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30 हजार करोड़ के बिटक्वाइन घोटाले में चंडीढ़ में पहली FIR दर्ज, जानिए क्या है मामला
अमरीश शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 08 May 2018 10:18 AM IST
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बहुचर्चित बिटक्वाइन से जुड़े 30 हजार करोड़ के घोटाले के तार अब चंडीगढ़ से भी जुड़ गए हैं। चंडीगढ़ पुलिस ने इस मामले में पहली एफआईआर दर्ज की है। घोटाले में हाल ही में पुणे पुलिस द्वारा थाईलैंड से गिरफ्तार मास्टरमाइंड अमित भारद्वाज, उसके भाई अजय और विवेक समेत कुल नौ लोगों को आरोपी बनाया है। शिकायतकर्ता की आरोपियों से मुलाकात 2016 में पंचकूला निवासी एक बिचौलिए के जरिए दुबई में हुई थी।
अब पुलिस बिचौलिए की तलाश कर रही है। वहीं, गिरफ्तार आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर चंडीगढ़ लाने को एक टीम पुणे भेज दी गई है। चंडीगढ़ पुलिस को दी एक शिकायत में सेना से रिटायर्ड कर्नल ने कहा है कि वर्ष 2016 में उनकी मुलाकात अमित और अजय भारद्वाज समेत अन्य से मूलरूप से पंचकूला निवासी और चंडीगढ़ के सेक्टर-49 की एडवोकेट कालोनी में रहने वाले विशाल कादियान ने दुबई में करवाई थी।
आरोपियों ने उनको बिटक्वाइन में पैसा लगाकर कुछ ही समय में तगड़ा मुनाफा कमाने का लालच दिया। इसके बाद रिटायर्ड कर्नल ने अमित और अजय के खातों में डेढ़ से दो करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए, जिससे अमित ने उनके लिए बिटक्वाइन खरीदे और उन्हें माइनिंग के धंधे में लगाने की बात कही लेकिन जब मार्च में पुणे पुलिस ने अमित और अजय को बिटक्वाइन से जुड़े 30 हजार करोड़ रुपये के घोटाले में गिरफ्तार किया तो रिटायर्ड कर्नल को भी खुद के ठगे जाने का अहसास हुआ।
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इसके बाद उन्होंने ऑनलाइन अपने बिटक्वाइन की जानकारी ली तो उनके ऑनलाइन खाते में एक भी बिटक्वाइन नहीं था। इसके बाद उन्होंने चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत दी। साइबर से जुड़ा मामला होने पर इसकी जांच साइबर सेल को सौंप दी गई। जांच के दौरान ही मामले में कई और शिकायतकर्ता सामने आए।
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अब पुलिस बिचौलिए की तलाश कर रही है। वहीं, गिरफ्तार आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर चंडीगढ़ लाने को एक टीम पुणे भेज दी गई है। चंडीगढ़ पुलिस को दी एक शिकायत में सेना से रिटायर्ड कर्नल ने कहा है कि वर्ष 2016 में उनकी मुलाकात अमित और अजय भारद्वाज समेत अन्य से मूलरूप से पंचकूला निवासी और चंडीगढ़ के सेक्टर-49 की एडवोकेट कालोनी में रहने वाले विशाल कादियान ने दुबई में करवाई थी।
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आरोपियों ने उनको बिटक्वाइन में पैसा लगाकर कुछ ही समय में तगड़ा मुनाफा कमाने का लालच दिया। इसके बाद रिटायर्ड कर्नल ने अमित और अजय के खातों में डेढ़ से दो करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए, जिससे अमित ने उनके लिए बिटक्वाइन खरीदे और उन्हें माइनिंग के धंधे में लगाने की बात कही लेकिन जब मार्च में पुणे पुलिस ने अमित और अजय को बिटक्वाइन से जुड़े 30 हजार करोड़ रुपये के घोटाले में गिरफ्तार किया तो रिटायर्ड कर्नल को भी खुद के ठगे जाने का अहसास हुआ।
