फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   File will not go to director for approval of development works of Panchayats in Haryana

Haryana: पंचायतों के विकास कार्यों के लिए 25 लाख तक SDO, एक से ढाई करोड़ के एस्टीमेट को SE देंगे मंजूरी

Wed, 28 Dec 2022 11:11 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 28 Dec 2022 11:11 PM IST
सार

पंचायतों के विकास कार्यों के अनुमोदन के लिए फाइल निदेशक के पास नहीं जाएगी। नई पंचायतों को पहले की तरह अधिकार मिलेंगे, दो लाख तक काम कोटेशन पर करवा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने विधायकों की ओर से शून्यकाल में उठाए गए सवालों के जवाब में शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन ये घोषणा की। 

विज्ञापन
File will not go to director for approval of development works of Panchayats in Haryana
हरियाणा विधानसभा में बोलते सीएम मनोहर लाल। - फोटो : अमर उजाला (फाइल)

विस्तार

हरियाणा में पंचायतों, ब्लॉक समिति, जिला परिषद, नगर पालिकाओं, नगर परिषद और नगर निगमों को सरकार और अधिक स्वायतता देगी। सरपंच 2 लाख तक के कार्य कोटेशन आधार पर अपने स्तर पर करवा सकेंगे। 2 लाख से अधिक के कार्य हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स पोर्टल परटेंडर के माध्यम से होंगे।

विज्ञापन


नई व्यवस्था के तहत उपमंडल स्तर पर 2 लाख से 25 लाख तक के कार्य एसडीओ ही अप्रूव करेगा। सरपंच, ब्लॉक समिति व जिला परिषद के चेयरमैन इसके लिए प्रशासनिक स्वीकृति देंगे। पहले कार्यों की अप्रूवल की फाइलें निदेशक तक आती थीं, अब स्थानीय स्तर पर ही सभी मंजूरी मिलेंगी।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विभिन्न विधायकों की ओर से शून्यकाल में उठाए गए सवालों के जवाब में बुधवार को शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन ये घोषणा की। उन्होंने कहा कि 25 लाख से 1 करोड़ तक के कार्यों की तकनीकी मंजूरी अधिशाषी अभियंता देगा और अनुमोदन सीईओ, जिला परिषद करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


1 करोड़ से 2.5 करोड़ रुपये तक के कार्यों की तकनीकी मंजूरी अधीक्षक अभियंता देंगे और अप्रूवल निदेशक, पंचायत की ओर से दी जाएगी। 2.5 करोड़ रुपये से अधिक के कार्य की तकनीकी मंजूरी चीफ इंजीनियर या इंजीनियर इन चीफ की ओर से दी जाएगी। इसका अनुमोदन प्रशासनिक सचिव करेंगे।

पंचायती राज संस्थानों को राज्य वित्त आयोग और केंद्रीय वित्त आयोग से प्राप्त बजट कम पड़ता है तो ग्रामीण विकास विभाग, एचआरडीएफ या राज्य सरकार के अन्य रिजर्व फंड से मांग आधारित बजट उपलब्ध करवाएगा। इन निधि से जो कार्य किए जाएंगे, उनमें 25 लाख तक के कार्य की स्वीकृति निदेशक, पंचायत देंगे। 25 लाख से अधिक के कार्य ग्रामीण विकास विभाग करवाएगा, मंजूरी सरकार देगी। 5 से 10 करोड़ रुपये तक के कार्य संबंधित मंत्री और 10 करोड़ से अधिक के कार्य मुख्यमंत्री के पास आएंगे।

ये भी जान ले विपक्ष : मनोहर 

  • पोर्टल सरकार पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी में आईटी के बिना कोई काम संभव नहीं है। हर कार्य के लिए पोर्टल बना रहे हैं, ताकि कार्य में पारदर्शिता रहे। पहले सरकार सरक-सरक कर चलती थी, आईटी के युग में हमने स्पीड बढ़ाई है। हरियाणा का डंका बज रहा है। सोशल ऑडिट सिस्टम भी शुरू किया है। जरूरत पड़ने पर और पोर्टल बनाएंगे। 
  • आउटस्टेंडिंग स्पोर्ट्स पर्सन और एलिजिबल स्पोर्ट्स पर्सन को 3 प्रतिशत खेल कोटे के तहत 4 विभागों में नौकरियां दी जाएंगी। यह 3 प्रतिशत सभी विभागों के कुल खाली पदों का होगा। इसके बारे में भ्रांतियां न फैलाई जाएं।
  • आशा वर्कर्स पंचायतों में चुन कर आई हैं, उनके इस्तीफे का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय के आदेश पर ही अगला निर्णय लेंगे। तब तक उनके इस्तीफों को मंजूर करने पर रोक रहेगी।
  • पंजाबी राज्य की दूसरी भाषा है। पंजाबी टीचर के लिए 1203  पद सृजित हैं, 946 पद भरे हुए हैं, 256 को भरने की प्रक्रिया जारी है। 
  • 650 गेस्ट टीचर को घर से दूर का स्टेशन मिला है। तीन महीने बाद होने वाले तबादलों में इन्हें राहत प्रदान करने की पूरी कोशिश रहेगी।  
  • विधायक रघुवीर कादियान पंडित भगवत दयालशर्मा के नाम से बेरी में कन्या महाविद्यालय खोलने की मांग बार-बार उठाते हैं, पूर्व कांग्रेस सरकार ने झज्जर जिला में ज्यादा कॉलेज खोले। विधायक पंडित भगवत दयाल शर्मा के नाम से किसी ओर शिक्षण संस्थान का नाम रखने का सुझाव दें।
  • 4700 मेगावाट के गोरखपुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र की स्थापना के लिए लगभग 1503 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया था। मामला कोर्ट में है, 6 माह में इसका हल निकाल लिया जाएगा। 

मुआवजा राशि 6 हजार से बढ़ाकार 7500 प्रति एकड़ की
मुख्यमंत्री ने कहा कि जलभराव के कारण जिस जमीन पर फसल की बुआई नहीं हो पाई, उन किसानों को मुआवजे के रूप में दी जाने वाली 6 हजार रुपये प्रति एकड़ राशि को बढ़ाकार 7500 प्रति एकड़ किया है। जो किसान ईंट भट्टा लगाने, निर्माण कार्यों के लिए अपने खेत की मिट्टी का उठान करवाते हैं और जलभराव होता है, उन्हें मुआवजा नहीं मिलेगा। 

अस्थायी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में अब दाखिले नहीं 
मुख्यमंत्री ने अस्थायी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों की मान्यता के बारे में कहा कि नए सत्र से इनमें दाखिला नहीं होंगे। नियमावली 2003 के अनुसार एक-एक साल के लिए मान्यता दी जाती रही। इस प्रथा को चलते हुए 19 वर्ष हो गए हैं। शैक्षणिक सत्र 2022-23 में ऐसे स्कूलों को बच्चों का दाखिला करने के लिए मना किया था, फिर भी 1338 स्कूलों ने फिर भी दाखिले किए। अब विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए सरकार जल्दी कोई रास्ता निकालेगी कि इन्हें परीक्षा देने का मौका मिले। केवल मानदंड पूरा करने वाले स्कूलोंको ही मान्यता दी जाएगी। निजी स्कूलों की यूनियन को वार्ता के लिए बुलाएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed