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विधायकों की खरीद-फरोख्त का मामला: ADGP के नेतृत्व में पांच अधिकारी करेंगे जांच, पंजाब में गरमाया मुद्दा
Thu, 15 Sep 2022 09:41 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 15 Sep 2022 09:41 PM IST
सार
खरीद-फरोख्त की बात उजागर होने के बाद विधायकों ने जान से मारने की धमकी का मुद्दा उठाया था। गुरुवार को आम आदमी पार्टी ने पंजाब पुलिस को पत्र लिखकर विधायकों को उचित सुरक्षा मुहैया करवाने का आग्रह किया है।
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प्रेसवार्ता करते वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा।
- फोटो : AAP Punjab
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विस्तार
आप विधायकों के खरीद-फरोख्त मामले की जांच के लिए अधिकारियों की टीम गठित कर दी गई है। एडीजीपी की अगुवाई में पांच अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। एआईजी स्तर के अधिकारी जांच अधिकारी होंगे। सहयोग के लिए दो एसपी और दो डीएसपी को भी जोड़ा गया है। साथ ही साइबर सेल को भी लगाया गया है। पुलिस अधीक्षक से नीचे का अधिकारी विधायकों से पूछताछ नहीं करेगा।
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आप विधायकों की शिकायत मिलने के बाद गुरुवार को इस संबंध में पुलिस अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। इसमें अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर जल्द पूरे मामले की रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। बताया गया है कि जांच टीम जल्द शिकायतकर्ता विधायकों के बयान दर्ज कर सकती है।
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कॉल रिकॉर्ड व अन्य सबूत साइबर सेल को सौंप गए हैं। वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा की अगुवाई में 12 आप विधायकों ने बुधवार को पंजाब के डीजीपी गौरव यादव से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। चीमा का आरोप था कि भाजपा पंजाब में आप सरकार गिराने की साजिश रच रही है। भाजपा ने पार्टी के 10 विधायकों को 25-25 करोड़ रुपये का ऑफर दिया है। साथ ही कुछ विधायकों को जान से मारने की धमकी दी गई है। शिकायत मिलने के बाद बुधवार रात पंजाब पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्जकर जांच विजिलेंस को सौंप दी थी।
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विधायकों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग
खरीद-फरोख्त की बात उजागर होने के बाद विधायकों ने जान से मारने की धमकी का मुद्दा उठाया था। गुरुवार को आम आदमी पार्टी ने पंजाब पुलिस को पत्र लिखकर विधायकों को उचित सुरक्षा मुहैया करवाने का आग्रह किया है। हालांकि इस पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है। फिलहाल विधायक के रूप में नियमानुसार सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराए गए हैं।
चीमा के साथ डीजीपी से मिलने गए विधायकों में शीतल अंगुराल, दिनेश चड्ढा, रमन अरोड़ा, प्रिंसिपल बुद्ध राम, कुलवंत पंडोरी, नरिंदर भराज, रजनीश दहिया, मंजीत बिलासपुर, रुपिंदर हैप्पी, लाभ सिंह उगोके शामिल थे। चीमा ने यह भी कहा था कि इनमें वे विधायक भी शामिल हैं, जिन्हें खरीदने की पेशकश और जान से मारने की धमकी दी गई।