Mohali: मोहाली में पांच किसान संगठनों का धरना, राजेवाल बोले- पंजाब के पास देने को पानी नहीं, चंडीगढ़ भी हमारा
बलवीर सिंह राजेवाल ने कहा कि पंजाब के पानी को बचाने के लिए किसान जत्थेबंदियों ने 18 जनवरी को 'चंडीगढ़ चलो' का एलान किया है और 18 जनवरी से यहां पक्का मोर्चा लगाकर पानी को बचाने की जंग लड़ी जाएगी।
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सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के मुद्दे पर पंजाब के पांच किसान संगठन चंडीगढ़ कूच के उद्देश्य से गुरुवार को मोहाली पहुंचे। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के प्रधान बलवीर सिंह राजेवाल ने कहा कि पंजाब के पास किसी को देने के लिए पानी नहीं है और चंडीगढ़ भी हमारा है। वहीं यह भी कहा कि शहीदी दिहाड़े के दौरान एसवाईएल का प्रतिनिधिमंडल भेजना गलत है। रही बात पानी देने की तो राज्य में पहले से ही भूमिगत पानी कम है इसलिए अन्य राज्यों को एक बूंद पानी नहीं देंगे।
किसानों के धरने के चलते सुबह साढ़े 10 से दोपहर साढ़े तीन बजे तक हाईवे जाम रहा। इस कारण मनाली से चंडीगढ़ आने वाले पर्यटक परेशान हुए। धरने पर बैठे किसानों से एसडीएम चंद्रज्योति ने ज्ञापन लिया। इसके बाद किसान धरने से उठे।
बता दें कि सैकड़ों किसान सुबह 10 बजे से ही दारा स्टूडियो चौक पर इकट्ठा होना शुरु हो गए थे। किसान संगठन चंडीगढ़ में एसवाईएल के मुद्दे पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र शेखावत की अगुवाई में पंजाब व हरियाणा के मुख्यमंत्री की मीटिंग का विरोध करने पहुंचे थे। किसानों ने हाथों में काली झंडियां लेकर रोष मार्च निकाला और केंद्र सरकार के खिलाफ सड़क जाम कर धरना दिया।
किसानों ने चंडीगढ़ घुसने का भी प्रयास किया लेकिन उन्हें सीमा पर मोहाली-चंडीगढ़ पुलिस ने रोक दिया। किसानों को जब आगे नहीं जाने दिया गया तो उन्हेांने फेज-6 स्थित गुरुद्वारा साहिब के आगे सड़क पर ही धरना लगा लिया। सुबह साढ़े 10 बजे से दोपहर साढ़े तीन बजे तक हाईवे जाम रहा। दोपहर बाद एसडीएम मोहाली चंद्रज्योति सिंह मौके पर पहुंचे और किसानों से ज्ञापन लिया।
रोष प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन राजेवाल, आजाद किसान संघर्ष कमेटी, किसान संघर्ष कमेटी पंजाब, भारती किसान यूनियन मानसा और ऑल इंडिया किसान फेडरेशन शामिल हुईं। भारतीय किसान यूनियन के प्रधान बलवीर सिंह राजेवाल ने कहा कि केंद्रीय मंत्री की अगुवई में होने वाली यह मीटिंग जानबूझ कर साहिबजादों के शहीदी दिहाड़े वाले दिनों में रखी गई है जिसका वे विरोध करते हैं। इस समय पंजाब में सभी साहिबजादों का शहीदी समागम मनाया जा रहा है जिस कारण इस मीटिंग को रखना सोची समझी साजिश है, इसको अगली तारीख में भी रखा जा सकता था। राजेवाल ने कहा कि पंजाब की धरती के नीचे पानी बहुत जल्द खत्म हो रहा है।

2030 में पंजाब में नहीं होगा पानी, कैसे दें: राजेवाल
संसद में पेश हो चुकी एक रिपोर्ट के अनुसार पंजाब की धरती के नीचे पानी 2030 तक बिल्कुल खत्म हो जाएगा। पंजाब के पास किसी को देने के लिए पानी नहीं है। राजेवाल ने कहा कि चंडीगढ़ भी हमारा है। उन्होंने कहा कि सरकारें इस तरफ कुछ ध्यान नहीं दे रही। पंजाब के पानी को बचाने के लिए किसान जत्थेबंदियों ने 18 जनवरी को चंडीगढ़ चलो का एलान किया है और 18 जनवरी से यहां पक्का मोर्चा लगाकर पानी को बचाने की जंग लड़ी जाएगी।
छह घंटे लगा हाईवे पर जाम, डायर्वट करना पड़ा रूट
किसान संगठनों ने सुबह ही हाइवे पर जाम लगा दिया था, जिस कारण करीब छह घंटे तक सड़कों पर जाम लगा रहा। मनाली से चंडीगढ़ आने वाले लोगों को काफी परेशान होना पड़ा। पुलिस प्रशासन ने कुराली से रूट डायवर्ट कर दिया था। मनाली से चंडीगढ़ की ओर आने वाले वाहनों को वाया कुराली न्यू मुल्लांपुर से चंडीगढ़ में प्रवेश करना पड़ा और दिल्ली जाने वाले वाहनों को खरड़ से डायवर्ट कर एयरपोर्ट रोड से डेराबस्सी-अंबाला भेजा जा रहा था।