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वित्तीय हालत खस्ता, फिर भी इस बार 7 लाख ज्यादा खर्चा कर मनेगा रोज फेस्टिवल
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 02 Dec 2017 10:39 AM IST
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Chandigarh Rose Festival
- फोटो : File Photo
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अगले साल फरवरी माह में होने तीन दिवसीय रोज फेस्टिवल पर खर्चा इस साल से 7 लाख रुपये ज्यादा होगा। जबकि नगर निगम की वित्तीय हालत दिन प्रतिदिन पतली होती जा रही है।
नगर निगम ने फरवरी माह होने वाले फेस्टिवल के लिए 55 लाख 67 हजार रुपये खर्च करने का फैसला ले लिया है जबकि इस साल फरवरी माह में 48 लाख 65 हजार रुपये का हुआ है। पिछले फेस्टिवल में नगर निगम ने रोज गार्डन के अंदर ही फूड स्टाल बेचे थे, लेकिन अब होने वाले फेस्टिवल में नगर निगम ऐसा नहीं कर पाएगा क्योंकि हाईकोर्ट ने रोज गार्डन के भीतर हरियाली पर स्टाल लगाने के लिए मना कर दिया है।
निगम ने जो 55 लाख 67 हजार खर्च करने का प्रस्ताव पास किया है, इसमें तीन लाख रुपये अकेले यहां पर आने वाले मुख्य अतिथि, अतिथियों, कमेटी सदस्य और अधिकारियों की चाय पानी के लिए रखे गए हैं। 28 नवंबर को होने वाली बैठक में फेस्टिवल पर इतना खर्चा करने पर कांग्रेस पार्षद दवेंद्र सिंह बबला ने सवाल भी उठाया था। बबला ने कहा था कि पैसा नहीं है तो फेस्टिवल बंद कर देना चाहिए।
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अपनी नर्सरियां लेकिन फिर होगा फूलों पर खर्चा
5.60 लाख रुपये का प्रवेश और बाहरी मार्ग को फूलों से सजाने, अतिथियों के गुलदस्ते और बागवानी के अन्य सजावनी समान पर खर्चा किया जाएगा। जबकि नगर निगम की अपनी सरकारी नर्सरियां भी हैं, जहां पर फूल और पौधे उगाए जाते हैं। पर्यावरण प्रेमी राहुल महाजन का कहना है कि कितनी हैरानी की बात है कि नगर निगम की अपनी सरकारी नर्सरियां हैं, इसके बावजूद वह फेस्टिवल पर सजावट और गुलदस्तों पर लाखों रुपये हर साल खर्च करता है।
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नगर निगम ने फरवरी माह होने वाले फेस्टिवल के लिए 55 लाख 67 हजार रुपये खर्च करने का फैसला ले लिया है जबकि इस साल फरवरी माह में 48 लाख 65 हजार रुपये का हुआ है। पिछले फेस्टिवल में नगर निगम ने रोज गार्डन के अंदर ही फूड स्टाल बेचे थे, लेकिन अब होने वाले फेस्टिवल में नगर निगम ऐसा नहीं कर पाएगा क्योंकि हाईकोर्ट ने रोज गार्डन के भीतर हरियाली पर स्टाल लगाने के लिए मना कर दिया है।
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निगम ने जो 55 लाख 67 हजार खर्च करने का प्रस्ताव पास किया है, इसमें तीन लाख रुपये अकेले यहां पर आने वाले मुख्य अतिथि, अतिथियों, कमेटी सदस्य और अधिकारियों की चाय पानी के लिए रखे गए हैं। 28 नवंबर को होने वाली बैठक में फेस्टिवल पर इतना खर्चा करने पर कांग्रेस पार्षद दवेंद्र सिंह बबला ने सवाल भी उठाया था। बबला ने कहा था कि पैसा नहीं है तो फेस्टिवल बंद कर देना चाहिए।
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अपनी नर्सरियां लेकिन फिर होगा फूलों पर खर्चा
5.60 लाख रुपये का प्रवेश और बाहरी मार्ग को फूलों से सजाने, अतिथियों के गुलदस्ते और बागवानी के अन्य सजावनी समान पर खर्चा किया जाएगा। जबकि नगर निगम की अपनी सरकारी नर्सरियां भी हैं, जहां पर फूल और पौधे उगाए जाते हैं। पर्यावरण प्रेमी राहुल महाजन का कहना है कि कितनी हैरानी की बात है कि नगर निगम की अपनी सरकारी नर्सरियां हैं, इसके बावजूद वह फेस्टिवल पर सजावट और गुलदस्तों पर लाखों रुपये हर साल खर्च करता है।
किस किस पर कितना होगा खर्च
Rose Festival Chandigarh
इस बार कई प्रतियोगिताएं भी हाेंगी
इस बार एक साल से कम नवविवाहित जोड़ों के बीच प्रतियोगिता करवाई जाएगी, जीतने वाले कपल को तीन दिन के पैकेज के साथ टूरिस्ट स्पॉट पर निशुल्क भेजा जाएगा। इसका खर्चा नगर निगम अदा करेगा। जबकि इस साल नई प्रतियोगिताएं उनकी भी करवाई जाएगी, जिनकी सिल्वर और गोल्डन जुबली शादी की हो चुकी है। इसके अलावा पुष्प, रोज प्रिंस-प्रिंसेस, आन द स्पॉट चित्रकला, लोक नृत्य, अंताक्षरी, फोटोग्राफी, पतंग उड़ाने, मिस्टर-मिस, फलावर हैट, सीनियर सिटीजन के बीच होने वाली रोज किंग- क्वीन प्रतियोगिता फेस्टिवल की शान बढ़ाएगी।
