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फ्लू के मरीज बढ़े, कोरोना के डर से पहुंच रहे अस्पताल
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चंडीगढ़। ठंड के साथ शीतलहर के बढ़ते प्रकोप से फ्लू के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। स्थिति यह है कि घर के प्रत्येक आयु वर्ग के लोग इसके शिकार हो रहे हैं। फ्लू के मरीज भी कोरोना की आशंका पर इलाज कराने अस्पताल पहुंच रहे हैं। ऐसे में तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच फ्लू का संक्रमण चिंता को बढ़ा रहा है। बुखार, कंपकंपी, नाक बंद, गले में दर्द, हाथ-पैर में दर्द, मांसपेशियों में खिंचाव आदि फ्लू के लक्षण हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन कभी डेंगू तो कभी मौसमी फ्लू उसे प्रभावित कर रहा है। ऐसे में जरूरी है कि खान-पान पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाए और रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले आहार को प्रमुखता दें।
उपनिदेशक स्वास्थ्य डॉ. वीके नागपाल का कहना है कि मौजूदा समय में फ्लू से बचाव के लिए ठंड से बचाव करें। खासतौर पर बच्चों को लेकर सजग रहें। नवजात को कंगारू केयर देने के साथ ही मां का दूध दें, ताकि ठंड से बचाव हो और उसकी प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित न हो। वहीं बुजर्गों पर भी विशेष ध्यान दें। शरीर को गर्मी प्रदान करने वाले आहार ज्यादा मात्रा में लें, क्योंकि जरा-सी सावधानी से इससे बचाव संभव है। वहीं अगर अनदेखी की गई तो अस्पताल में भर्ती होने की नौबत भी आ सकती है।
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ऐसे कर सकते हैं बचाव
आयुर्वेदाचार्य डॉ. राजीव कपिला ने बताया कि ठंड के मौसम में शरीर को गर्मी देने के साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में हल्दी वाले दूध की महत्वपूर्ण भूमिका है। रात को सोने से पहले हल्दी मिला दूध पीकर सोने से प्रतिरोधक क्षमता को मजबूती मिलती है।
गुड़, तिल, अदरक का सेवन भी फायदेमंद होगा।
शहद के साथ काली मिर्च का सेवन भी रामबाण इलाज माना जाता है। खासतौर पर खांसी-जुकाम के साथ हुए फ्लू में इसके सेवन से शरीर को गर्मी मिलती है।
फ्लू या सर्दी-जुकाम होने पर भाप लेने से काफी आराम मिलता है। इसके लिए विक्स के अलावा लौंग के तेल, लेमनग्रास का तेल या अजवाइन का भी प्रयोग किया जा सकता है।
इन उपायों से नहीं फैलेगा संक्रमण
खाने के पहले अपने हाथ धोएं। छींकने या खांसी के दौरान अपने मुंह और नाक को ढकें। अपने हाथों को अपने मुंह, आंखों या नाक से दूर रखें। बच्चों और बुजुर्गों के सम्पर्क में न आएं। वहीं अपना तौलिया अलग रखें।
इन बातों का भी रखें ध्यान
जिन लोगों को सर्दी-जुकाम या फ्लू होता है, उनमें बीमारी के लक्षण आम तौर पर 1 से 4 दिन के अंदर विकसित होने लगते हैं, जबकि कोरोना के लक्षणों को सामने आने में 1 से 14 दिन का समय लगता है। फ्लू के लक्षण अचानक ही दिखने लगते हैं तो वहीं, कोरोना और सर्दी-जुकाम के लक्षण धीरे-धीरे बढ़ते हैं।
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विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन कभी डेंगू तो कभी मौसमी फ्लू उसे प्रभावित कर रहा है। ऐसे में जरूरी है कि खान-पान पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाए और रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले आहार को प्रमुखता दें।
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उपनिदेशक स्वास्थ्य डॉ. वीके नागपाल का कहना है कि मौजूदा समय में फ्लू से बचाव के लिए ठंड से बचाव करें। खासतौर पर बच्चों को लेकर सजग रहें। नवजात को कंगारू केयर देने के साथ ही मां का दूध दें, ताकि ठंड से बचाव हो और उसकी प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित न हो। वहीं बुजर्गों पर भी विशेष ध्यान दें। शरीर को गर्मी प्रदान करने वाले आहार ज्यादा मात्रा में लें, क्योंकि जरा-सी सावधानी से इससे बचाव संभव है। वहीं अगर अनदेखी की गई तो अस्पताल में भर्ती होने की नौबत भी आ सकती है।
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ऐसे कर सकते हैं बचाव
आयुर्वेदाचार्य डॉ. राजीव कपिला ने बताया कि ठंड के मौसम में शरीर को गर्मी देने के साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में हल्दी वाले दूध की महत्वपूर्ण भूमिका है। रात को सोने से पहले हल्दी मिला दूध पीकर सोने से प्रतिरोधक क्षमता को मजबूती मिलती है।
गुड़, तिल, अदरक का सेवन भी फायदेमंद होगा।
शहद के साथ काली मिर्च का सेवन भी रामबाण इलाज माना जाता है। खासतौर पर खांसी-जुकाम के साथ हुए फ्लू में इसके सेवन से शरीर को गर्मी मिलती है।
फ्लू या सर्दी-जुकाम होने पर भाप लेने से काफी आराम मिलता है। इसके लिए विक्स के अलावा लौंग के तेल, लेमनग्रास का तेल या अजवाइन का भी प्रयोग किया जा सकता है।
इन उपायों से नहीं फैलेगा संक्रमण
खाने के पहले अपने हाथ धोएं। छींकने या खांसी के दौरान अपने मुंह और नाक को ढकें। अपने हाथों को अपने मुंह, आंखों या नाक से दूर रखें। बच्चों और बुजुर्गों के सम्पर्क में न आएं। वहीं अपना तौलिया अलग रखें।
इन बातों का भी रखें ध्यान
जिन लोगों को सर्दी-जुकाम या फ्लू होता है, उनमें बीमारी के लक्षण आम तौर पर 1 से 4 दिन के अंदर विकसित होने लगते हैं, जबकि कोरोना के लक्षणों को सामने आने में 1 से 14 दिन का समय लगता है। फ्लू के लक्षण अचानक ही दिखने लगते हैं तो वहीं, कोरोना और सर्दी-जुकाम के लक्षण धीरे-धीरे बढ़ते हैं।