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पंजाब: चीनी-चाय की पत्ती तो दूर, दाल भी नहीं मिली

Thu, 27 Jul 2017 01:24 AM IST
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 27 Jul 2017 01:24 AM IST
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First Ration Distribution started in Punjab Government's tenure
कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : File Photo
कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद लोग आटे के साथ दाल की उम्मीद कर रहे थे। कांग्रेस ने उससे एक कदम आगे बढ़ कर आटा-दाल के साथ चाय की पत्ती और चीनी देने का भी वादा कर दिया। इसके लिए बजट में प्रावधान भी कर दिया गया, लेकिन चाय की पत्ती और चीनी तो दूर की बात है, लोगों को दाल तक  नहीं मिली।
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नई सरकार के कार्यकाल में फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत राशन वितरण शुरू हो गया है, लेकिन इसे देख कर लोगों की सारी उम्मीदें टूट गई हैं। दो रुपये प्रति किलो के हिसाब से एक व्यक्ति को पांच किलो गेहूं दिया जाता है। लोगों को छह माह के लिए तीस किलो गेहूं का बैग दिया जा रहा है। पंजाब में फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत करीब 33 लाख परिवारों को सस्ता राशन मुहैया करवाया जाता है।
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केंद्र सरकार इस एक्ट के तहत सिर्फ दो रुपये प्रति किलो के हिसाब से गेहूं देती है। लेकिन पिछली अकाली-भाजपा सरकार ने अपनी ओर से लाभपात्रियों को पहले बीस रुपये प्रति किलो दाल देने का एलान किया था। बाद में दाल के रेट आसमान पहुंच गए तो सरकार ने तीस रुपये प्रति किलो में दाल देने का आश्वासन दिया। अब लोगों को दाल मिले हुए करीब चार साल हो गए हैं। चुनाव से पहले 2016 में कुछ मात्रा में तीस रुपये प्रति किलो वाली दाल भेजी गई, लेकिन वह चुनिंदा परिवारों को ही मिल सकी। 
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कांग्रेस ने मेनिफेस्टो में दाल जारी रखने के साथ-साथ चाय की पत्ती और चीनी देने का वादा किया था। बजट में आटा, दाल, चाय की पत्ती और चीनी स्कीम को नए सिरे से शुरू करने को पांच सौ करोड़ का प्रावधान किया गया, लेकिन अब तक फूड सप्लाई विभाग को फंड नहीं मिले हैं। 

'फंड नहीं आया'

First Ration Distribution started in Punjab Government's tenure
कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : File Photo
फंड नहीं आया
पंजाब डिपो होल्डर एसोसिएशन केप्रधान गुरजिंदर सिद्धू ने कहा कि चार साल से लोगों को दाल नहीं मिली है। कांग्रेस सरकार में भी सिर्फ गेहूं ही दिया जा रहा है। वहीं, फूड सप्लाई विभाग के प्रमुख सचिव केएपी सिन्हा ने कहा कि केंद्रीय स्कीम में सिर्फ गेहूं है। दाल, चाय की पत्ती और चीनी राज्य सरकार ने देनी है, अभी इसकेलिए फंड नहीं आया है।

आधार से जोड़ा जाएगा :
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने निर्देश दिए हैं कि आटा-दाल स्कीम को आधार से जोड़ा जाए ताकि योग्य लाभपात्रियों को ही फायदा मिल सके। सभी लाभपात्रियों के वेरिफिकेशन के भी निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही सरकार ने इस स्कीम के नीले कार्ड खत्म कर स्मार्ट कार्ड शुरू करने की योजना भी बनाई है।
 
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