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मक्खियां मारो, वरना फार्म पर ताला जड़ देंगे
अमर उजाला, पंचकूला
Updated Wed, 20 Nov 2013 11:42 AM IST
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बरवाला और रायपुररानी क्षेत्र में मक्खियों की समस्या पर एसडीएम और डीसी ने सख्त रुख अपनाया है। पोल्ट्री फार्म संचालकों के साथ आयोजित बैठक में एसडीएम गुरमीत सिंह ने कहा कि ‘बरवाला और रायपुररानी क्षेत्र से रोजाना हमारे पास 20-30 लोग शिकायत करने आते हैं कि मक्खियों की समस्या की वजह से हमारे बच्चों के रिश्ते नहीं हो रहे हैं’। एसडीएम ने जैसे ही यह बात कही, डीसी डॉ. एसएस फुलिया और एडीसी एसपी अरोड़ा ने भी इस पर सहमति जताई।
डीसी ने स्पष्ट किया कि अगर छह महीने में इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो कानूनी कदम उठाया जाएगा। कानून में ऐसा भी प्रावधान है कि जिस वस्तु या जगह से लोगों को जिंदगी बसर करने में परेशानी हो रही हो, उसे बंद कर दिया जाए। इसलिए ऐसा कदम उठाने पर मजबूर न करें।
उन्होंने पोल्ट्री फार्म ऐसोसिएशन के प्रतिनिधियों से पोल्ट्री फार्मों में साफ-सफाई, पानी की निकासी और मरे हुए पक्षियों को दफनाने, मुर्गियों की फीड में दवा का सही समय पर उचित मात्रा का मिश्रण करने की व्यवस्था के आदेश दिए।
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उधर, पोल्ट्री फार्म के मालिकों ने अपने-अपने तर्क और सुझाव भी रखे, जिस पर एडीसी एसपी अरोड़ा ने कहा कि अगर आप लोग इतनी समझ रखते हो तो इस दिशा में काम क्यों नहीं करते?
....................
बीट से बनाई जा सकती है बिजली
एडवोकेट मनबीर राठी ने कहा कि उन्होंने रिसर्च पढ़ी है। दुनिया के कई अन्य देश भी इस समस्या से जूझे, लेकिन इसका हल निकला। मैन्योर मैनेजमेंट प्लांट लगाए गए, जहां पक्षियों की बीट से बिजली बनाई गई।
इस क्षेत्र में मक्खियों की भरमार का सबसे बड़ा कारण है कि बीट को खाद के तौर पर खेत में इस्तेमाल किया जा रहा है। इस बीट में इतनी ज्यादा नाइट्रोजन होती है, जो जमीन को बंजर कर देती है।
मिट्टी व पानी प्रदूषित होता है। इस बीट को बंजर जमीन में फेंकना चाहिए। यहां के पोल्ट्री फार्मों को चाहिए कि सभी जगह से बीट जमा करें और उसे किसी बंजर क्षेत्र में भेज दें।
प्लांट लगाकर दें, सस्ते दाम पर बीट देने को तैयार हैं हम
पोल्ट्री फार्म एसोसिएशन के प्रधान प्रमोद सिंगला ने कहा कि उन्हें मैन्योर मैनेजमेंट प्लांट लगाकर दे दिया जाए, वह सस्ते दाम पर बीट देने को तैयार हैं।
इस पर डीसी ने कहा कि पोल्ट्री फार्मों के मालिक मिलकर खुद ही एक प्लांट लगा लें और उससे होने वाले फायदे को आपस में बांट लें। इसके अलावा जो बिजली बने, उसे पोल्ट्री फार्मों में ही इस्तेमाल करें।
इससे काफी फायदा होगा। हालांकि, एसोसिएशन का प्रस्ताव और उस पर दिया गया जवाब अभी सिरे नहीं चढ़ा, लेकिन ऐसा हो जाए तो इस समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है।
लोग कहते हैं बच्चों के रिश्ते नहीं होते
‘बरवाला और रायपुररानी क्षेत्र से रोजाना हमारे पास 20-30 लोग शिकायत करने आते हैं कि मक्खियों की समस्या की वजह से हमारे बच्चों के रिश्ते नहीं हो रहे हैं’।
गुरमीत सिंह, एसडीएम
बंद करो लोगों की जिंदगी से खिलवाड़
