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चंडीगढ़: प्रशासन ने वापस लिए फीस नहीं बढ़ाने के आदेश, आगामी सत्र से निजी स्कूलों में बढ़ेगी फीस

Sat, 05 Mar 2022 02:32 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Sat, 05 Mar 2022 02:32 AM IST
सार

यूटी शिक्षा सचिव एसएस गिल ने खत्म हुए सत्र में जरूरतमंद छात्रों को 15 प्रतिशत छूट देने का आदेश जारी किया है। आदेश में निजी स्कूलों के लिए लिखा गया है कि सत्र 2020-21 में अगर किसी कारणवश विद्यार्थी स्कूल की फीस जमा नहीं कर पाता है तो भी स्कूल मैनेजमेंट किसी भी विद्यार्थी का नाम नहीं काटेगी।

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Fees will increase in private schools from coming session in Chandigarh
स्कूल - फोटो : फाइल

विस्तार

चंडीगढ़ यूटी प्रशासन ने जून 2020 में कोरोना महामारी के चलते आर्थिक तंगी से जूझ रहे अभिभावकों को राहत देने के उद्देश्य से फीस नहीं बढ़ाने और सिर्फ ट्यूशन फीस ही लेने के आदेश जारी किए थे। इन्हें अब वापस ले लिया है। आदेश वापस होने के बाद अब आगामी सत्र से निजी स्कूलों में फीस बढ़ सकती है।

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निजी स्कूलों के प्रमुखों ने बताया कि वर्तमान सत्र 2021-22 की शुरुआत में जरूरतमंद छात्रों की स्कूल स्तर पर मदद की गई थी। अधिकतर स्कूलों ने फीस में भी इजाफा नहीं किया था। आगामी सत्र में फीस में नियमों के अनुसार आठ प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी। कई स्कूलों को अभी यूटी प्रशासन का आदेश नहीं मिला है।

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खत्म हुए सत्र में जरूरतमंद छात्रों को 15 प्रतिशत छूट देने के आदेश

यूटी शिक्षा सचिव एसएस गिल ने खत्म हुए सत्र में जरूरतमंद छात्रों को 15 प्रतिशत छूट देने का आदेश जारी किया है। आदेश में निजी स्कूलों के लिए लिखा गया है कि सत्र 2020-21 में अगर किसी कारणवश विद्यार्थी स्कूल की फीस जमा नहीं कर पाता है तो भी स्कूल मैनेजमेंट किसी भी विद्यार्थी का नाम नहीं काटेगी। वहीं परीक्षा के परिणाम में भी छात्र की फीस आड़े नहीं आनी चाहिए। अगर सत्र 2020-21 में किसी भी अभिभावक को फीस जमा करने में दिक्कत आती है तो स्कूल मैनेजमेंट उस छात्र के केस की जांच कर उसे स्कूल स्तर पर रियायत देने का काम करेगी। बोर्ड कक्षा दसवीं और बारहवीं के छात्रों की सत्र 2020-21 में फीस नहीं देने या एरियर नहीं भरने के बावजूद भी स्कूल नाम नहीं काटेंगे। वहीं अन्य कोई कारण लगाकर भी उसकी पढ़ाई प्रभावित नहीं होने देंगे। अगर अभिभावक फीस भरने में असमर्थ है तो उनसे अंडरटेकिंग लेकर छात्र को रियायत दी जा सकती है।

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शिक्षा विभाग के आदेश अर्थहीन

शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश का अभी कोई अर्थ नहीं है, क्योंकि सत्र 2020-21 खत्म हो चुका है। वर्तमान में 2021-22 सत्र चल रहा है, जिसकी अभिभावकों ने फीस भर दी है। इस सत्र के लिए कोविड को देखते हुए हमने फीस बढ़ाई भी नहीं थी। आगामी सत्र 2022-23 में स्कूल की ओर से फीस में नियमों के अनुसार आठ प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी। -अतुल खन्ना, निदेशक, स्ट्राबरी स्कूल

पिछले सत्र में स्कूलों ने खुद ही फीस में दी थी रियायत

शिक्षा विभाग के आदेश का अभी कोई अर्थ नहीं है, क्योंकि वो बीत चुका है। पिछले सत्र में स्कूलों ने अपने स्तर पर छात्रों को फीस में रियायत दी थी। चूंकि स्कूलों में पिछले दो साल में खर्च भी बढ़ा है, इसलिए आगामी सत्र 2022-23 में फीस में आठ प्रतिशत की बढ़ोतरी की जा रही है। -गुरप्रीत एस बक्शी, एडमिनिस्ट्रेटर, सेंट कबीर स्कूल

सत्र खत्म होने के बाद अभिभावकों को राहत का फायदा नहीं

शिक्षा विभाग की ओर से अभिभावकों को फीस में रियायत के लिए आदेश निकाला गया है, उसका हम स्वागत करते हैं। विभाग अभिभावकों को राहत देने में बहुत देर कर चुका है, क्योंकि सत्र खत्म हो चुका है। अभिभावक फीस भर चुके हैं, बोर्ड के विद्यार्थी परीक्षाएं पास कर चुके हैं। जिन अभिभावकों को परेशानी थी, वे भी अपना दुख झेल चुके हैं। कई अभिभावक बच्चों को निजी स्कूल से हटा भी चुके हैं। - नितिन गोयल, अध्यक्ष, अभिभावक संघ

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