भारत बंद से रेल सेवा प्रभावित : पांच ट्रेनें हुईं रद्द, चंडीगढ़ स्टेशन पर 12 घंटे फंसे रहे 1000 यात्री
- शाम 6.44 बजे स्पेशल चंडीगढ़-इंदौर एक्सप्रेस से रवाना हो सके यात्री
- रेलवे स्टेशन पर किसी ने खेला लूडो तो किसी ने देखी वेब सीरीज
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भारत बंद के कारण स्पेशल कालका-नई दिल्ली शताब्दी, जन शताब्दी, चंडीगढ़-लखनऊ एक्सप्रेस, पश्चिम व ऊंचाहार एक्सप्रेस रद्द होने से करीब 1000 यात्री चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर फंसे रहे। इस दौरान उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों ने कैसे अपना समय व्यतीत किया पढ़िए लाइव रिपोर्ट।
समय: सुबह 5.30 बजे, स्थान : कालका रेलवे स्टेशन
कालका- नई दिल्ली शताब्दी कोविड स्पेशल ट्रेन के इंतजार में 60 यात्री खड़े थे। जैसे ही ट्रेन प्लेटफार्म पर आकर रुकी तो यात्रियों ने राहत की सांस ली कि अब वे तय समय पर दिल्ली पहुंच जाएंगे। ठीक सुबह 6.15 बजे कालका रेलवे स्टेशन से शताब्दी नई दिल्ली के लिए रवाना हुई। सुबह 6.25 बजे ट्रेन चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंची। यहां पहले से ट्रेन के इंतजार में खड़े करीब 340 यात्री भी ट्रेन में सवार हो गए।
जैसे ही सुबह सात बजे के बाद समय बीतने लगा यात्रियों की धड़कन तेज होने लगी कि आखिर शताब्दी चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से आगे क्यों नहीं बढ़ रही है। बार-बार घड़ी देखने लगे। इस तरह देखते ही देखते सुबह 10.30 बजे का समय हो गया। यात्रियों को रेलवे की ओर से की जा रही घोषणा से सूचना मिली कि भारत बंद के चलते स्पेशल कालका- नई दिल्ली शताब्दी, जन शताब्दी और ऊंचाहार एक्सप्रेस रद्द कर दिया गया है।
यह सुनते ही मुसाफिरों पर मायूसी छा गई। चंडीगढ़ वाले यात्री तो घर लौट गए लेकिन ट्रेन में बैठे यात्रियों को करीब बारह घंटे चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर बिताने पड़े। शाम 6.44 बजे स्पेशल चंडीगढ़-इंदौर एक्सप्रेस से ये मुसाफिर रवाना हो सके।
ऐसे बिताया यात्रियों ने समय
ट्रेन रद्द होने के बाद यात्री मोबाइल पर व्यस्त दिखे। कोई लूडो खेल रहा था तो कोई वेब सीरीज देखने में व्यस्त था। वहीं, महिलाएं बच्चों को संभालती दिखी। यात्रियों को यही चिंता सताए जा रही थी कि कैसे अपने घर तक पहुंचेंगे।
क्या कहते हैं यात्री
जन शताब्दी पकड़ी... चंडीगढ़ आकर 12 घंटे तक फंसे रहे
बिहार के गोपालगंज निवासी ब्रिजेश कुमार सिंह और अविनाश ने बताया कि भारत बंद के चक्कर में बस छोड़कर विकल्प के रूम में दिल्ली के लिए जन शताब्दी को चुना। उन्होंने बताया कि 7.20 बजे मोहाली से ट्रेन चंडीगढ़ के लिए निकली। राहत मिली कि अब तो शुक्रवार को अपने घर समय से पहुंच जाएंगे लेकिन ट्रेन चंडीगढ़ आकर रुक गई। पूरे दिन यहां फंसे रहे। दिल्ली की ट्रेन भी छूट गई। अब घर जाने के लिए दिल्ली से सीवान तक धक्के खाने पड़ेंगे।
शताब्दी में रह गई दूध की बोतल, बिलखता रहा बच्चा
विमलेश और पूजा ने बताया कि स्पेशल कालका नई दिल्ली शताब्दी से उन्हें दिल्ली तक जाना था लेकिन बीच रास्ते में कालका से चंडीगढ़ में आकर वे फंस गए। साथ में दो साल का बच्चा भी है। जब ट्रेन रद्द होने की सूचना मिली तो सामान उतारने के चक्कर में बेटे की दूध की बोतल ट्रेन में ही छूट गई। 10 मिनट बाद जाकर देखा तो बोतल गायब थी। काफी देर तक बच्चा दूध के लिए बिलखता रहा। करीब एक किमी पैदल जाकर मार्केट से दूध की बोतल खरीदकर लाए। उधर, नई दिल्ली से गया जंक्शन जाने के लिए महाबोधि ट्रेन में टिकट बुक कराया था, वह ट्रेन भी छूट गई।