सुप्रीम कोर्ट के आदेश हैं कि राइट टू लीव विद डिग्निटी, नोट जस्ट एनिमल एग्जिसटेंस यानी जीवन अच्छे से जीनेका अधिकार है, लेकिन जानवरों की तरह नहीं। इस आदेश को मानते हुए लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ न करें।
एसपी अरोड़ा, एडीसी
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डीसी ने स्पष्ट किया कि अगर छह महीने में इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो कानूनी कदम उठाया जाएगा। कानून में ऐसा भी प्रावधान है कि जिस वस्तु या जगह से लोगों को जिंदगी बसर करने में परेशानी हो रही हो, उसे बंद कर दिया जाए। इसलिए ऐसा कदम उठाने पर मजबूर न करें।
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उन्होंने पोल्ट्री फार्म ऐसोसिएशन के प्रतिनिधियों से पोल्ट्री फार्मों में साफ-सफाई, पानी की निकासी और मरे हुए पक्षियों को दफनाने, मुर्गियों की फीड में दवा का सही समय पर उचित मात्रा का मिश्रण करने की व्यवस्था के आदेश दिए।
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उधर, पोल्ट्री फार्म के मालिकों ने अपने-अपने तर्क और सुझाव भी रखे, जिस पर एडीसी एसपी अरोड़ा ने कहा कि अगर आप लोग इतनी समझ रखते हो तो इस दिशा में काम क्यों नहीं करते?
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बीट से बनाई जा सकती है बिजली
एडवोकेट मनबीर राठी ने कहा कि उन्होंने रिसर्च पढ़ी है। दुनिया के कई अन्य देश भी इस समस्या से जूझे, लेकिन इसका हल निकला। मैन्योर मैनेजमेंट प्लांट लगाए गए, जहां पक्षियों की बीट से बिजली बनाई गई।
इस क्षेत्र में मक्खियों की भरमार का सबसे बड़ा कारण है कि बीट को खाद के तौर पर खेत में इस्तेमाल किया जा रहा है। इस बीट में इतनी ज्यादा नाइट्रोजन होती है, जो जमीन को बंजर कर देती है।
मिट्टी व पानी प्रदूषित होता है। इस बीट को बंजर जमीन में फेंकना चाहिए। यहां के पोल्ट्री फार्मों को चाहिए कि सभी जगह से बीट जमा करें और उसे किसी बंजर क्षेत्र में भेज दें।
प्लांट लगाकर दें, सस्ते दाम पर बीट देने को तैयार हैं हम
पोल्ट्री फार्म एसोसिएशन के प्रधान प्रमोद सिंगला ने कहा कि उन्हें मैन्योर मैनेजमेंट प्लांट लगाकर दे दिया जाए, वह सस्ते दाम पर बीट देने को तैयार हैं।
इस पर डीसी ने कहा कि पोल्ट्री फार्मों के मालिक मिलकर खुद ही एक प्लांट लगा लें और उससे होने वाले फायदे को आपस में बांट लें। इसके अलावा जो बिजली बने, उसे पोल्ट्री फार्मों में ही इस्तेमाल करें।
इससे काफी फायदा होगा। हालांकि, एसोसिएशन का प्रस्ताव और उस पर दिया गया जवाब अभी सिरे नहीं चढ़ा, लेकिन ऐसा हो जाए तो इस समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है।
लोग कहते हैं बच्चों के रिश्ते नहीं होते
‘बरवाला और रायपुररानी क्षेत्र से रोजाना हमारे पास 20-30 लोग शिकायत करने आते हैं कि मक्खियों की समस्या की वजह से हमारे बच्चों के रिश्ते नहीं हो रहे हैं’।
गुरमीत सिंह, एसडीएम
बंद करो लोगों की जिंदगी से खिलवाड़
सुप्रीम कोर्ट के आदेश हैं कि राइट टू लीव विद डिग्निटी, नोट जस्ट एनिमल एग्जिसटेंस यानी जीवन अच्छे से जीनेका अधिकार है, लेकिन जानवरों की तरह नहीं। इस आदेश को मानते हुए लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ न करें।
एसपी अरोड़ा, एडीसी