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Chandigarh News: निगम दफ्तर में लगी आग, खुद की फायर ब्रिगेड फिर भी पहुंचने में लगा एक घंटा
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मोहाली। सेक्टर-68 स्थित नगर निगम दफ्तर में अचानक शाॅर्ट सर्किट होने से आग लग गई। इस कारण वहां अफरा-तफरी मच गई। अगर सही समय पर आग पर काबू न पाया जाता जो शायद कोई बड़ा नुकसान हो सकता था। सबसे मजेदार यह बात सामने आई है जो नगर निगम जिसके पास खुद फायर से निपटने का जिम्मा है लेकिन उनके दफ्तर में ही गाड़ी करीब एक घंटा लेट पहुंची। इस दौरान लोग बात करते दिखे कि नगर निगम के दफ्तर में अंदर-बाहर आने के लिए सिर्फ एक ही गेट है। आग बढ़ने की स्थिति में भगदड़ मच सकती है और ऐसी स्थिति में कोई भी जानी नुकसान हो सकता था।
आग करीब दस बजे नगर निगम के दफ्तर के अंदर बने प्रापर्टी टैक्स भरने वाले कैबिन में तारों को लगी और आग वहां पर रखे कंप्यूटर तक पहुंच गई लेकिन जल्द ही कर्मचारियों ने कंप्यूटर व अन्य सामान साइड कर मौके से अपनी जान बचाते हुए बाहर निकल गए। अगर इस दौरान कोई बाहरी व्यक्ति वहां पर होता या फिर आग ज्यादा होती तो ज्यादा नुकसान हो सकता है। बता दें कि आगजनी के नियमों का निगम दफ्तर में ही पालन नहीं किया जा रहा है। वहां आपात स्थिति में निकलने के लिए एक ही रास्ता है लेकिन भगदड़ की स्थिति में यहां से सबका समय पर सुरक्षित निकलना मुश्किल है।
सूत्रों के मुताबिक कर्मचारी यह कहते भी नजर आए कि उनके द्वारा खुद ही देर से फायर ब्रिगेड का सूचित किया गया था। आग लगने से जैसे ही धुआं फैला तो कर्मचारी तुरंत निगम दफ्तर से दौड़ कर बाहर निकल आए। एक पार्षद ने अपना नाम न छपने की शर्त पर बताया कि नगर निगम के पास आग से निपटने के लिए खुद के पास इंतजाम नहीं हैं। जब आग लगी तो उस समय वह खुद नगर निगम में मौजूद थे। जैसे ही धुआं फैला तो वहां पर अफरा-तफरी मच गई। काफी मशक्कत के साथ नगर निगम के दफ्तर में लगे फायर सेफ्टिंग सिस्टम से आग बुझाई गई।
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कही न कहीं लापरवाही आएगी सामनेजिस जगह तारों को आग लगी है अगर यह आग बढ़ जाती तो नगर निगम को काफी नुकसान पहुंच सकता है। सूत्रों के मुताबिक पता चला है कि आग लगने के तुरंत बाद ही इलेक्ट्रिकल विंग के कर्मचारियों को भी बुलाया गया था और आग पर काबू पाया गया लेकिन यह बात सामने आ रही है कि तारों में शाॅर्ट सर्किट हुआ कैसे जबकि दफ्तर जब बनाया गया था तो करोड़ों रुपये इस पर खर्च किए गए थे। इसके साथ ही अच्छी क्वालिटी वाला बिजली का सामान लगाया गया था। आग लगने के बाद पूरे दफ्तर में यह चर्चा बनी हुई है कि आखिर कही न कही लापरवाही हुई है।
कोट-निगम दफ्तर में सुबह आग लग गई थी। इसे समय रहते बुझा लिया गया। रही बात एक ही एंट्री-एग्जिट प्वाइंट की तो ऐसा नहीं है। एक रास्ता पीछे की तरफ और एक बेसमेंट की तरफ भी है। इसे सोमवार को चेक भी करवा लिया जाएगा। -नवजोत कौर, निगम कमिश्नर
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आग करीब दस बजे नगर निगम के दफ्तर के अंदर बने प्रापर्टी टैक्स भरने वाले कैबिन में तारों को लगी और आग वहां पर रखे कंप्यूटर तक पहुंच गई लेकिन जल्द ही कर्मचारियों ने कंप्यूटर व अन्य सामान साइड कर मौके से अपनी जान बचाते हुए बाहर निकल गए। अगर इस दौरान कोई बाहरी व्यक्ति वहां पर होता या फिर आग ज्यादा होती तो ज्यादा नुकसान हो सकता है। बता दें कि आगजनी के नियमों का निगम दफ्तर में ही पालन नहीं किया जा रहा है। वहां आपात स्थिति में निकलने के लिए एक ही रास्ता है लेकिन भगदड़ की स्थिति में यहां से सबका समय पर सुरक्षित निकलना मुश्किल है।
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सूत्रों के मुताबिक कर्मचारी यह कहते भी नजर आए कि उनके द्वारा खुद ही देर से फायर ब्रिगेड का सूचित किया गया था। आग लगने से जैसे ही धुआं फैला तो कर्मचारी तुरंत निगम दफ्तर से दौड़ कर बाहर निकल आए। एक पार्षद ने अपना नाम न छपने की शर्त पर बताया कि नगर निगम के पास आग से निपटने के लिए खुद के पास इंतजाम नहीं हैं। जब आग लगी तो उस समय वह खुद नगर निगम में मौजूद थे। जैसे ही धुआं फैला तो वहां पर अफरा-तफरी मच गई। काफी मशक्कत के साथ नगर निगम के दफ्तर में लगे फायर सेफ्टिंग सिस्टम से आग बुझाई गई।
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कही न कहीं लापरवाही आएगी सामनेजिस जगह तारों को आग लगी है अगर यह आग बढ़ जाती तो नगर निगम को काफी नुकसान पहुंच सकता है। सूत्रों के मुताबिक पता चला है कि आग लगने के तुरंत बाद ही इलेक्ट्रिकल विंग के कर्मचारियों को भी बुलाया गया था और आग पर काबू पाया गया लेकिन यह बात सामने आ रही है कि तारों में शाॅर्ट सर्किट हुआ कैसे जबकि दफ्तर जब बनाया गया था तो करोड़ों रुपये इस पर खर्च किए गए थे। इसके साथ ही अच्छी क्वालिटी वाला बिजली का सामान लगाया गया था। आग लगने के बाद पूरे दफ्तर में यह चर्चा बनी हुई है कि आखिर कही न कही लापरवाही हुई है।
कोट-निगम दफ्तर में सुबह आग लग गई थी। इसे समय रहते बुझा लिया गया। रही बात एक ही एंट्री-एग्जिट प्वाइंट की तो ऐसा नहीं है। एक रास्ता पीछे की तरफ और एक बेसमेंट की तरफ भी है। इसे सोमवार को चेक भी करवा लिया जाएगा। -नवजोत कौर, निगम कमिश्नर