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इसके बाद उन्होंने ऑनलाइन अपने बिटक्वाइन की जानकारी ली तो उनके ऑनलाइन खाते में एक भी बिटक्वाइन नहीं था। इसके बाद उन्होंने चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत दी। साइबर से जुड़ा मामला होने पर इसकी जांच साइबर सेल को सौंप दी गई। जांच के दौरान ही मामले में कई और शिकायतकर्ता सामने आए।
10 के करीब शिकायतकर्ता सामने आ चुके हैं
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अब तक चंडीगढ़ से 10 के करीब शिकायतकर्ता सामने आ चुके हैं। आरोपियों में अमित का चचेरा भाई विवेक भारद्वाज, आशीष डब्बास, पंकज अदलखा, रूपेश, हेमंत भोपे, रंजीत सक्सेना और विशाल शामिल हैं। चंडीगढ़ साइबर सेल ने एफआईआर में इन सब को भी आरोपी बनाया है।
आरोपियों में विशाल और रंजीत सक्सेना चंडीगढ़ से हैं। हालांकि रंजीत गिरफ्तारी से पहले दुबई में था। अभी उक्त सभी आरोपियों को पुणे पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपियों के खिलाफ देशभर में बिटक्वाइन धोखाधड़ी के कई केस दर्ज हैं। सभी आरोपियों ने 4-5 कंपनियां बनाई हुई थीं।
क्या है बिटक्वाइन
बिटक्वाइन एक क्रिप्टोकरेंसी है। इसे डिजिटल मनी भी कहा जाता है। इससे विश्व में कहीं भी ऑनलाइन/इलेक्ट्रानिक खरीदारी या भुगतान किया जा सकता है। यह पहली विकेंद्रीकृत डिजिटल मुद्रा है, क्योंकि यह सिस्टम किसी केंद्रीय बैंक या एकल व्यवस्थापक के बिना काम करता है।
नेटवर्क पीयर-टू-पीयर है और दोनों पक्षों में लेन-देन बिना किसी मध्यस्थ के सीधे एक-दूसरे से होता है। हर एक खरीद पर तुरंत कंप्यूटर पर डिजिटल लॉगइन होता है और ट्रांजेक्शन लॉग भी सेल के साथ अपडेट होता है। इससे तुरंत पता चलता है कि कौन कितने बिटक्वाइन का मालिक है। वर्तमान में एक बिटक्वाइन की कीमत करीब 4 लाख रुपये है।
बिटक्वाइन धोखाधड़ी से जुड़ी कुछ शिकायतें सामने आई हैं। इनमें से एक मामले की जांच के बाद एफआईआर दर्ज कर ली गई है। अन्य शिकायतों की जांच की जा रही है। आरोपियों को पुणे पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। यूटी पुलिस जल्द ही उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आएगी।
- निलांबरी विजय जगदाले, एसएसपी चंडीगढ़
आरोपियों में विशाल और रंजीत सक्सेना चंडीगढ़ से हैं। हालांकि रंजीत गिरफ्तारी से पहले दुबई में था। अभी उक्त सभी आरोपियों को पुणे पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपियों के खिलाफ देशभर में बिटक्वाइन धोखाधड़ी के कई केस दर्ज हैं। सभी आरोपियों ने 4-5 कंपनियां बनाई हुई थीं।
क्या है बिटक्वाइन
बिटक्वाइन एक क्रिप्टोकरेंसी है। इसे डिजिटल मनी भी कहा जाता है। इससे विश्व में कहीं भी ऑनलाइन/इलेक्ट्रानिक खरीदारी या भुगतान किया जा सकता है। यह पहली विकेंद्रीकृत डिजिटल मुद्रा है, क्योंकि यह सिस्टम किसी केंद्रीय बैंक या एकल व्यवस्थापक के बिना काम करता है।
नेटवर्क पीयर-टू-पीयर है और दोनों पक्षों में लेन-देन बिना किसी मध्यस्थ के सीधे एक-दूसरे से होता है। हर एक खरीद पर तुरंत कंप्यूटर पर डिजिटल लॉगइन होता है और ट्रांजेक्शन लॉग भी सेल के साथ अपडेट होता है। इससे तुरंत पता चलता है कि कौन कितने बिटक्वाइन का मालिक है। वर्तमान में एक बिटक्वाइन की कीमत करीब 4 लाख रुपये है।
बिटक्वाइन धोखाधड़ी से जुड़ी कुछ शिकायतें सामने आई हैं। इनमें से एक मामले की जांच के बाद एफआईआर दर्ज कर ली गई है। अन्य शिकायतों की जांच की जा रही है। आरोपियों को पुणे पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। यूटी पुलिस जल्द ही उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आएगी।
- निलांबरी विजय जगदाले, एसएसपी चंडीगढ़