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बीड़ी से सुलगी भयंकर आग, 12 लाख से अधिक का कबाड़ खाक

Wed, 12 Jul 2017 01:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला Updated Wed, 12 Jul 2017 01:01 AM IST
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Fire in Panchkula sector 20 scrap market, city news
Panchkula Fire
सेक्टर-20 के कुंडी गांव में फेंकी गई सुलगती बीड़ी से स्क्रैप डीलर के गोदाम में आग लग गई। घटना में 12 लाख से अधिक का कबाड़ जल गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। कबाड़ में भारी मात्रा में प्लास्टिक होने से आग की लपटें काफी ऊंचाई तक पहुंच गईं। इसे बुझाने के लिए फायर कर्मियों को करीब ढाई घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी।
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दोपहर बाद करीब 3:15 बजे कुंडी गांव के पास गोदाम में आग लग गई। वहां मौजूद एक सुरक्षा कर्मी ने मालिक को इसकी सूचना दी। डीलर उमेश ने तत्काल मामले की सूचना फायर कंट्रोल रूम को दी। उमेश ने बताया कि जिस वक्त घटना हुई, वह अपने चंडीगढ़ स्थित घर पर खाना खाने गए थे। कुछ देर पहले तक एक गाड़ी में स्क्रैप लोड किया जा रहा था, जिसे मक्खनमाजरा ले जाया जाना था। लोडिंग के लिए आए वर्कर्स में से किसी ने बीड़ी पीकर वहीं फेंक दी, जो धीरे धीरे बढ़ते हुए भयंकर आग बदल गई। उन्होंने कहा कि मामले में एफआईआर दर्ज कराएंगे, क्योंकि लोडिंग के वक्त मौजूद कर्मी आग लगने से पहले वहां से चले जा चुके थे। उनकी लापरवाही की वजह से 12-13 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। 
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स्टेशन फायर ऑफिसर एसएस मलिक ने बताया कि करीब साढ़े तीन घंटे तक तीन गाड़ियां लगातार आग बुझाने में जुटी रहीं। इस दौरान फायर कर्मियों ने भी पूरी मुस्तैदी दिखाई, लेकिन तेज हवा और कबाड़ में प्लास्टिक होने से आग बुझाने में परेशानी पेश आई।
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कबाड़ के गोदाम पर्यावरण के लिए बने खतरा

Fire in Panchkula sector 20 scrap market, city news
कबाड़ के गोदाम पर्यावरण के लिए बने खतरा
पिंजौर और पंचकूला में बढ़ रहे कबाड़ के गोदाम पर्यावरण के साथ साथ लोगों के लिए एक भारी समस्या पैदा कर रहे हैं। शहर के वे गांव जो हिमाचल के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी और नालागढ़ की सीमा से सटे हैं, वहां खेतों और गांवों के पास भारी संख्या में ये कबाड़ के गोदाम देखे जा सकते हैं।

जिले में स्थित ऐसे गोदाम आने वाले दिनों में पर्यावरण से संबंधित मुश्किलें बढ़ाएंगे। दून क्षेत्र सहित शाहपुर, कोना, मढावाला व अन्य गांवों में और इनके समीप दर्जनों कबाड़ के गोदाम देखे जा सकते हैं। इन गोदामों में केमिकल, प्लास्टिक और ऐसे पदार्थ मिलते हैं जिनसे हवा, मिट्टी के साथ साथ ग्राउंड वाटर के लिए भी खतरा पैदा हो रहा है। खास बात है कि कबाड़ का यह कचरा पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश के अद्यौगिक क्षेत्र से टनों के हिसाब से लाकर पिंजौर ब्लॉक के सीमावर्ती गांवों में डंप किया जा रहा है। अक्सर देखा गया है कि कबाड़ को जलाकर कबाड़ी उसमें से तांबा और अन्य चीजें निकालते हैं।

इस दौरान कबाड़ जलाने से पैदा होने वाला जहरीला धुआं न केवल पर्यावरण के लिए खतरा है अपितु लोगों के स्वास्थ्य के लिए घातक है। इसके अलावा अक्सर कुछ किसान अपने खेतों में फसल पैदा करने के बजाय थोडे़ से मुनाफे के लिए खेतों को किराए पर देकर कबाड़ का गोदाम बना देते हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पिंजौर ब्लॉक में बिना नियम कायदे के बढ़ जा रहे इन कबाड़ के गोदामों पर अंकुश लगाया जाए। साथ ही पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहेेेे कबाड़ के गोदाम मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
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