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।