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ट्रिब्यून चौक पर बनना है फ्लाइओवर, नहीं आई कोई कंपनी, तीसरी बार टेंडर
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 23 Apr 2017 09:27 AM IST
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चंडीगढ़ का ट्रिब्यून चौक
- फोटो : File Photo
ट्रिब्यून चौक पर प्रस्तावित क्लोवरलीफ फ्लाइओवर प्रोजेक्ट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए कंसल्टेंट नियुक्ति को कंपनियां रूचि नहीं दिखा रहीं। यूटी के इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने इसके लिए तीसरी बार टेंडर जारी किया, मगर एक भी कंपनी न आने के कारण डेट आगे बढ़ानी पड़ी। विभाग की ओर से अब 27 अप्रैल तक कंपनियों से आवेदन मांगे गए हैं।
इससे पहले यूटी इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट दो बार टेंडर जारी कर चुका है, लेकिन क्लोवरलीफ फ्लाइओवर की राह में रोड़ा बन रही शर्तों के कारण टेंडर दो बार फेल हो गया। दरअसल फ्लाईओवर की रूपरेखा तैयार करने वाली कंपनी के लिए कुछ कठिन शर्तें रखी गईं थीं। हालांकि इस प्रोजेक्ट के लिए पर्यावरण संबंधी सभी अप्रूवल पहले ही मिल चुकी हैं।
इन शर्तों के कारण दो बार टेंडर फेल
कंपनी विद इन सिटी हो और पहले क्लोवरलीफ फ्लाईओवर प्रोजेक्ट पर काम किया हो। कंपनी ज्यादा वर्कर रखे और सभी कर्मचारी उच्च श्रेणी के होने चाहिए। इन शर्तों की वजह से कोई भी कंपनी इस प्रोजेक्ट के टेंडर को लेने के लिए तैयार नहीं हो रही थी।
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अब हटाई शर्तें
अधिकारियों का कहना है कि अब एनएचएआई के लोकल आफिस से अप्रूवल लेकर दोनों शर्तों को हटा लिया है। शर्तें हटाने के बावजूद तीसरी बार टेंडर जारी करने पर भी कोई कंपनी सामने नहीं आई। इसके चलते अब विभाग को टेंडर की डेट एक्सटेंड करनी पड़ी। अब पूरे देश से कोई भी कंपनी टेंडर प्रक्रिया में शामिल होे सकती है।
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इससे पहले यूटी इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट दो बार टेंडर जारी कर चुका है, लेकिन क्लोवरलीफ फ्लाइओवर की राह में रोड़ा बन रही शर्तों के कारण टेंडर दो बार फेल हो गया। दरअसल फ्लाईओवर की रूपरेखा तैयार करने वाली कंपनी के लिए कुछ कठिन शर्तें रखी गईं थीं। हालांकि इस प्रोजेक्ट के लिए पर्यावरण संबंधी सभी अप्रूवल पहले ही मिल चुकी हैं।
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इन शर्तों के कारण दो बार टेंडर फेल
कंपनी विद इन सिटी हो और पहले क्लोवरलीफ फ्लाईओवर प्रोजेक्ट पर काम किया हो। कंपनी ज्यादा वर्कर रखे और सभी कर्मचारी उच्च श्रेणी के होने चाहिए। इन शर्तों की वजह से कोई भी कंपनी इस प्रोजेक्ट के टेंडर को लेने के लिए तैयार नहीं हो रही थी।
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अब हटाई शर्तें
अधिकारियों का कहना है कि अब एनएचएआई के लोकल आफिस से अप्रूवल लेकर दोनों शर्तों को हटा लिया है। शर्तें हटाने के बावजूद तीसरी बार टेंडर जारी करने पर भी कोई कंपनी सामने नहीं आई। इसके चलते अब विभाग को टेंडर की डेट एक्सटेंड करनी पड़ी। अब पूरे देश से कोई भी कंपनी टेंडर प्रक्रिया में शामिल होे सकती है।