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चंडीगढ़ः डेढ़ साल के बच्चे को कुत्तों ने नोचा, मौत मामले में 9 दिन बाद दर्ज हुआ केस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 26 Jun 2018 11:56 AM IST
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कुत्ते के काटने से बच्चे की मौत
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डॉग बाइट के शिकार डेढ़ वर्षीय आयुष की मौत के मामले के तूल पकड़ने और विरोध होने पर यूटी पुलिस ने 9वें दिन जाकर एफआईआर दर्ज की। सेक्टर-19 थाने में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब यह पता लगाएगी कि आयुष की जान लेने वाले डॉग का मालिक कौन था, जबकि आयुष की जान लेने वाले कुत्ते आवारा थे। अदालत में जवाब दाखिल करने सहित अन्य कानूनी पेचिदगियों को लेकर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस अब कुत्तों के मालिक का पता लगाएगी।
कुत्तों की टैगिंग, नसंबदी, वैक्सिनेशन और शेल्टर का निर्माण करने की जिम्मेदारी लिए नगर निगम के कर्मचारियों-अधिकारियों से भी पूछताछ की जा सकती है। मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के हस्तक्षेप से आयुष की मां को इंसाफ की उम्मीद है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार कर चंडीगढ़ प्रशासन, नगर निगम सहित अन्य से जवाब मांगा है। मां ममता कलेजे के टुकड़े की मौत के जिम्मेदार नगर निगम कर्मियों-अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रही हैं। शुरुआत से वह आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद बेटे आयुष का संस्कार करने की बात कहती रही हैं। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद आयुष का संस्कार कराया जा सकता है।
झूठे केस में फंसाने की दी धमकी
आयुष की मां को इंसाफ दिलाने के लिए उनके साथ शुरुआत से आवाज उठा रहे वॉयस ऑफ चंडीगढ़ के चेयरमैन अविनाश सिंह शर्मा को यूटी पुलिस विभाग पिछले कई दिनों से चुप करवाने के प्रयास में था। सोमवार को करीब आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी उनके सेक्टर-45 के मकान नंबर-2207 के परिसर में घुस गए। घर दाखिल होने वालों में एक एसआई, एक हेड कांस्टेबल, एक कांस्टेबल और एक महिला कांस्टेबल सहित एक महिला व अन्य लोग सादे कपड़ों में भी थे। जबरन दाखिल होने वालों में महिला पुलिसकर्मियों सहित अन्य शामिल थे।
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अविनाश सिंह शर्मा ने आरोप लगाए हैं कि पुलिसकर्मियों के आने के समय वह घर पर मौजूद नहीं थे, लेकिन उनका बेटा और अन्य पारिवारिक सदस्य घर पर ही थे। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनके घर का दरवाजा जोर-जोर से पीटा, लेकिन परिवार ने डर के कारण दरवाजा नहीं खोला। अविनाश सिंह शर्मा ने आरोप लगाए कि पुलिसकर्मियों ने उनके परिवार को धमकियां दीं कि यदि वे चुप नहीं रहे तो उन्हें झूठे केस में फंसा दिया जाएगा। अविनाश सिंह शर्मा ने बताया कि उन्होंने पुलिसकर्मियों के घर में जबरन घुसने की जानकारी डीएसपी को दी, लेकिन उन्होंने कहा कि वह अपना काम करें और पुलिस को अपना काम करने दें।
इंसाफ के लिए आखिर तक लड़ता रहूंगा
वॉयस ऑफ चंडीगढ़ के चेयरमैन अविनाश सिंह शर्मा ने कहा कि भले ही पुलिस उन्हें कितनी ही धमकियां क्यों नहीं दे, लेकिन वह इंसाफ के लिए आखिर तक लड़ते रहेंगे। उन्होंने कुत्तों की वैक्सिनेशन, शेल्टर का निर्माण, नसबंदी और डॉग बाइट स्टडी करने की प्रक्रिया में घोटाले की आशंका जताई है।
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कुत्तों की टैगिंग, नसंबदी, वैक्सिनेशन और शेल्टर का निर्माण करने की जिम्मेदारी लिए नगर निगम के कर्मचारियों-अधिकारियों से भी पूछताछ की जा सकती है। मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के हस्तक्षेप से आयुष की मां को इंसाफ की उम्मीद है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार कर चंडीगढ़ प्रशासन, नगर निगम सहित अन्य से जवाब मांगा है। मां ममता कलेजे के टुकड़े की मौत के जिम्मेदार नगर निगम कर्मियों-अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रही हैं। शुरुआत से वह आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद बेटे आयुष का संस्कार करने की बात कहती रही हैं। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद आयुष का संस्कार कराया जा सकता है।
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झूठे केस में फंसाने की दी धमकी
आयुष की मां को इंसाफ दिलाने के लिए उनके साथ शुरुआत से आवाज उठा रहे वॉयस ऑफ चंडीगढ़ के चेयरमैन अविनाश सिंह शर्मा को यूटी पुलिस विभाग पिछले कई दिनों से चुप करवाने के प्रयास में था। सोमवार को करीब आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी उनके सेक्टर-45 के मकान नंबर-2207 के परिसर में घुस गए। घर दाखिल होने वालों में एक एसआई, एक हेड कांस्टेबल, एक कांस्टेबल और एक महिला कांस्टेबल सहित एक महिला व अन्य लोग सादे कपड़ों में भी थे। जबरन दाखिल होने वालों में महिला पुलिसकर्मियों सहित अन्य शामिल थे।
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अविनाश सिंह शर्मा ने आरोप लगाए हैं कि पुलिसकर्मियों के आने के समय वह घर पर मौजूद नहीं थे, लेकिन उनका बेटा और अन्य पारिवारिक सदस्य घर पर ही थे। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनके घर का दरवाजा जोर-जोर से पीटा, लेकिन परिवार ने डर के कारण दरवाजा नहीं खोला। अविनाश सिंह शर्मा ने आरोप लगाए कि पुलिसकर्मियों ने उनके परिवार को धमकियां दीं कि यदि वे चुप नहीं रहे तो उन्हें झूठे केस में फंसा दिया जाएगा। अविनाश सिंह शर्मा ने बताया कि उन्होंने पुलिसकर्मियों के घर में जबरन घुसने की जानकारी डीएसपी को दी, लेकिन उन्होंने कहा कि वह अपना काम करें और पुलिस को अपना काम करने दें।
इंसाफ के लिए आखिर तक लड़ता रहूंगा
वॉयस ऑफ चंडीगढ़ के चेयरमैन अविनाश सिंह शर्मा ने कहा कि भले ही पुलिस उन्हें कितनी ही धमकियां क्यों नहीं दे, लेकिन वह इंसाफ के लिए आखिर तक लड़ते रहेंगे। उन्होंने कुत्तों की वैक्सिनेशन, शेल्टर का निर्माण, नसबंदी और डॉग बाइट स्टडी करने की प्रक्रिया में घोटाले की आशंका जताई है।