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नेता ने सरकारी गनमैन हासिल करने के लिए अपनाया ऐसा तरीका, पहुंच गया जेल
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब)
Updated Thu, 12 Oct 2017 10:10 AM IST
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शिवसेना के नेता रोहित साहनी की पुलिस अधिकरियों के साथ पुरानी फोटो।
- फोटो : File Photo
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सरकारी गनमैन लेकर राजनीतिक रुतबा बढ़ाने की ख्वाहिश पूरी करने के लिए अपने ही घर में धमकी भरे पत्र फेंकवाने वाले शिवसेना हिंद के राष्ट्रीय उपप्रधान रोहित साहनी को ऐसा करना महंगा पड़ा। मामले का खुलासा होने के साथ ही पुलिस ने इस प्रकरण में रोहित साहनी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को पूछताछ के लिए कोर्ट से रिमांड भी हासिल की है। जबकि मामले का एक अन्य आरोपी बलजीत सिंह अभी फरार है।
पुलिस ने रोहित साहनी के अलावा इस मामले में जिला प्रधान संचित मल्होत्रा को भी आरोपी बनाया है। पुलिस का दावा है कि उन्होंने खुद अपने साथियों के साथ मिलकर घर के बाहर धमकी भरे पत्र फेंकवाए। इस बीच वह लगातार पुलिस से यह कहते रहे कि उन्हें कुछ संगठनों से जुड़े लोगों की ओर से लगातार धमकियां मिल रही हैं। यह सारी प्लानिंग रोहित साहनी और उसके जिला प्रधान संचित मल्होत्रा ने अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर बनाई थी।
पुलिस ने मामले में सरदार नगर के रहने वाले शिवसेना हिंद के जिला प्रधान संचित मल्होत्रा, शिवसेना हिंद के राष्ट्रीय उपप्रधान रोहित साहनी, गांव मेहरबान के मनिंदर सिंह उर्फ गोल्डी, बलदेव नगर के रनहे वाले प्रेम सागर, जगीरपुर रोड स्थित गोल्डन एवेन्यू कालोनी के रहने वाले गुरप्रीत सिंह उर्फ सोनू के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर बुधवार को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर संचित के खास दोस्त बलजीत सिंह की तलाश में जुटी है।
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पुलिस ने रोहित साहनी के अलावा इस मामले में जिला प्रधान संचित मल्होत्रा को भी आरोपी बनाया है। पुलिस का दावा है कि उन्होंने खुद अपने साथियों के साथ मिलकर घर के बाहर धमकी भरे पत्र फेंकवाए। इस बीच वह लगातार पुलिस से यह कहते रहे कि उन्हें कुछ संगठनों से जुड़े लोगों की ओर से लगातार धमकियां मिल रही हैं। यह सारी प्लानिंग रोहित साहनी और उसके जिला प्रधान संचित मल्होत्रा ने अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर बनाई थी।
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पुलिस ने मामले में सरदार नगर के रहने वाले शिवसेना हिंद के जिला प्रधान संचित मल्होत्रा, शिवसेना हिंद के राष्ट्रीय उपप्रधान रोहित साहनी, गांव मेहरबान के मनिंदर सिंह उर्फ गोल्डी, बलदेव नगर के रनहे वाले प्रेम सागर, जगीरपुर रोड स्थित गोल्डन एवेन्यू कालोनी के रहने वाले गुरप्रीत सिंह उर्फ सोनू के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर बुधवार को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर संचित के खास दोस्त बलजीत सिंह की तलाश में जुटी है।
