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हाईकोर्ट का फरमान...पहले सबूत देखेंगे, फिर सुखबीर-मजीठिया के खिलाफ शिकायत पर सुनवाई
Tue, 12 Feb 2019 09:36 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 12 Feb 2019 09:36 AM IST
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
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रि. जस्टिस रंजीत सिंह की सुखबीर बादल और बिक्रमजीत सिंह मजीठिया को लेकर की गई शिकायत वाली याचिका पर सुनवाई से पहले हाईकोर्ट ने टिप्पणी करने वाले बयानों की सीडी सुनने का निर्णय लिया है। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई दो दिन के लिए टालते हुए पहले बयानों को सुनने और उसके बाद सुनवाई की बात कहते हुए फिलहाल नोटिस जारी नहीं किया है।
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सोमवार को जस्टिस रंजीत सिंह की शिकायत पर सुनवाई शुरू होते ही जस्टिस अमित रावल ने कहा कि इस मामले को लेकर शिकायत क्यों, वह मानहानि का केस भी दायर कर सकते थे। इस पर जस्टिस रंजीत सिंह के वकील ने कमीशन ऑफ इन्क्वायरी एक्ट की धारा-10 ए का हवाला देते हुए कहा कि इस मामले में हाईकोर्ट में ही शिकायत की जा सकती है।
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ऐसे में हाईकोर्ट को दोनों के खिलाफ नोटिस जारी करना चाहिए। इस पर जस्टिस अमित रावल की राय भिन्न थी। उनका कहना था कि किसी भी शिकायत पर पहले सबूतों और गवाहों को देखा जाता है फिर उसके बाद ही नोटिस जारी किया जा सकता है।
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इस सवाल पर जस्टिस रंजीत सिंह के वकील ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा गत वर्ष शफी मोहम्मद बनाम हिमाचल प्रदेश के केस का हवाला देते हुए कहा कि इस मामले में कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया था कि जब प्राथमिक सबूत दिए जा चुके हों तो हाईकोर्ट नोटिस जारी कर सकता है।
मामले में सुखबीर बादल और बिक्रमजीत सिंह मजीठिया द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस और विधान सभा के बाहर उन पर की गई टिप्पणी जो विभिन्न चैनलों में दिखाई गई थी उसकी सीडी सौंप चुका है। हाईकोर्ट उसे देख सकता है। इस पर जस्टिस अमित रावल ने सीडी को देखने के बाद ही आगे आदेश जारी किये जाने के लिए सुनवाई बुधवार तक स्थगित कर दी है।