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Chandigarh: फिर खोले गए सुखना लेक के फ्लड गेट, पहाड़ों में हुई बरसात से बढ़ा जलस्तर, प्रशासन अलर्ट
Fri, 14 Jul 2023 11:17 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 14 Jul 2023 11:17 AM IST
सार
गुरुवार सुबह से ही सुखना लेक में पानी का जलस्तर बढ़ने लगा था। पिछले तीन दिन से रुकी बारिश की वजह से लेक में पानी का स्तर 1161 फुट तक पहुंच गया था। गुरुवार को पानी का स्तर 1162 फुट तक पहुंचा और थोड़ी देर में ही 1162.30 फुट तक पानी का स्तर पहुंच गया। इससे इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी अलर्ट हो गए।
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सुखना लेक के फ्लड गेट खोले गए।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पहाड़ों से ज्यादा पानी आने की वजह से शुक्रवार सुबह 9:10 पर सुखना लेक का एक फ्लड गेट खोल दिया गया। हालांकि पानी ज्यादा नहीं छोड़ा गया, इसलिए ज्यादा इलाके प्रभावित नहीं हुए हैं। इसके बावजूद पुलिस ने एहतियातन शास्त्री नगर पुल को बंद कर दिया है।
इसके अलावा किशनगढ़ समेत भगवानपुरा के इलाके में लोगों को सायरन बजाकर फ्लड गेट खोलने की सूचना दे दी गई थी। यूटी प्रशासन की तरफ से फ्लड गेट खोलने से पहले मोहाली-पंचकूला को भी जानकारी दी गई थी।
गुरुवार सुबह शहर में हुई हल्की बारिश और पहाड़ों में जोरदार बारिश की वजह से सुखना लेक का जलस्तर एक बार फिर बढ़ गया। दोपहर के समय पानी 1162.30 फुट पर पहुंच गया था। इससे इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी अलर्ट हो गए।
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यह भी पढ़ें: हिमाचल में बही PRTC बस के कंडक्टर का शव भी बरामद, हड़ताल पर गए चंडीगढ़ डिपो के मुलाजिम
गुरुवार सुबह से ही सुखना लेक में पानी का जलस्तर बढ़ने लगा था। पिछले तीन दिन से रुकी बारिश की वजह से लेक में पानी का स्तर 1161 फुट तक पहुंच गया था, लेकिन गुरुवार को अचानक सुबह के समय सुखना लेक में पानी का जलस्तर बढ़ने लगा। देखते ही देखते पानी का स्तर 1162 फुट तक पहुंचा और थोड़ी देर में ही 1162.30 फुट तक पानी का स्तर पहुंच गया। इससे इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी अलर्ट हो गए। सुखना लेक पर कई वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। तय हुआ कि अगर पानी 1162.40 फुट तक पहुंचेगा, तो फ्लड गेट खोल दिए जाएंगे। हालांकि इसके बाद पानी का स्तर नहीं बढ़ा, जिससे फ्लड गेट खोलने की नौबत नहीं आई।
यूटी प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने बताया कि गुरुवार को लेक में पानी का स्तर बढ़ा था लेकिन फ्लड गेट नहीं खोलने पड़े थे। लेक में पानी के स्तर पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है।
1165 फुट पर पहुंच गया है पानी
सुखना लेक में 1163 फुट को खतरे का निशान माना जाता है लेकिन पिछले दिनों हुई भारी बारिश के बाद सुखना लेक में 1165.40 फुट तक पानी पहुंच गया था। इसके बाद सुखना लेक के दो फ्लड गेट छह फुट तक खोलने पड़े थे। यह चंडीगढ़ के इतिहास में पहली बार हुआ था।
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इसके अलावा किशनगढ़ समेत भगवानपुरा के इलाके में लोगों को सायरन बजाकर फ्लड गेट खोलने की सूचना दे दी गई थी। यूटी प्रशासन की तरफ से फ्लड गेट खोलने से पहले मोहाली-पंचकूला को भी जानकारी दी गई थी।
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गुरुवार सुबह शहर में हुई हल्की बारिश और पहाड़ों में जोरदार बारिश की वजह से सुखना लेक का जलस्तर एक बार फिर बढ़ गया। दोपहर के समय पानी 1162.30 फुट पर पहुंच गया था। इससे इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी अलर्ट हो गए।
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गुरुवार सुबह से ही सुखना लेक में पानी का जलस्तर बढ़ने लगा था। पिछले तीन दिन से रुकी बारिश की वजह से लेक में पानी का स्तर 1161 फुट तक पहुंच गया था, लेकिन गुरुवार को अचानक सुबह के समय सुखना लेक में पानी का जलस्तर बढ़ने लगा। देखते ही देखते पानी का स्तर 1162 फुट तक पहुंचा और थोड़ी देर में ही 1162.30 फुट तक पानी का स्तर पहुंच गया। इससे इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी अलर्ट हो गए। सुखना लेक पर कई वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। तय हुआ कि अगर पानी 1162.40 फुट तक पहुंचेगा, तो फ्लड गेट खोल दिए जाएंगे। हालांकि इसके बाद पानी का स्तर नहीं बढ़ा, जिससे फ्लड गेट खोलने की नौबत नहीं आई।
यूटी प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने बताया कि गुरुवार को लेक में पानी का स्तर बढ़ा था लेकिन फ्लड गेट नहीं खोलने पड़े थे। लेक में पानी के स्तर पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है।
1165 फुट पर पहुंच गया है पानी
सुखना लेक में 1163 फुट को खतरे का निशान माना जाता है लेकिन पिछले दिनों हुई भारी बारिश के बाद सुखना लेक में 1165.40 फुट तक पानी पहुंच गया था। इसके बाद सुखना लेक के दो फ्लड गेट छह फुट तक खोलने पड़े थे। यह चंडीगढ़ के इतिहास में पहली बार हुआ था।