पंजाब विधानसभा चुनाव: पहली बार चुनाव मैदान में किसान, 77 सीटों पर इन्हीं का दबदबा, गठबंधन पर आप से नहीं बनी बात
पंजाब की राजनीति में सियासतदारों के लिए किसान मजबूरी हैं। इसकी वजह यह है कि यहां की 117 सीटों में 77 सीटें ऐसी हैं, जहां का वोट बैंक खेती-किसानी से जुड़ा हुआ है। इनके साथ ही कुछ ऐसे लोग भी हैं जो सीधे किसानों से जुड़े हुए हैं। इनमें कृषि क्षेत्र से जुड़े उद्योग भी प्रमुख रूप से शामिल हैं।
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2022 के रण में आम आदमी पार्टी और संयुक्त समाज मोर्चा की राह जुदा रहेगी। दोनों के बीच गठबंधन की सिर्फ चर्चा रही। आप प्रदेश अध्यक्ष और सांसद भगवंत मान ने ऐसे संकेत दिए हैं कि गठबंधन को लेकर उनकी किसानों के साथ कोई बातचीत नहीं हुई। पार्टी अकेले ही 117 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। वहीं, किसानों का कहना है कि अगर आप संयुक्त समाज मोर्चा के साथ चुनाव लड़ती है तो चुनाव में अच्छे परिणाम देखने को मिलते।
कृषि कानूनों की सफलता के बाद पहली बार पंजाब में किसान सियासी मैदान में दिखाई दे रहे हैं। सूबे के होने वाले विधानसभा चुनाव में 22 किसान संगठनों ने चुनाव लड़ने के लिए संयुक्त समाज मोर्चा का गठन किया है। इसके जरिए वे चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद आम आदमी पार्टी किसानों के साथ गठबंधन करने का प्रयास कर रही थी।
चर्चा यहां तक थी कि संयुक्त किसान मोर्चा के बड़े चेहरे बलबीर सिंह राजेवाल को आप अपना मुख्यमंत्री चेहरा घोषित कर सकती है। आप नेताओं के साथ ही किसानों ने भी गठबंधन को लेकर बातचीत की बात कही थी लेकिन अब इस चर्चा पर पंजाब में आप के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद भगवंत मान ने विराम लगा दिया है।
उन्होंने ऐसे संकेत दिए हैं कि आम आदमी पार्टी अकेले ही सूबे की 117 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। दूसरी ओर, कुछ किसान नेताओं का भी कहना है कि अभी भी कुछ नहीं बिगड़ा है। अगर दोनों साथ चुनाव लड़ते तो चुनाव में तस्वीर कुछ और होती। हालांकि आप के केंद्रीय नेतृत्व पर इसको लेकर अभी तक कोई भी आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।
आप घोषित कर चुकी है 104 उम्मीदवार
संयुक्त किसान मोर्चा के साथ गठबंधन की चर्चाओं के बीच आम आदमी पार्टी लगातार 117 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर रही है। अब तक पार्टी आठ सूचियां जारी कर चुकी है, जिसमें 104 प्रत्याशियों की घोषणा की जा चुकी है।
किसानों के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है। जब बातचीत ही नहीं तो फिर गठबंधन टूटने की बात बेमानी है। किसान अगर चुनाव लड़ते हैं तो उन्हें मेरी ओर से शुभकामनाएं। - भगवंत मान, सांसद और पंजाब आप प्रदेश अध्यक्ष
अभी भी कुछ नहीं बिगड़ा है। अरविंद केजरीवाल को सोचना चाहिए। यदि हम मिलकर चुनाव लड़ते तो आम आदमी पार्टी को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती। - रूल्दू सिंह मानसा, किसान नेता, संयुक्त समाज मोर्चा