कारनामाः सरपंच को चार लाख रुपये उधार देकर लुटवाया, नौ पुलिसवालों पर केस दर्ज
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सात जून को गुमथला गांव के सरपंच कृष्ण मेहता के साथ हुई चार लाख रुपये की लूट के मामले में डीजीपी के निर्देश पर दो इंस्पेक्टरों समेत नौ पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
एफआईआर में जठलाना थाने के पूर्व एसएचओ इंस्पेक्टर ओमप्रकाश, सीआईए स्टाफ इंचार्ज इंस्पेक्टर महावीर सिंह, डीएसपी रादौर के गनमैन जयपाल और गुमथला चौकी में तैनात राजीव पंजेटा समेत चार-पांच अन्य पुलिस मुलाजिमों पर लूट करवाने और लूट की साजिश रचने की धाराएं लगाई गई हैं।
सरपंच का आरोप है कि लूट के केस को दबाने के लिए इन पुलिसकर्मियों ने उसे प्रताड़ित भी किया और पागल घोषित करने की साजिश रची। इसकी शिकायत एसपी को की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद डीजीपी को शिकायत भेजी थी। शनिवार को डीजीपी के निर्देश पर नौ पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
सरपंच ने बताया कि उसकी डीएसपी के गनमैन जयपाल से जान-पहचान है। उसने जयपाल से चार लाख रुपये मांगे थे। सात जून की सुबह जयपाल ने उसे यमुनानगर बुलाया और चार लाख रुपये दे दिए। सुबह करीब साढ़े 11 बजे रुपये स्कूटी की डिग्गी में डालकर वह गुमथला जा रहा था।
इसी दौरान गांव संधाला में नगली घाट के पास दो नकाबपोश बाइक सवार युवकों ने स्कूटी को रुकवाया और चाकू की नोक पर डिग्गी से चार लाख रुपये निकाल लिए।
विरोध करने पर उसकी पिटाई भी की। फिर बाइक से जठलाना की ओर फरार हो गए। सरपंच ने बताया कि वारदात की शिकायत उसने थाने में दी लेकिन पुलिस ने उस पर दबाव बनाकर लूट को फर्जी करार दिया और धमकाते हुए मामले का रफादफा कर दिया। यही नहीं पुलिसकर्मी उससे डेढ़ लाख रुपये भी ऐंठना चाहते थे। इसके लिए उसके पास दो बार आए भी। इसके बाद उसने मुख्यमंत्री मनोहर लाल और डीजीपी से गुहार लगाई थी।
सरपंच से लूट के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच एसआईटी करेगी। जांच के बाद ही पता चल सकेगा कि किस पुलिसकर्मी की क्या भूमिका है। -कुलदीप सिंह, एसपी, यमुनानगर