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फोर्टिस डेंगू मौत मामला: मंत्री बोले- यह मर्डर है, अस्पताल पर दर्ज होगी FIR

Thu, 07 Dec 2017 09:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 07 Dec 2017 09:17 AM IST
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FIR against hospital for criminal negligence, says Health Minister Anil Vij
Gurugram Fortis hospital
हरियाणा के गुरुग्राम स्थित फोर्टिस अस्पताल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली के द्वारका की सात वर्षीय आध्या सिंह की मौत के लिए हरियाणा सरकार की जांच समिति ने अस्पताल प्रबंधन को दोषी पाया है। अतिरिक्त महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. राजीव बडेरा के नेतृत्व में गठित जांच समिति ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को सौंप दी। 
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इसमें डेंगू की मरीज आध्या के उपचार में फोर्टिस की ओर से बरती गई अनियमितताओं का एक-एक कर उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने फोर्टिस के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए कानूनी सलाहकार से राय ली जा रही है। पुलिस के उच्च अधिकारियों से भी केस की धाराओं को लेकर चर्चा हुई है। 
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अनिल विज ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आध्या की मौत और लगभग 16 लाख रुपये के बिल मामले में फोर्टिस अस्पताल के खिलाफ मामला दर्ज कराया जाएगा। बच्ची की मौत लामा प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने से हुई है। प्लेट्लेटस के लिए ओवरचार्जिंग  करने पर अस्पताल के ब्लड बैंक का लाइसेंस रद्द करने के आदेश दिए गए हैं। अस्पताल को इसका नोटिस भेज दिया गया है। डेंगू की जानकारी सीएमओ गुुरुग्राम को न देने पर भी नोटिस भेजा है। इसमें दो से छह महीने की सजा और दो सौ से छह सौ रुपये जुर्माने का प्रावधान है। 
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FIR against hospital for criminal negligence, says Health Minister Anil Vij
Gurugram Fortis hospital - फोटो : File Photo
रिपोर्ट के अनुसार बच्ची को 31 अगस्त से 14 सितंबर तक गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल के बाल आईसीयू में दाखिल कराया गया था। इस दौरान अस्पताल ने न केवल डायग्नोज प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया, बल्कि आईएमए के नियमों की भी अनदेखी की। इसके लिए एमसीआई को कड़ी कार्रवाई के लिए लिखा है।

बच्ची के उपचार में जेेनेरिक और सस्ती दवाओं के बजाये अस्पताल ने आईएमए के नियमों का उल्लंघन करते हुए जानबूझ कर महंगी दवा का प्रयोग किया। दवाओं में अस्पताल ने 108 फीसदी का मुनाफा कमाया।

तीन लाख 22 हजार 44 रुपये की दवाओं के अस्पताल ने 6 लाख 70 हजार 126 रुपये वसूले। अस्पताल ने आध्या को 25 बार प्लेटलेट्स चढ़ाए, इसमें सत्रह बार तो 400-400 रुपये ही वसूले, जबकि आठ बार दो हजार रुपये प्रति यूनिट चार्ज कर लिए। न्यूरोपेनुम इंजेक्शन जेनेरिक में 499 रुपये और अन्य ब्रांड का 3112 रुपये का मौजूद था, अस्पताल ने ज्यादा बार महंगा इंजेक्शन लगाया। 

इन लापरवाही से गई आध्या की जान

FIR against hospital for criminal negligence, says Health Minister Anil Vij
अनिल विज - फोटो : SELF
इन लापरवाही से गई आध्या की जान
. अस्पताल से डिस्चार्ज करने पर एडवांस लाइफ स्पोर्ट एंबुलेंस नहीं दी
. बेसिक लाइफ स्पोर्ट एंबुलेंस उपलब्ध कराई, ऑक्सीजन एवं एंबु बैग जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं थी।
. आईएमए, एमसीआई नियमों के उल्लंघन के साथ ही उपचार के प्रोटोकॉल की भी अनदेखी की
. अस्पताल प्रबंधन ने चिकित्सक की सलाह के खिलाफ लामा पॉलिसी की अवहेलना की, इससे बच्ची की मौत हो गई।
. ऐपीडेमिक एक्ट का भी उल्लंघन किया
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