{"_id":"6acd4561c7ed724119065e10","slug":"female-students-protest-at-the-womens-iti-say-they-are-forced-to-drink-water-meant-for-plants-chandigarh-news-c-16-pkl1079-1147741-2026-10-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: महिला आईटीआई में छात्राओं का प्रदर्शन, बोलीं- पौधों को दिया जाना वाला पानी पीने को मजबूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: महिला आईटीआई में छात्राओं का प्रदर्शन, बोलीं- पौधों को दिया जाना वाला पानी पीने को मजबूर
विज्ञापन
एक साल से बंद पड़े वाटर कूलर, स्टाइपेंड और मेडिकल सुविधा नहीं मिलने का आरोप
कैंपस में सीसीटीवी कैमरे नहीं, खुले बिजली के तारों से हादसे का खतरा; आवाज उठाने पर शिक्षकों पर धमकाने और अभद्र भाषा इस्तेमाल करने का आरोप
चंडीगढ़। सेक्टर-11 स्थित राजकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर छात्राओं ने प्रदर्शन किया। छात्राओं का आरोप है कि संस्थान में पीने के पानी की उचित व्यवस्था नहीं है। उन्हें पौधों को दिए जाने वाले पानी से ही काम चलाना पड़ता है। वर्ष 2020 में लगाए गए वाटर कूलर करीब एक साल से बंद पड़े हैं। लंबे समय से मांग के बावजूद इन्हें चालू नहीं किया गया। छात्राओं ने बताया कि उन्हें स्टाइपेंड भी नहीं मिल रहा है। आईकार्ड और मेडिकल सुविधा के नाम पर शुल्क लिया जाता है, लेकिन सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रहीं। महिला संस्थान होने के बावजूद यहां वेंडिंग मशीन नहीं है। कैंटीन में सफाई व्यवस्था भी खराब है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
छात्राओं ने आरोप लगाया कि परिसर में सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। कुछ दिन पहले एक पुरुष के संस्थान में प्रवेश करने की घटना के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई गई थी। परिसर में बिजली के तार खुले होने से बारिश के दौरान करंट लगने का खतरा बना रहता है। छात्राओं ने सीसीटीवी कैमरे लगाने और खुले तारों को सुरक्षित करने की मांग की।
आवाज उठाने पर धमकाने का आरोप
प्रदर्शनकारी छात्राओं का आरोप है कि समस्याओं को लेकर आवाज उठाने पर कुछ शिक्षक उन्हें धमकाते हैं। इससे वे अपनी शिकायतें खुलकर रखने में परेशानी महसूस करती हैं। छात्राओं ने कहा कि धरने में शामिल होने के लिए भी विद्यार्थियों को कक्षाओं में हस्ताक्षर करके आना पड़ा। उन्होंने कुछ शिक्षकों पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया। छात्राओं ने मांग की कि पीने के पानी, स्टाइपेंड और मेडिकल सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए। साथ ही कैंटीन की सफाई, वेंडिंग मशीन और परिसर की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
कैंपस में सीसीटीवी कैमरे नहीं, खुले बिजली के तारों से हादसे का खतरा
चंडीगढ़। सेक्टर-11 स्थित राजकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर छात्राओं ने प्रदर्शन किया। छात्राओं का आरोप है कि संस्थान में पीने के पानी की उचित व्यवस्था नहीं है। उन्हें पौधों को दिए जाने वाले पानी से ही काम चलाना पड़ता है। वर्ष 2020 में लगाए गए वाटर कूलर करीब एक साल से बंद पड़े हैं। लंबे समय से मांग के बावजूद इन्हें चालू नहीं किया गया। छात्राओं ने बताया कि उन्हें स्टाइपेंड भी नहीं मिल रहा है। आईकार्ड और मेडिकल सुविधा के नाम पर शुल्क लिया जाता है, लेकिन सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रहीं। महिला संस्थान होने के बावजूद यहां वेंडिंग मशीन नहीं है। कैंटीन में सफाई व्यवस्था भी खराब है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
छात्राओं ने आरोप लगाया कि परिसर में सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। कुछ दिन पहले एक पुरुष के संस्थान में प्रवेश करने की घटना के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई गई थी। परिसर में बिजली के तार खुले होने से बारिश के दौरान करंट लगने का खतरा बना रहता है। छात्राओं ने सीसीटीवी कैमरे लगाने और खुले तारों को सुरक्षित करने की मांग की।
विज्ञापन
आवाज उठाने पर धमकाने का आरोप
प्रदर्शनकारी छात्राओं का आरोप है कि समस्याओं को लेकर आवाज उठाने पर कुछ शिक्षक उन्हें धमकाते हैं। इससे वे अपनी शिकायतें खुलकर रखने में परेशानी महसूस करती हैं। छात्राओं ने कहा कि धरने में शामिल होने के लिए भी विद्यार्थियों को कक्षाओं में हस्ताक्षर करके आना पड़ा। उन्होंने कुछ शिक्षकों पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया। छात्राओं ने मांग की कि पीने के पानी, स्टाइपेंड और मेडिकल सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए। साथ ही कैंटीन की सफाई, वेंडिंग मशीन और परिसर की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाए।
विज्ञापन