फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Fees to be collected from Disabled students in Punjab

पंजाब में दिव्यांगों को सरकारी स्कूल नहीं दे रहे दाखिला, प्रिंसिपल वसूल रहे हैं फीस

Wed, 05 Sep 2018 09:37 AM IST
अखिल तलवार, अमर उजाला, चंडीगढ़
अखिल तलवार, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 05 Sep 2018 09:37 AM IST
विज्ञापन
Fees to be collected from Disabled students in Punjab
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
सरकार से लेकर अदालतें तक दिव्यांग बच्चों को शिक्षा मुहैया करवाने के लिए तमाम कोशिशें कर रही हैं। लेकिन पंजाब के सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपल इन कोशिशों पर पानी फेरने में लगे हुए हैं। शिक्षा विभाग को शिकायतें मिली हैं कि कई प्रिंसिपल दिव्यांग विद्यार्थियों को नौंवीं से बारहवीं कक्षा में दाखिला देते समय इनसे फीस और अन्य फंड के रूप में पैसे वसूल रहे हैं।
विज्ञापन


जबकि, राइट्स ऑफ पर्सन विद डिसेबिलिटी के तहत दिव्यांग विद्यार्थियों को मुफ्त शिक्षा मुहैया करवाना सरकार की जिम्मेदारी है। कानून के मुताबिक छह से आठ साल के दिव्यांग विद्यार्थियों को नजदीक के स्कूल या उनकी पसंद के स्पेशल स्कूल में मुफ्त शिक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी है। 
विज्ञापन


यह सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है कि 18 साल की आयु तक हर दिव्यांग विद्यार्थी को उपयुक्त वातावरण में मुफ्त शिक्षा दी जाए। सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त और ग्रांट हासिल करने वाली सभी शिक्षण संस्थाओं को दिव्यांग विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करनी होगी। वे बिना किसी भेदभाव के उन्हें दाखिल करेंगी। साथ ही दूसरे बच्चों की तरह खेल व अन्य गतिविधियों के अवसर मुहैया कराएंगी। विभाग को यह भी शिकायतें मिली हैं कि दिव्यांग विद्यार्थियों से फीस वसूलने के साथ-साथ कई कई जगह प्रिंसिपल उन्हें पढ़ने से हतोत्साहित करते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


वे दिव्यांगों को दाखिला नहीं देते उन्हें स्कूल आने से रोकते हैं। इसके बाद शिक्षा सचिव कृष्ण कुमार ने सभी प्रिंसिपल को इस संबंध में कड़े निर्देश जारी किए हैं। जिनमें कहा गया है कि नौवीं से बारहवीं कक्षा में किसी भी दिव्यांग से कोई फीस न ली जाए। उन्हें दाखिला देने से रोकना कानून जुर्म है। किसी भी दिव्यांग विद्यार्थी को पढ़ाई के प्रति हतोत्साहित न किया जाए।


स्कूल के बाहर लगाना होगा बोर्ड
हाईकोर्ट के निर्देश और राइट्स ऑफ पर्सन विद डिसेबिलिटी के मुताबिक हर स्कूल के बाहर एक बोर्ड लगाना जरूरी किया गया है। जिसमें दिव्यांग विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में दी जा रही सहूलियतों का ब्योरा लिखना होगा।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed