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Chandigarh News: पंजाब में बाढ़... देवदूत बनी सेना, रूद्र के बाद चिनूक तैनात
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब में बाढ़ग्रस्त इलाकों में सेना लोगों के लिए देवदूत बनी हुई है। सेना के साथ-साथ बीएसएफ और सीआरपीएफ ने भी मोर्चा संभाला हुआ है। वेस्टर्न कमांड के अधीनस्थ व्रज कोर और राइजिंग स्टार कोर के जवान दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों को निकाल रहे हैं। फिलहाल 13 टुकड़ियों को राहत कार्याें में लगाया गया है। जरूरत पड़ने पर इनकी संख्या और बढ़ाई जा सकती है।
सेना ने एचएडीआर (ह्यूमेटेरियन असिस्टेंस एंड डिजास्टर रिलीफ) अभियान शुरू कर दिया है जबकि व्रज कोर के जवान ऑपरेशन राहत के साथ लोगों को बचाने के लिए उतर चुके हैं। राहत कार्यों के दौरान सेना ने रूद्र हेलिकॉप्टर के बाद चिनूक (बोइंग सीएच-47) भी तैनात कर दिया है। अभी तक सेना, बीएसएफ और सीआरपीएफ के जवान विभिन्न जिलों से बाढ़ में फंसे कुल 796 लोगों को सुरक्षित निकाल चुके हैं।
सेना के एक अधिकारी ने बताया कि खराब मौसम के बावजूद सेना की टुकड़ियां लोगों की जान बचाने के लिए अथक प्रयास कर रही हैं। व्रज कोर ने बुधवार को गुरदासपुर के काहना गांव से 17 लोगों को रेस्क्यू कर ओगरा गांव तक पहुंचाया। ये लोग अपने घरों की छतों पर फंसे हुए थे और पानी का स्तर बढ़ता जा रहा था। इसी तरह राइजिंग स्टार कोर के जवानों ने पठानकोट के काछेल और सुजानपुर गांव व गुरदासपुर के मकाैड़ा पत्तन और अदालतगढ़ से लोगों को रूद्र हेलिकाॅप्टर की मदद से बचाया। मकाैड़ा पत्तन बॉर्डर पर बसा वह गांव है, जो अत्याधिक बारिश की वजह से रावी का जलस्तर बढ़ने की वजह से पूरी तरह जिला मुख्यालय से कट जाता है।
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इसी तरह बीएसएफ की टीमें भी भारत-पाक सीमा पर सटे बाढ़ ग्रस्त गांवों में रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। इस ऑपरेशन के तहत बीएसएफ की वाटर विंग के प्रशिक्षित जवानों ने गुरदासपुर के मकाैड़ा व कमकोडा गांव से बाढ़ में फंसे 70 लोगों को बचाया। फिरोजपुर के गांव कालूवाला से बीएसएफ के जवानों ने सतलुज नदी के पानी में फंसे 14 लोगों को सकुशल निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
फाजिल्का के गांव माहर जमशेर में एक बुजुर्ग बुरी तरह बाढ़ के पानी में फंस गया था। सूचना मिलने पर बीएसएफ ने उसे बाहर निकाला और सिविल अस्पताल तक पहुंचाया। उधर एक अन्य रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत बीएसएफ ने गुरदासपुर के दिलेरपुर खेड़ा व आसपास क्षेत्र से 60 लोगों को बाढ़ से बचाया।
दरिया किनारे घर की छत पर उतारा हेलिकॉप्टर
बचाव कार्यों के दौरान सेना ने हेलिकॉप्टर रूद्र को खतरनाक ढंग से एक जर्जर मकान की छत पर उतार दिया। दरअसल, पंजाब के माधोपुर हेडवर्क्स के पास बाढ़ के पानी की वजह से मकान का एक हिस्सा अचानक पानी में ढह गया। इस मकान में फंसे लोगों को निकालने के लिए सीआरपीएफ के जवान पहुंचे हुए थे। मकान का एक हिस्सा पानी में गिरने के बाद खतरा और बढ़ गया। इसके चलते सेना ने बड़ा खतरा उठाते हुए जर्जर भवन के साथ सटे अन्य घर की छत पर ही हेलिकॉप्टर उतारते हुए सुरक्षित ढंग से जवानों व लोगाें को बचाया। सेना के अधिकारी ने बताया कि यह जोखिम इसलिए उठाना पड़ा, क्योंकि पानी का स्तर बढ़ रहा था और यह मकान भी पानी में ढहने की कगार पर था।
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चंडीगढ़। पंजाब में बाढ़ग्रस्त इलाकों में सेना लोगों के लिए देवदूत बनी हुई है। सेना के साथ-साथ बीएसएफ और सीआरपीएफ ने भी मोर्चा संभाला हुआ है। वेस्टर्न कमांड के अधीनस्थ व्रज कोर और राइजिंग स्टार कोर के जवान दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों को निकाल रहे हैं। फिलहाल 13 टुकड़ियों को राहत कार्याें में लगाया गया है। जरूरत पड़ने पर इनकी संख्या और बढ़ाई जा सकती है।
सेना ने एचएडीआर (ह्यूमेटेरियन असिस्टेंस एंड डिजास्टर रिलीफ) अभियान शुरू कर दिया है जबकि व्रज कोर के जवान ऑपरेशन राहत के साथ लोगों को बचाने के लिए उतर चुके हैं। राहत कार्यों के दौरान सेना ने रूद्र हेलिकॉप्टर के बाद चिनूक (बोइंग सीएच-47) भी तैनात कर दिया है। अभी तक सेना, बीएसएफ और सीआरपीएफ के जवान विभिन्न जिलों से बाढ़ में फंसे कुल 796 लोगों को सुरक्षित निकाल चुके हैं।
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सेना के एक अधिकारी ने बताया कि खराब मौसम के बावजूद सेना की टुकड़ियां लोगों की जान बचाने के लिए अथक प्रयास कर रही हैं। व्रज कोर ने बुधवार को गुरदासपुर के काहना गांव से 17 लोगों को रेस्क्यू कर ओगरा गांव तक पहुंचाया। ये लोग अपने घरों की छतों पर फंसे हुए थे और पानी का स्तर बढ़ता जा रहा था। इसी तरह राइजिंग स्टार कोर के जवानों ने पठानकोट के काछेल और सुजानपुर गांव व गुरदासपुर के मकाैड़ा पत्तन और अदालतगढ़ से लोगों को रूद्र हेलिकाॅप्टर की मदद से बचाया। मकाैड़ा पत्तन बॉर्डर पर बसा वह गांव है, जो अत्याधिक बारिश की वजह से रावी का जलस्तर बढ़ने की वजह से पूरी तरह जिला मुख्यालय से कट जाता है।
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इसी तरह बीएसएफ की टीमें भी भारत-पाक सीमा पर सटे बाढ़ ग्रस्त गांवों में रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। इस ऑपरेशन के तहत बीएसएफ की वाटर विंग के प्रशिक्षित जवानों ने गुरदासपुर के मकाैड़ा व कमकोडा गांव से बाढ़ में फंसे 70 लोगों को बचाया। फिरोजपुर के गांव कालूवाला से बीएसएफ के जवानों ने सतलुज नदी के पानी में फंसे 14 लोगों को सकुशल निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
फाजिल्का के गांव माहर जमशेर में एक बुजुर्ग बुरी तरह बाढ़ के पानी में फंस गया था। सूचना मिलने पर बीएसएफ ने उसे बाहर निकाला और सिविल अस्पताल तक पहुंचाया। उधर एक अन्य रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत बीएसएफ ने गुरदासपुर के दिलेरपुर खेड़ा व आसपास क्षेत्र से 60 लोगों को बाढ़ से बचाया।
दरिया किनारे घर की छत पर उतारा हेलिकॉप्टर
बचाव कार्यों के दौरान सेना ने हेलिकॉप्टर रूद्र को खतरनाक ढंग से एक जर्जर मकान की छत पर उतार दिया। दरअसल, पंजाब के माधोपुर हेडवर्क्स के पास बाढ़ के पानी की वजह से मकान का एक हिस्सा अचानक पानी में ढह गया। इस मकान में फंसे लोगों को निकालने के लिए सीआरपीएफ के जवान पहुंचे हुए थे। मकान का एक हिस्सा पानी में गिरने के बाद खतरा और बढ़ गया। इसके चलते सेना ने बड़ा खतरा उठाते हुए जर्जर भवन के साथ सटे अन्य घर की छत पर ही हेलिकॉप्टर उतारते हुए सुरक्षित ढंग से जवानों व लोगाें को बचाया। सेना के अधिकारी ने बताया कि यह जोखिम इसलिए उठाना पड़ा, क्योंकि पानी का स्तर बढ़ रहा था और यह मकान भी पानी में ढहने की कगार पर था।