भिवानी में फैक्ट्री में लगी भीषण आग, कई जिलों से पहुंची दमकल की गाड़ियां
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इंडस्ट्रीज एरिया सेक्टर-26 में नॉन वुवेन कपड़ा बनाने वाली एक फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। भिवानी की पांच गाड़ियों के अलावा रोहतक, हांसी, चरखी दादरी से भी दमकल की गाड़ियां मंगवानी पड़ीं। नौ गाड़ियों ने करीब 45 चक्कर लगाकर छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। जब तक आग पर काबू पाया गया, तब तक फैक्ट्री का लगभग पूरा सामान जल चुका था। आग इतनी भयानक थी कि बिल्डिंग का लेंटर तक गिर गया। जिस कारण धमाके भी हुए। आग से करोड़ों का नुकसान होने की आशंका है।
सेक्टर- 26 में संजय कक्कड़ की नॉन वुवेन कपड़ा बनाने की फैक्ट्री है। जो माल की सप्लाई न होने के कारण पिछले करीब एक सप्ताह से बंद है। यहां चौकीदार ही रहता है। शनिवार सुबह करीब सवा सात बजे फैक्ट्री में अचानक आग लग गई। अंदर प्लास्टिक का रॉ मैटीरियल व तैयार माल होने के कारण आग तेजी से फैली। यहीं पास में ही हरिपुर-पालुवास गांव है। जिस कारण यहां हड़कंप मच गया।
आग की सूचना दमकल विभाग को दी गई। आग लगने के कारण वहां लोगों की भीड़ लग गई। जिसे पुलिस ने हटाया। फैक्ट्री मालिक संजय कक्कड़ के भाई धीरज कक्कड़ ने बताया कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। रॉ मैटीरियल, तैयार माल भी था। मशीनें भी जल गईं। लॉकडाउन से ही फैक्ट्री बंद थी। अनलॉक में भी काम न होने के कारण फैक्ट्री बंद थी। एक सप्ताह से तो यहां सिर्फ चौकीदार ही था। इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान धर्मबीर नेहरा ने बताया कि फैक्ट्री में कुछ नहीं बचा। सारा सामान जल गया है।
लेंटर गिरने से होते रहे धमाके
फैक्ट्री में आग के दौरान कई बार तेज धमाके हुए। ऐसा लगा मानो सिलिंडर फट रहे हों। मगर वहां मौजूद अन्य फैक्ट्री के लोगों ने बताया कि लेंटर गिरने से धमाके की आवाजें आ रही थीं।
जेसीबी से दीवार तोड़ी, फिर हुए आग बुझाने के प्रयास
फैक्ट्री चारों ओर से पूरी तरह बंद थी। ऐसे में आग बुझाने के प्रयास भी नहीं हो सकते थे। इसी कारण मौके पर जेसीबी बुलाई गई और साथ लगी खाली प्लॉट में दमकल गाड़ी जाने का रास्ता बनाया गया। फैक्ट्री के साथ ही एक दीवार तोड़ी गई, जिसके बाद आग बुझाने के प्रयास शुरू हुए।
दमकल कर्मचारियों के पास ड्रेस थीं, न रबड़ के जूते
भीषण आग लगी थी मगर सुरक्षा उपकरणों के अभाव में दमकल कर्मी भी फैक्ट्री के अंदर जाने से हिचक रहे थे। कारण था सुरक्षा उपकरणों का अभाव। दमकल कर्मचारियों के पास न ड्रेस नजर आई और न ही जूते। इंडस्ट्रीज एरिया में वाटर स्टोरेज टैंक की कमी भी झलकी। पानी की नजदीक कोई व्यवस्था न होने पर दमकल गाड़ियों को कार्यालय से ही पानी लाना पड़ा। इस कारण दमकल गाड़ियों को शहर के भीड़ वाले चौक रोहतक गेट, महम गेट से होकर गुजरना पड़ा।