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इस लड़की ने भुगती लड़कों जैसा लुक होने की सजा, सबूत देती रही पर वो नहीं माने

Sat, 11 Mar 2017 04:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लाखनमाजरा(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, लाखनमाजरा(हरियाणा) Updated Sat, 11 Mar 2017 04:48 PM IST
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flying squad not permitted to girl to sit in exam due to look like boys
लड़की ने भुगती लड़कों जैसा लुक होने की सजा
कहने को बेटियां बेटों से कम नहीं, लेकिन बेटियां अगर बेटों सी दिखें तो उन्हें खासी परेशानी झेलनी पड़ती है। ऐसे की एक मामले में इस लड़की ने सजा भुगती। घटना हरियाणा का है। लाखनमाजरा के गांव चिड़ी की छात्रा नेहा 10वीं की परीक्षा देने पहुंची, लेकिन उसका लड़कों सा लुक देख फ्लाइंग को विश्वास ही नहीं हुआ। परीक्षा के बीच ही टीम ने उसे लड़का समझकर उठा दिया।
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करीब घंटे भर तक जांच के बाद ही अधिकारियों को नेहा के लड़की होने पर तसल्ली हुई। इस तरह नेहा पेपर हल करने के बजाय एक घंटे तक खुद के लड़की होने का सबूत देती रही। अब छात्रा ने बीईओ को शिकायत देकर ग्रेस मार्क दिलवाने या दोबारा परीक्षा करवाने की गुहार लगाई है। चिड़ी राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की दसवीं की छात्रा नेहा राजकीय हाईस्कूल नांदल में परीक्षा दे रही है।
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बोर्ड परीक्षा के पहले दिन 7 मार्च को अंग्रेजी का पेपर था। परीक्षा शुरू होने के करीब आधे घंटे बाद बोर्ड की फ्लाइंग केंद्र पर पहुंची और नेहा का पेपर यह कहते हुए छीन लिया कि तू लड़का है और किसी लड़की की जगह उसकी ड्रेस पहन पेपर दे रहा है। छात्रा ने अपने फोटो लगे रोल नंबर से लेकर आधार कार्ड की कॉपी तक का प्रमाण दिया लेकिन अधिकारी नहीं माने।
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फ्लाइंग के अन्य अधिकारियों को छात्रा ने बारी-बारी से अपना रोल नंबर और आधार कार्ड दिखाया जिससे उसका करीब एक घंटा समय जाया हो गया। इसके लिए उसे अतिरिक्त समय भी नहीं दिया गया। छात्रा ने बीईओ को लिखित शिकायत देकर ग्रेस मार्क या दोबारा परीक्षा करवाने की गुहार लगाई है।

अगर मेरी चाल-ढाल लड़कों जैसी है तो मेरा कुसूर क्या?

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exam
पीड़ित छात्रा नेहा का कहना है कि अगर मेरी सूरत सीरत लड़कों जैसी है तो इसमें मेरा क्या कुसूर है? ये तो पहली परीक्षा थी, मुझे पांच परीक्षाएं और देनी हैं। अगर ऐसे में हर परीक्षा में समय बर्बाद होता रहेगा तो मेरा क्या होगा?

परीक्षार्थियों के साथ आएं स्कूल के प्रतिनिधि
बाहर से आने वाले सभी परीक्षार्थियों के साथ कम से कम एक प्रतिनिधि साथ जरूर आए ताकि ऐसी स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। अगर इस तरह की कोई समस्या आती है तो परीक्षार्थी अपने ड्यूटी टीचर और परीक्षा नियंत्रक को जरूर इसमें शामिल रखे। उनको इस तरह के आकस्मिक कारणों में अतिरिक्त समय देने का पूरा अधिकार है।
- जितेंद्र सांगवान, बीईओ, लाखनमाजरा

केंद्र पर है शांतिपूर्वक माहौल
परीक्षा केंद्र पर पंचायत, पुलिस और ग्रामीणों के सहयोग से माहौल शांतिपूर्ण है। अगर इस तरह की कोई दिक्कत आती है तो परीक्षार्थी हमें बताए उसका तुरंत उचित समाधान किया जाएगा।
- देवेंद्र, हेड मास्टर, राजकीय उच्च विद्यालय नांदल
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