पंजाबः विकराल हुई बाढ़ की स्थिति, 561 गांव प्रभावित, छह ट्रेनें रद्द, हेलीकॉप्टर मदद में लगे
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पंजाब में 561 गांव बाढ़ की चपेट में हैं और लोगों के पास खाने-पीने का सामान नहीं है। यह देखते हुए सेना और वायुसेना ने सराहनीय कदम उठाया है। एनडीआरएफ की टीम, सेना और पुलिस बचाव व राहत कार्य में जुटी हुई है। वहीं छह ट्रेनें भी रद्द कर दी गई हैं।
पंजाब ने 1000 करोड़ का विशेष बाढ़ राहत पैकेज मांगा
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पंजाब में बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए 1000 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग की। कैप्टन ने प्रधानमंत्री से यह भी आग्रह किया कि वे संबंधित अधिकारियों को बाढ़ पीड़ित किसानों के फसली कर्ज को माफ करने का निर्देश दें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 1958 के बाद भाखड़ा बांध से सतलुज दरिया में अब तक सबसे ज्यादा पानी छोड़े जाने के कारण बाढ़ के हालात पैदा हुए हैं। इससे खेतों में खड़ी फसलों के साथ गांवों में पानी भर गया है। बाढ़ से हुए नुकसान का आरंभिक आंकलन 1700 करोड़ रुपये से अधिक का है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हालात की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदा घोषित की है।
सतलुज नदी में बाढ़ ने कई स्थानों पर, खासकर रोपड़, लुधियाना, जालंधर और कपूरथला जिलों में 100 गांवों के खड़ी फसलों, घरों समेत ग्रामीण और शहरी बुनियादी ढांचे को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने राज्य सरकार के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे केंद्र्र सरकार के विचारार्थ रिपोर्ट तैयार करे।
रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य के 326 गांवों पर बाढ़ का प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, जिससे लगभग 1.20 लाख एकड़ क्षेत्र में खड़ी फसलें जलमग्न होकर नष्ट हो गई हैं। लोगों को बचाने के लिए सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की मदद ली ली गई है।
शाहकोट सब डिवीजन के बाढ़ प्रभावित 18 गांवों के लोगों को राहत पहुंचाने के लिए सेना के छह हेलीकॉप्टर तैनात तैनात किए हैं। जिला प्रशासन ने सेना के सहयोग से हेलीकॉप्टर के जरिये 36000 पराठे, पानी और 18000 राशन के पैकेट उपलब्ध करवाए।
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जिलाधीश जालंधर वरिंदर कुमार शर्मा ने मंगलवार की शाम मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्मार्ट सिटी जतिंदर जोरवाल के साथ एसडीएम परमवीर और जिला खुराक और सप्लाई कंट्रोलर नरिंदर सिंह की टीम भोजन के पैकेट तैयार कराने के लिए गठित की।
इसके बाद पानी की बोतल के साथ सूखे राशन के पैकेट तैयार करने के लिए व्यक्ति लगाए गए। इसी तरह गुरुद्वारा बाबा निहाल सिंह की प्रबंधक समिति की तरफ से बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 36000 पराठे उपलब्ध करवाए गए। भोजन के यह पैकेट सुबह जालंधर कैंट में पहुंचाए गए। वहां से जिलाधीश वरिंदर कुमार शर्मा और एसएसपी नवजोत सिंह माहल की निगरानी में भोजन के पैकेटों को 6 हेलीकॉप्टरों में भरा गया।
Punjab: Three Cheetah Helicopters are taking 36000 parathas and 18000 litres of water to 18 flood affected villages of Shahkot, in Jalandhar district. pic.twitter.com/KY79b3oi1X
— ANI (@ANI) August 21, 2019
इसके बाद गांव राचक्क बडाला, जानीयां, जानीयां चाहल, महराजवाला, गट्टामंडी कासू, मंडी कासू, मंडी शहरियां, कंग खरद, थेह खुशहालगड़, गट्टीरायपुर, कोठा, फतेहपुर भगवान, इसमायलपुर, पिपलीमियानी, गट्टी पीर बख्स और रायपुर में लोगों तक पहुंचाए।
जिलाधीश और एसएसपी ने बाढ प्रभावित लोगों को मदद पहुंचाने में सहयोग करने के लिए धन्यवाद करते हुए कहा कि इससे लोगों को बहुत राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते तब तक फौज की सहायता के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों में भोजन के पैकेट उपलब्ध करवाए जाते रहेंगे।
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एनडीआरएफ और आर्मी ने किया 368 लोगों का रेस्क्यू
बाढ़ में फंसे लोगों के लिए एनडीआरएफ और आर्मी मददगार साबित हुई हैं। पिछले दो दिन से चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन में अब तक 368 लोगों को निकाल लिया गया है। ये रेस्क्यू ऑपरेशन मक्खू से सटे गांव में चलाया गया। डिप्टी कमिश्नर चंद्र गैंद ने बताया कि आर्मी की फिरोजपुर बेस्ड लोकल डिवीजन और एनडीआरएफ की टीमों को फिलहाल स्टैंड बाय मोड पर रखा गया है।
डिप्टी कमिश्नर ने सतलुज नदी में जलस्तर बढ़ते ही एनडीआरएफ और आर्मी की फिरोजपुर डिवीजन की तैनाती करवा दी थी। जिससे किसी भी तरह की स्थिति से निपटा जा सके। आर्मी की लोकल डिवीजन ने रेस्क्यू ऑपरेशन में 280 लोगों को बचाया है।
लोगों को मौके पर ही सेहत सुविधाएं भी मुहैया करवाई गई हैं। इसी तरह एनडीआरएफ की टीम ने 88 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। इनमें 29 पुरुष, 36 महिलाएं, 23 बच्चे शामिल हैं। एनडीआरएफ टीम की अगुवाई इंस्पेक्टर अनिल यादव और सब इंस्पेक्टर बिहारी लाल ने की। दोनों अधिकारियों की अगुवाई में रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।
बाढ़ के कारण कई ग्रामीण छतों पर बैठे हैं। वहां पर खान-पान की सामग्री जिला प्रशासन की ओर से नहीं भेजी जा रही है। पशुओं के लिए हरा चारा नहीं मिल रहा है। बाढ़ के चलते हरा चारा भी नष्ट हो गया है।
घग्गर का 400 फुट तट बंध टूट कर बहा
पटियाला जिले के हलका शुतराणा में घग्गर दरिया में बुधवार काफी ज्यादा पानी आ गया। पानी का बहाव काफी तेज होने के कारण घग्गर दरिया का 400 फुट के करीब तट बंध टूट कर पानी में बह गया। इससे शुतराणा के दर्जनों गांवों के लोगों में दहशत का माहौल है। हालांकि लोगों ने तुरंत इस संबंधी प्रशासन को सूचित करके इसे भरने का काम जेसीबी की मदद से अपने स्तर पर शुरू कर दिया है।
पहरा दे रहे गांव शुतराणा, नाईवाला, गुलाहड़, जोगेवाला, होतीपुर समेत दर्जनों गांवों के किसानों ने बताया कि घग्गर दरिया पर हरियाणा राज्य की साइड सरकारी बांध है। पंजाब की तरफ सरकारी बांध न होने के कारण ड्रेन विभाग या सरकार कोई फंड मुहैया नहीं कराती। लोगों की ओर से अपने स्तर पर फंड इकट्ठा करके तट बंध बांधा जाता है। लोगों ने तट बंध बांधे जाने की मांग की।
डीसी, एसएसपी ने स्थिति का लिया जायजा
डिप्टी कमिश्नर कुमार अमित और एसएसपी मनदीप सिंह सिद्धू ने बुधवार को घग्गर में बढ़े पानी का जायजा लेने के लिए शुतराना के गांव बादशाहपुर और हरचंदपुरा का दौरा किया। डीसी ने बताया कि टांगरी और मारकंडा नदियों में अधिक पानी आने की वजह से ही घग्गर में पानी का स्तर बढ़ा है। जिला प्रशासन किसी भी तरह की बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
पांच हजार एकड़ जमीन डूबी, नहीं चली ट्रेनें
कपूरथला में ब्यास और सतलुज का जलस्तर बढ़ने से सुल्तानपुर लोधी के करीब 25 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। जिससे किसानों की लगभग 5 हजार एकड़ में धान, सब्जियां और पशुओं का चारा खराब हो गया है। गिदड़पिंडी रेल ट्रैक के आसपास दरिया का पानी पहुंच गया है। रेलवे क्वार्टर भी बाढ़ की चपेट में आ गए है। यहां पर 6-6 फुट पानी जमा है। बाढ़ के चलते सुल्तानपुर लोधी के सरकारी स्कूलों में जिला प्रशासन ने दो दिन की छुट्टी की है।
बुधवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के मुख्य सलाहकार डीएस शेरगिल, कैबिनेट मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ और कपूरथला के विधायक राणा गुरजीत सिंह ने भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। कपूरथला से गुजरती पवित्र काली बेई भी उफान पर है और पवित्र काली बेई में पानी काफी तेजी के साथ बह रहा है। अगर पीछे से पानी बेई में छोड़ा गया तो बेई के किनारे पड़ते गांव भी पानी की चपेट में आ सकते है।
तीसरे दिन भी कपूरथला से फिरोजपुर के लिए नहीं चली कोई ट्रेन
सुल्तानपुर लोधी के साथ लगने वाले गांव गिदड़पिंडी में स्थित बांध टूट जाने के कारण रेलयात्रा प्रभावित है। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जालंधर से प्रतिदिन 12 डीएमयू पैसेंजर फिरोजपुर तक अप-डाउन करती हैं। कपूरथला रेलवे स्टेशन मास्टर राकेश शर्मा ने बताया कि जालंधर-कपूरथला-फिरोजपुर ट्रैक पर मात्र दो डीएमयू पैसेंजर ही चलाई गईं। जब तक ब्यास दरिया का जलस्तर कम नहीं होगा, तब तक डीएमयू को केवल लोहियां खास तक ही भेजा जा रहा है।
फिरोजपुर से जालंधर आने और जालंधर से फिरोजपुर जाने वाली छह ट्रेनों को तीसरे दिन भी रद्द कर दिया गया है। इनमें जालंधर फिरोजपुर 54643, जालंधर से फिरोजपुर जाने वाली 74931, फिरोजपुर से जालंधर जाने वाली 74932, फिरोजपुर से जालंधर जाने वाली 74934, जालंधर से फिरोजपुर जाने वाली 54643, जालंधर होशियारपुर 54638, जालंधर होशियारपुर 54637 को रद्द कर दिया गया।
54644 फिरोजपुर कैंट जालंधर सिटी पैसेंजर ट्रेन को और फिरोजपुर कैंट के बीच रद्द किया गया है। इसी तरह अहमदाबाद जम्मूतवी-जालंधर कैंट स्टेशन से ही चलाया जा रहा है। ट्रेन नं. 9224 जम्मूतवी अहमदाबाद जालंधर कैंट स्टेशन से शाम के 5 बजे चली। जालंधर से सुबह 6:40 बजे डीएमयू-अप (74933) वाया कपूरथला के रास्ते लोहियां खास भेजा गया जो डीएमयू-डाउन (74934) बनकर लोहियां से जालंधर लौटी।