किस किस पर कितना होगा खर्च
. 8 लाख 50 हजार रुपये की लागत से रोज गार्डन में पंडाल लगाया जाएगा
. 7.50 लाख रुपये की लागत से साउंड सिस्टम और लाइट की व्यवस्था की जाएगी
. 2.50 लाख रुपये की लागत से निमंत्रण कार्ड प्रिंट, पार्किंग पास और बैच पर खर्च किए जाएंगे
. एक लाख 50 हजार रुपये सुरक्षा उद्देश्य मचान स्थापना
. 3 लाख 90हजार रुपये की लागत से प्रतियोगी, मुख्य अतिथियों के गिफ्ट और भाग लेने वाले बच्चों के लिए खिलौनों पर खर्च किए जाएंगे
. एक लाख 60 हजार रुपये की राशि फोक डांस करने वालों को अदा किए जाएंगे
. एक लाख 60 हजार रुपये स्पॉट पेंटिंग करवाने में खर्च किए जाएंगे
. एक लाख 80 हजार रुपये का खर्चा सीसीटीवी कैमरे में किया जाएगा
. 55 हजार रुपये का राशि आरडब्लयूए के बीच होने वालें बेस्ट पार्क प्रतियोगिता में ईनाम के तौर पर वितरित किए जाएंगे
. एक लाख 70 हजार रुपये में अंताक्षरी प्रतियोगिता
इस बार उड़ेगा चौपर
पिछले साल की तरह इस बार भी शहरवासी रोज फेस्टिवल में चौपर का मजा ले पाएंगे। पिछले फेस्टिवल में भी 632 लोगों ने 22 लाख 12 हजार रुपये खर्च कर तीन दिन में आसमान से शहर को देखा था। मालूम हो कि एक सीट की टिकट 3500 रुपये की थी। चौपर उड़ाने की सुविधा देने के लिए नगर निगम की ओर से टैंडर निकाला जाएगा।
सोविनियर बनाने के लिए गठित होगी कमेटी
मेयर आशा जसवाल का कहना है कि इस बार रोज फेस्टिवल के एक सोविनियर भी बनाया जाएगा। सोविनियर बनाने और फेस्टिवल के लिए ज्यादा से ज्यादा स्पांसरशिप मिल सके। इसके लिए कमेटी का गठन किया जाएगा। कमेटी में अधिकारियों और पार्षदों को शामिल किया जाएगा ताकि नगर निगम पर खर्चे का बोझ कम पड़े।
इस बार एक साल से कम नवविवाहित जोड़ों के बीच प्रतियोगिता करवाई जाएगी, जीतने वाले कपल को तीन दिन के पैकेज के साथ टूरिस्ट स्पॉट पर निशुल्क भेजा जाएगा। इसका खर्चा नगर निगम अदा करेगा। जबकि इस साल नई प्रतियोगिताएं उनकी भी करवाई जाएगी, जिनकी सिल्वर और गोल्डन जुबली शादी की हो चुकी है। इसके अलावा पुष्प, रोज प्रिंस-प्रिंसेस, आन द स्पॉट चित्रकला, लोक नृत्य, अंताक्षरी, फोटोग्राफी, पतंग उड़ाने, मिस्टर-मिस, फलावर हैट, सीनियर सिटीजन के बीच होने वाली रोज किंग- क्वीन प्रतियोगिता फेस्टिवल की शान बढ़ाएगी।
किस किस पर कितना होगा खर्च
. 8 लाख 50 हजार रुपये की लागत से रोज गार्डन में पंडाल लगाया जाएगा
. 7.50 लाख रुपये की लागत से साउंड सिस्टम और लाइट की व्यवस्था की जाएगी
. 2.50 लाख रुपये की लागत से निमंत्रण कार्ड प्रिंट, पार्किंग पास और बैच पर खर्च किए जाएंगे
. एक लाख 50 हजार रुपये सुरक्षा उद्देश्य मचान स्थापना
. 3 लाख 90हजार रुपये की लागत से प्रतियोगी, मुख्य अतिथियों के गिफ्ट और भाग लेने वाले बच्चों के लिए खिलौनों पर खर्च किए जाएंगे
. एक लाख 60 हजार रुपये की राशि फोक डांस करने वालों को अदा किए जाएंगे
. एक लाख 60 हजार रुपये स्पॉट पेंटिंग करवाने में खर्च किए जाएंगे
. एक लाख 80 हजार रुपये का खर्चा सीसीटीवी कैमरे में किया जाएगा
. 55 हजार रुपये का राशि आरडब्लयूए के बीच होने वालें बेस्ट पार्क प्रतियोगिता में ईनाम के तौर पर वितरित किए जाएंगे
. एक लाख 70 हजार रुपये में अंताक्षरी प्रतियोगिता
इस बार उड़ेगा चौपर
पिछले साल की तरह इस बार भी शहरवासी रोज फेस्टिवल में चौपर का मजा ले पाएंगे। पिछले फेस्टिवल में भी 632 लोगों ने 22 लाख 12 हजार रुपये खर्च कर तीन दिन में आसमान से शहर को देखा था। मालूम हो कि एक सीट की टिकट 3500 रुपये की थी। चौपर उड़ाने की सुविधा देने के लिए नगर निगम की ओर से टैंडर निकाला जाएगा।
सोविनियर बनाने के लिए गठित होगी कमेटी
मेयर आशा जसवाल का कहना है कि इस बार रोज फेस्टिवल के एक सोविनियर भी बनाया जाएगा। सोविनियर बनाने और फेस्टिवल के लिए ज्यादा से ज्यादा स्पांसरशिप मिल सके। इसके लिए कमेटी का गठन किया जाएगा। कमेटी में अधिकारियों और पार्षदों को शामिल किया जाएगा ताकि नगर निगम पर खर्चे का बोझ कम पड़े।