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हरियाणा की पहली महिला लोको पायलट की डिलीवरी के बाद मौत, CMO ने बैठाई जांच
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला कैंट(हरियाणा)
Updated Wed, 03 Jan 2018 09:44 AM IST
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हरियाणा की पहली महिला लोको पायलट की डिलीवरी के बाद मौत
- फोटो : File Photo
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हरियाणा की पहली महिला लोको पायलट रजनी बाली की सोमवार देर रात करीब डेढ़ बजे बेटी को जन्म देने के बाद तबीयत खराब होने से मौत हो गई। रजनी को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
आरोप है कि परिजनों के कहने के बावजूद अस्पताल स्टाफ ने सिजेरियन डिलीवरी नहीं कराई। मामला स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के संज्ञान में आते ही उन्होंने जांच के आदेश दिए हैं। नवजात बच्ची को अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। अंबाला में असिस्टेंट रेलवे लोको पायलट के पद पर तैनात रजनी बाली (32) को 29 दिसंबर को सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया था। रजनी के पति शिव शक्ति का कहना है कि रेलवे अस्पताल ने सिजेरियन डिलीवरी की सलाह दी थी।
यह बात सिविल अस्पताल के स्टाफ को बताई भी लेकिन उन्होंने नार्मल डिलीवरी पर जोर दिया। एक जनवरी की रात रजनी को प्रसव पीड़ा हुई जो असहनीय हो गई। शिव शक्ति ने बताया कि डॉक्टर और वार्ड के स्टाफ ने उनकी पत्नी के इलाज में पूरा सहयोग किया। रजनी को बचाने के लिए जी जान लगा दी, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। उन्होंने किसी के खिलाफ पुलिस में शिकायत देने से इनकार कर दिया। रजनी की एक साढ़े आठ साल की बेटी और है, जो मां की मौत से परेशान है।
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आरोप है कि परिजनों के कहने के बावजूद अस्पताल स्टाफ ने सिजेरियन डिलीवरी नहीं कराई। मामला स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के संज्ञान में आते ही उन्होंने जांच के आदेश दिए हैं। नवजात बच्ची को अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। अंबाला में असिस्टेंट रेलवे लोको पायलट के पद पर तैनात रजनी बाली (32) को 29 दिसंबर को सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया था। रजनी के पति शिव शक्ति का कहना है कि रेलवे अस्पताल ने सिजेरियन डिलीवरी की सलाह दी थी।
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यह बात सिविल अस्पताल के स्टाफ को बताई भी लेकिन उन्होंने नार्मल डिलीवरी पर जोर दिया। एक जनवरी की रात रजनी को प्रसव पीड़ा हुई जो असहनीय हो गई। शिव शक्ति ने बताया कि डॉक्टर और वार्ड के स्टाफ ने उनकी पत्नी के इलाज में पूरा सहयोग किया। रजनी को बचाने के लिए जी जान लगा दी, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। उन्होंने किसी के खिलाफ पुलिस में शिकायत देने से इनकार कर दिया। रजनी की एक साढ़े आठ साल की बेटी और है, जो मां की मौत से परेशान है।
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आक्सीजन सिलिंडर लेकर दौड़ा पति
हरियाणा की पहली महिला लोको पायलट की डिलीवरी के बाद मौत
- फोटो : File Photo
आक्सीजन सिलिंडर लेकर दौड़ा पति
महिला लोको पायलट के पति शिव शक्ति ने बताया कि डिलीवरी के बाद बिगड़ी हालत में उनकी पत्नी रजनी को स्ट्रेचर पर इमरजेंसी वार्ड में ले जाया जा रहा था तो स्ट्रेचर और आक्सीजन सिलिंडर संभालने के लिए पर्याप्त स्टाफ नहीं था। बार-बार उसकी नाक में डाला गया आक्सीजन पाइप बाहर निकल रहा था, जिसे पकड़ने वाला कोई नहीं था। इस हाल में उसने खुद स्टाफ की मदद की।
सीएमओ ने बैठाई जांच
सिविल अस्पताल प्रबंधन ने रजनी की मौत की जांच शुरू कर दी है। सीएमओ डा. विनोद गुप्ता ने बताया कि डिलीवरी के दौरान महिला को कुछ कंप्लीकेशंस हो गई थीं, जिन्हें डाक्टरों ने संभालने का प्रयास किया, लेकिन दुख है महिला को बचाया नहीं जा सका।
ट्रेनिंग में टॉप किया था रजनी ने
अंबाला सिटी स्थित कल्पना चावला पालीटेक्निक से डिप्लोमा करने के बाद रजनी बाली ने वर्ष 2013 में महिला दिवस के दिन लोको पायलट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। इसी के साथ वह हरियाणा की पहली महिला लोको पायलट बनी थीं। रजनी के पिता कमल कुमार भी लोको पायलट थे। रजनी पहली बार चंडीगढ़ से अंबाला कैंट तक पैसेंजर ट्रेन लेकर आई थीं। इस समय वह मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों के परिचालन से जुड़ी थीं।
डिलीवरी के दौरान महिला लोको पायलट की मौत दुखद है। इस बारे में अधिकारियों से बातचीत की है। मामले में जांच कराई जाएगी। आखिर महिला की मौत की असल वजह क्या है यह पता चलना जरूरी है।
- अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री
महिला लोको पायलट के पति शिव शक्ति ने बताया कि डिलीवरी के बाद बिगड़ी हालत में उनकी पत्नी रजनी को स्ट्रेचर पर इमरजेंसी वार्ड में ले जाया जा रहा था तो स्ट्रेचर और आक्सीजन सिलिंडर संभालने के लिए पर्याप्त स्टाफ नहीं था। बार-बार उसकी नाक में डाला गया आक्सीजन पाइप बाहर निकल रहा था, जिसे पकड़ने वाला कोई नहीं था। इस हाल में उसने खुद स्टाफ की मदद की।
सीएमओ ने बैठाई जांच
सिविल अस्पताल प्रबंधन ने रजनी की मौत की जांच शुरू कर दी है। सीएमओ डा. विनोद गुप्ता ने बताया कि डिलीवरी के दौरान महिला को कुछ कंप्लीकेशंस हो गई थीं, जिन्हें डाक्टरों ने संभालने का प्रयास किया, लेकिन दुख है महिला को बचाया नहीं जा सका।
ट्रेनिंग में टॉप किया था रजनी ने
अंबाला सिटी स्थित कल्पना चावला पालीटेक्निक से डिप्लोमा करने के बाद रजनी बाली ने वर्ष 2013 में महिला दिवस के दिन लोको पायलट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। इसी के साथ वह हरियाणा की पहली महिला लोको पायलट बनी थीं। रजनी के पिता कमल कुमार भी लोको पायलट थे। रजनी पहली बार चंडीगढ़ से अंबाला कैंट तक पैसेंजर ट्रेन लेकर आई थीं। इस समय वह मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों के परिचालन से जुड़ी थीं।
डिलीवरी के दौरान महिला लोको पायलट की मौत दुखद है। इस बारे में अधिकारियों से बातचीत की है। मामले में जांच कराई जाएगी। आखिर महिला की मौत की असल वजह क्या है यह पता चलना जरूरी है।
- अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री