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डाॅक्टरों पर बिना जांच एफआईआर, केंद्र जवाब दे वरना जुर्माने के लिए रहे तैयार : हाईकोर्ट

Sat, 25 May 2024 05:15 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 25 May 2024 05:15 AM IST
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FIR against doctors without investigation, Center should answer otherwise be prepared for fine: High Court
सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का पालन न होने का जनहित याचिका में लगाया गया है आरोप
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अगली सुनवाई पर जवाब नहीं आने की स्थिति में केंद्र सरकार पर लगेगा 10 हजार जुर्माना

चंडीगढ़। डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप की स्थिति में पुलिस द्वारा बिना प्राथमिक जांच एफआईआर दर्ज करने के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि अगली सुनवाई पर केंद्र ने जवाब नहीं दिया तो 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। डाॅक्टरों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने से पहले प्राथमिक जांच किए जाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद हरियाणा और पंजाब में हालात बदतर होने को लेकर स्वयं सेवी संस्था मेडिकोज लीगल एक्शन ग्रुप ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। पंजाब, हरियाणा तथा चंडीगढ़ प्रशासन को हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। याचिका में कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में डॉक्टरों को बेवजह कानूनी कार्रवाई का हिस्सा बनाने से बचाने के लिए दिशा निर्देश दिए थे। मेडिकल लापरवाही के मामले में डॉक्टरों को बचाने के लिए पहले आरोपों की प्राथमिक जांच और फिर सिविल सर्जन की अगुवाई वाली कमेटी की जांच के बाद ही आपराधिक मामला दर्ज करने का प्रावधान किया गया था। इसके बावजूद पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ में दिशा निर्देशों की अनदेखी करते हुए डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज किए जा रहे हैं। ऐसे में निर्देर्शों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए जाने की अपील की गई थी। पिछली सुनवाई पर एमसीआई का जवाब न आने पर हाईकोर्ट ने उन्हें जमकर फटकार लगाई थी। इसी बीच केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि इस मामले में केंद्र क्यों चुप बैठा है। एमसीआई भी तो केंद्र के आधीन आता है। कोर्ट ने अब केंद्र सरकार को इस मामले में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही स्पष्ट किया है कि यदि अगली सुनवाई पर जवाब नहीं आया तो 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।
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