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स्वाइन फ्लू से पहली मौत, 4 दिन से वेंटिलेटर पर था मरीज
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 21 Jul 2017 10:09 AM IST
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Swine Flu
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स्वाइन फ्लू से पीड़ित एक मरीज की वीरवार को पीजीआई में मौत हो गई है। पीड़ित पिछले चार दिन से वेंटिलेटर पर था। चंडीगढ़ में स्वाइन फ्लू से यह पहली मौत है। पीड़ित की उम्र 42 साल थी और वह सेक्टर 37 में रहता था। स्वाइन फ्लू के लक्षण मिलने पर उसे सेक्टर- 16 के अस्पताल में दाखिल कराया गया था।
हालत बिगड़ने पर उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया था। मौत की सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने आसपास के इलाके सर्विलांस लगा दिया है। आसपास के लोग जो बुखार से पीड़ित हैं, उनकी जांच हो रही है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया है कि स्वाइन फ्लू से पीड़ित होने से पहले मरीज पंजाब के पठानकोट और मुकेरियां गया था। विभाग को आशंका है कि मरीज को स्वाइन फ्लू इन इलाकों में जाने से हुआ है। अब तक शहर में स्वाइन फ्लू के चार मरीज आए हैं, जिनमें एक की मौत हो गई। बाकी तीनों मरीज खतरे से बाहर बताए गए हैं।
अंतिम यात्रा में कम से कम जाएं
मौत के बाद भी पीजीआई मृतक का सैंपल लिया। सैंपल में निगेटिव आया है। इसके बावजूद पीजीआई ने परिजनों को सुझाव दिया है कि अंतिम यात्रा में कम से कम लोग जाएं। मृतक के शव को पीजीआई से घर ले जाने के बजाए सीधे श्मशान घाट ले जाएं। क्योंकि वायरस अब भी शरीर में मौजूद हो सकता है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा लोग संपर्क में न आए।
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हालत बिगड़ने पर उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया था। मौत की सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने आसपास के इलाके सर्विलांस लगा दिया है। आसपास के लोग जो बुखार से पीड़ित हैं, उनकी जांच हो रही है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया है कि स्वाइन फ्लू से पीड़ित होने से पहले मरीज पंजाब के पठानकोट और मुकेरियां गया था। विभाग को आशंका है कि मरीज को स्वाइन फ्लू इन इलाकों में जाने से हुआ है। अब तक शहर में स्वाइन फ्लू के चार मरीज आए हैं, जिनमें एक की मौत हो गई। बाकी तीनों मरीज खतरे से बाहर बताए गए हैं।
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अंतिम यात्रा में कम से कम जाएं
मौत के बाद भी पीजीआई मृतक का सैंपल लिया। सैंपल में निगेटिव आया है। इसके बावजूद पीजीआई ने परिजनों को सुझाव दिया है कि अंतिम यात्रा में कम से कम लोग जाएं। मृतक के शव को पीजीआई से घर ले जाने के बजाए सीधे श्मशान घाट ले जाएं। क्योंकि वायरस अब भी शरीर में मौजूद हो सकता है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा लोग संपर्क में न आए।
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24-48 घंटे बुखार तो दिखाएं डाक्टरों को
पीजीआई चंडीगढ़
- फोटो : demo pics
मौत की वजह
पीजीआई की ओर से बताया गया है कि मरीज जब पीजीआई में आया था उसके फेफड़े जबरदस्त निमोनिया से पीड़ित थे। काफी पानी भर चुका था। इससे एक्यूट रेस्पायट्ररी डिस्ट्रेस सिंडोम हो गया और पीड़ित को जान गंवानी पड़ी।
24-48 घंटे बुखार तो दिखाएं डाक्टरों को
इस सीजन में बुखार और गले में खराश को हल्के में न लें। यदि दवा खाने के बावजूद 24-48 घंटे तक बुखार रहता है या फिर गले में खराश तो तुरंत सरकारी अस्पताल के डाक्टर को दिखाएं। इस दौरान घर में ही आराम करें। पीजीआई के डाक्टरों का कहना है घबराने वाली स्थिति बिल्कुल नहीं है। पौष्टिक भोजन खाएं और एहतियात बरतें।
पीजीआई की ओर से बताया गया है कि मरीज जब पीजीआई में आया था उसके फेफड़े जबरदस्त निमोनिया से पीड़ित थे। काफी पानी भर चुका था। इससे एक्यूट रेस्पायट्ररी डिस्ट्रेस सिंडोम हो गया और पीड़ित को जान गंवानी पड़ी।
24-48 घंटे बुखार तो दिखाएं डाक्टरों को
इस सीजन में बुखार और गले में खराश को हल्के में न लें। यदि दवा खाने के बावजूद 24-48 घंटे तक बुखार रहता है या फिर गले में खराश तो तुरंत सरकारी अस्पताल के डाक्टर को दिखाएं। इस दौरान घर में ही आराम करें। पीजीआई के डाक्टरों का कहना है घबराने वाली स्थिति बिल्कुल नहीं है। पौष्टिक भोजन खाएं और एहतियात बरतें।