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ऐसे बनाई थी प्लानिंग
रोहित साहनी की फाइल फोटो।
- फोटो : File Photo
धमकी मिलने की शिकायत की जांच में सामने आया सच
पुलिस ने शुरुआती जांच में संचित के फोन पर वाट्सअप पर आई धमकियाें वाले नंबर की जांच की तो पता चला कि उक्त फोन गोल्डी इस्तेमाल कर रहा था। इसके बाद पुलिस ने सारी जांच की तो लगातार कड़िया जुड़ती गईं। पुलिस कमिश्नर आरएन ढोके ने कहा कि एक सितंबर को शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की गई तो सारा मामला खुलकर सामने आ गया।
बलजीत ने बनाई थी प्लानिंग
पुलिस कमिश्नर आरएन ढोके ने कहा कि रोहित साहनी के पास पहले से ही एक गनमैन था। जबकि संचित मल्होत्रा खुद गनमैन लेना चाहता था और रोहित अपने गनमैन बढ़ाना चाहता था। योजना में शामिल आरोपी बलजीत, संचित मल्होत्रा का खास दोस्त था। उसी ने सारी प्लानिंग तैयार की। उसने गोल्डी और संचित की मुलाकात करवाई। बलजीत ने ही गोल्डी और आरोपी सन्नी को पगड़ी पहनाकर उनके मुंह ढके थे और धमकी वाले पत्र फेंकवाने के लिए आरोपी सन्नी का ही बाइक इस्तेमाल किया गया था।
प्लानिंग के तहत संचित को दो हजार रुपये में एक मोबाइल फोन दिए गए थे। उसके बाद उसे एक सिम भी मुहैया कराया गया, ताकि वह वाट्सअप पर भी धमकियां दे सके। गोल्डी अनपढ़ था इसलिए उसे इंग्लिश में मैसेज टाइप करना नहीं आता था। उसने अपने खास दोस्त गुरप्रीत सोनू से मैसेज टाइप करवाए और संचित को धमकियां दी। उसके बाद प्रेम सागर उर्फ सन्नी और गोल्डी पोस्टर लेकर संचित के घर के बाहर पहुंचे और कार के बोनट पर धमकी भरे पोस्टर फेंककर फरार हो गए।
पुलिस ने शुरुआती जांच में संचित के फोन पर वाट्सअप पर आई धमकियाें वाले नंबर की जांच की तो पता चला कि उक्त फोन गोल्डी इस्तेमाल कर रहा था। इसके बाद पुलिस ने सारी जांच की तो लगातार कड़िया जुड़ती गईं। पुलिस कमिश्नर आरएन ढोके ने कहा कि एक सितंबर को शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की गई तो सारा मामला खुलकर सामने आ गया।
बलजीत ने बनाई थी प्लानिंग
पुलिस कमिश्नर आरएन ढोके ने कहा कि रोहित साहनी के पास पहले से ही एक गनमैन था। जबकि संचित मल्होत्रा खुद गनमैन लेना चाहता था और रोहित अपने गनमैन बढ़ाना चाहता था। योजना में शामिल आरोपी बलजीत, संचित मल्होत्रा का खास दोस्त था। उसी ने सारी प्लानिंग तैयार की। उसने गोल्डी और संचित की मुलाकात करवाई। बलजीत ने ही गोल्डी और आरोपी सन्नी को पगड़ी पहनाकर उनके मुंह ढके थे और धमकी वाले पत्र फेंकवाने के लिए आरोपी सन्नी का ही बाइक इस्तेमाल किया गया था।
प्लानिंग के तहत संचित को दो हजार रुपये में एक मोबाइल फोन दिए गए थे। उसके बाद उसे एक सिम भी मुहैया कराया गया, ताकि वह वाट्सअप पर भी धमकियां दे सके। गोल्डी अनपढ़ था इसलिए उसे इंग्लिश में मैसेज टाइप करना नहीं आता था। उसने अपने खास दोस्त गुरप्रीत सोनू से मैसेज टाइप करवाए और संचित को धमकियां दी। उसके बाद प्रेम सागर उर्फ सन्नी और गोल्डी पोस्टर लेकर संचित के घर के बाहर पहुंचे और कार के बोनट पर धमकी भरे पोस्टर फेंककर फरार हो गए।