चंडीगढ़ में खाद्य विभाग के इंस्पेक्टर की कार बेकाबू, बच्चे समेत दो को रौंदा, मोहाली में भी हादसा
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फरीदकोट के खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर की तेज रफ्तार कार ने सेक्टर-32/33 स्माल चौक के पास एक एक्टिवा, रिक्शा चालक समेत सड़क पार कर रही एक महिला को टक्कर मार दी। हादसे में हिमाचल प्रदेश के ऊना के रहने वाले एक्टिवा चालक रॉबिन शर्मा (26) और पिंजौर निवासी अमृत (8) की मौत हो गई, जबकि अमृत की मां राजवंत कौर (36), हल्लोमाजरा निवासी शशि (36) और रिक्शा चालक नसीम (40) गंभीर रूप से जख्मी हो गए। सेक्टर-34 थाना पुलिस ने फरीदकोट के सिमनौर निवासी कार चालक दिलप्रीत सिंह (25) के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
हादसा मंगलवार दोपहर बाद 3.15 बजे का है। पुलिस को सूचना मिली कि सेक्टर 32/33 स्माल चौक के पास हादसा हुआ है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी घायलों को जीएमसीएच-32 पहुंचाया, जहां एक्टिवा चालक रॉबिन शर्मा और एक्टिवा पर मां के साथ लिफ्ट लेकर बैठे आठ वर्षीय अमृत को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
वहीं, अमृत की मां राजवंत कौर व सड़क पार कर रही हल्लोमाजरा निवासी शशि और वहां से गुजर रहे सेक्टर-27 निवासी रिक्शा चालक नसीम की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी कार चालक तेज गति से सेक्टर-32 से सेक्टर-20 की ओर जा रहा था। चौक पर पहुंचने पर अचानक कार अनियंत्रित हो गई और एक्टिवा चालक समेत सभी को रौंद दिया।
पुलिस ने चालक दिलप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर सेक्टर-34 थाने में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अस्पताल के शव गृह में रखवा दिया है, जहां कोरोना सैंपल आने के बाद पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।
काश.. लिफ्ट न लेती तो बेटा जिंदा होता
पुलिस की जांच में सामने आया कि कार चालक ने सबसे पहले रॉबिन की एक्टिवा और फिर सड़क पार कर रही महिला शशि इसके बाद रिक्शा चालक नसीम को जोरदार टक्कर मारी थी। राजवंत कौर और उसका आठ वर्षीय बेटा करतारपुर स्थित अपने रिश्तेदार के घर से लौटे थे। उन्हें आगे पिंजौर जाना था।
इसके चलते मां-बेटे ने रॉबिन से एक्टिवा पर लिफ्ट मांगी थी। तीनों एक ही एक्टिवा पर सवार थे। खबर लिखे जाने तक मृतक रॉबिन के परिजन चंडीगढ़ नहीं पहुंचे थे। इसके चलते अब तक उनका बयान नहीं हो सका। अस्पताल में दाखिल मां राजवंत कौर ने कहा- काश.. एक्टिवा पर लिफ्ट न लिया होता मेरा बेटा जिंदा होता।
पुलिस ने लगाई गैर जमानती धारा
हादसे में कार चालक के नशे में होने की पुलिस ने पुष्टि नहीं की है। पुलिस के मुताबिक आरोपी कार चालक दिलप्रीत सिंह का मेडिकल करवाया गया है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा कि चालक नशा में था या नहीं। ज्यादातर सड़क हादसों में पुलिस 304/ए के तहत मामला दर्ज करती है, लेकिन इस केस में सेक्टर-34 थाना पुलिस ने आरोपी दिलप्रीत सिंह के खिलाफ 304 के तहत मामला दर्ज किया है, जोकि गैर जमानती धारा है।
एयरपोर्ट रोड पर कार बेकाबू होकर पुल से नीचे गिरी, एक युवक की मौत
उधर, मोहाली में एयरपोर्ट रोड पर टीडीआई के नजदीक सोमवार की आधी रात साढ़े 12 बजे एक स्विफ्ट कार बेकाबू होकर डिवाइडर को पार कर पुल के नीचे जा गिरी। इस हादसे में एक युवक की पुल के ऊपर ही गिरने से मौत हो गई। जबकि उसके दो साथी गंभीर रूप से घायल होकर कार में फंस गए। इनमें से एक को गंभीर हालत में पीजीआई में भर्ती करवाया गया है। यहां पर उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है।
बलौंगी थाने के एसएचओ अमरदीप सिंह ने बताया कि तेज रफ्तार कार के आगे अचानक पशु आने के कारण यह हादसा हुआ है। इस हादसे में 19 वर्षीय देसराज निवासी बलौंगी की मौत हो गई। जबकि उसके दोनों साथी प्रदीप और दीपक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पुलिस ने मामले में धारा 174 की कार्रवाई कर शव परिजनों को सौंप दिया है।
जानकारी के मुताबिक यह हादसा सोमवार की आधी रात साढ़े 12 बजे उस समय हुआ जब तीनों दोस्त शराब पीने के बाद स्विफ्ट कार में एयरपोर्ट रोड पर गेड़ी मार रहे थे। इस दौरान प्रदीप उर्फ परगट कार चला रहा था। जबकि पिछली सीट पर दीपक बैठा हुआ था। वहीं, ड्राइवर के साथ वाली सीट पर देसराज बैठा था। जब उनकी तेज रफ्तार कार पुल के नजदीक पहुंची तो उनके सामने अचानक एक पशु आ गया।
कार चालक प्रदीप ने पशु को बचाने की कोशिश की। लेकिन वह कार पर काबू नहीं पा सका और कार अनियंत्रित होकर करीब दस फुट ऊपर उछली और पुल के किनारे डिवाइडर से टकराई और फिर नीचे जार गिरी। हालांकि पुल के नीचे गिरने से पहले कार का दरवाजा खुल गया और चालक प्रदीप के साथ बैठा देसराज कार से नीचे गिरा और डिवाइडर के साथ जोर से टकरा गया। इस पर देसराज के सिर से काफी खून बहने के कारण उसकी मौत हो गई। जबकि उसके दोनों साथी कार समेत पुल से नीचे जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए।
लोगों ने कार में फंसे दोनों घायल युवकों को बाहर निकाला और तीनों को अस्पताल में पहुंचाया। इस मौके पर लोगों ने फोन करके एंबुलेंस और पुलिस को बुलाया। अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने देसराज को मृत घोषित कर दिया। जबकि कार चालक प्रदीप वेंटिलेंटर पर पीजीआई में भर्ती है।
सीट बेल्ट पहनी होती तो बच सकती थी देसराज की जान
जानकारी के मुताबिक बेकाबू होकर कार पुल से करीब 15 फुट नीचे गिर थी और पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं, जानकारों के अनुसार मृतक देसराज ने अगर सीट बेल्ट पहनी होती तो शायद उसकी जान बच सकती थी। क्योंकि कार का दरवाजा खुलते ही देसराज कार से नीचे गिरकर डिवाइडर से टकरा गया था। अगर सभी कार सवारों ने सीट बेल्ट पहनी होती तो बचाव हो सकता था। क्योंकि हादसे के बाद युवक के कार से नीचे गिरने से मौत हुई है।
दो साल पहले भी कार पुल से नीचे गिरने से हुई थी मौत
जानकारी के मुताबिक दो साल पहले भी इसी सड़क पर हादसा हुआ था। इस दौरान एक परिवार जीरकपुर से शादी समारोह से लौट रहा था। कार बेकाबू होकर पुल के नीचे गिर गई थी और एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।