लुधियाना में फैक्ट्री में लगी भीषण आग, दो फायरकर्मी घायल, 45 गाड़ियों ने आग पर पाया काबू
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लुधियाना के फोकल प्वाइंट के फेज सात स्थित साइकिल पार्ट्स की फैक्टरी में मंगलवार की सुबह अचानक आग लग गई। जिस समय फैक्टरी में आग लगी उस समय फैक्टरी में कई वर्कर काम कर रहे थे। आग की सूचना मिलते ही सभी लोग बाहर आ गए। सूचना मिलने के बाद फायर कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। सभी स्टेशनों से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मंगवा ली गई। लगभग 45 गाड़ियों ने मिलकर आग पर काबू पाया।
पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। आग पर काबू पाने के लिए दो फायर कर्मचारी शेड पर चढ़ गए। लेकिन पैर फिसलने की वजह से दोनों शेड से नीचे गिरकर घायल हो गए। जिन्हें इलाज के लिए पास के निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया है। दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। अभी तक आग लगने का पुख्ता कारण नहीं पता चल पाया है।
बताया जा रहा है कि अंदर केमिकल पड़ा था और पास से गुजर रही तार से स्पार्किंग की वजह से आग लगी है। आग लगने की वजह से फैक्टरी में पड़ा काफी सामान जलकर राख हो गया। फोकल प्वाइंट के सात फेस में चोपड़ा इंडस्ट्री है। दो मंजिला फैक्टरी के नीचे फ्लोर में मोटरसाइकिल के पार्ट्स बनते हैं और ऊपर वाली मंजिल पर साइकिल के पार्ट्स तैयार किए जाते हैं।
फैक्टरी के अंदर गद्दी तैयार करने के लिए कॉटन और केमिकल पड़ा था। फैक्टरी की ऊपर वाली मंजिल में कैमिकल में आग लग गई। देखते ही देखते आग फैल गई। फैक्टरी में आग लगने की सूचना मिलते ही फैक्टरी वर्कर बाहर की तरफ भागे। किसी ने इसकी जानकारी फायर ब्रिगेड को दी और आग पर काबू पाया गया।
क्या कहते हैं फायर ब्रिगेड अधिकारी
फायर अफसर सृष्टि शर्मा ने बताया कि सुबह 11 बजे के करीब सूचना मिली तो फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तुरंत पहुंच गई। लेकिन आग ज्यादा होने के कारण सभी स्टेशनों से गाड़ियां मंगवाई गई। पांच घंटे तक आग पर काबू पाने के लिए पानी की 45 के करीब गाड़ियां लगी है। उन्होंने कहा कि कांट्रेक्ट पर फायर विभाग में काम करने वाले कर्मचारी हरिंदर और सुरिंदर फैक्टरी के बाहर बने एक शेड से आग पर काबू पा रहे थे।
इसी दौरान शेड से पैर फिसल गया और शेड के साथ दोनों मुलाजिम भी नीचे गिर गए। वहां मौजूद सभी लोगों ने गिरे शेड को पीछे कर दोनों मुलाजिमों को बाहर निकाला और पास के निजी अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचाया। फायर अफसर सृष्टि ने बताया कि फैक्टरी के अंदर कोई फायर सेफ्टी सिस्टम नहीं है। इसकी रिपोर्ट बना अधिकारियों को दे दी जाएगी। जिसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।