{"_id":"6a30688c10f29beabd00c25d","slug":"fear-of-gangsters-staff-on-the-front-foot-owners-on-the-back-foot-chandigarh-news-c-16-pkl1079-1046013-2026-06-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"गैंगस्टरों का खौफ: फ्रंट फुट पर स्टाफ, बैक फुट पर मालिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गैंगस्टरों का खौफ: फ्रंट फुट पर स्टाफ, बैक फुट पर मालिक
विज्ञापन
चंडीगढ़। शहर में बढ़ती रंगदारी और फायरिंग की घटनाओं ने कारोबारियों की कार्यशैली बदल दी है। दुकानों और शोरूम में अब मालिक सामने की बजाय पीछे बैठ रहे हैं जबकि मुख्य काउंटर पर स्टाफ को तैनात किया जा रहा है। चंडीगढ़ में करीब 20 हजार शोरूम और दुकानों के साथ लगभग 50 हजार बड़े कारोबारी अपना कामकाज कर रहे हैं। इसके अलावा शहर में करीब 120 क्लब और बार संचालित होते हैं। हाल के महीनों में गैंगस्टरों की ओर से कारोबारियों को निशाना बनाए जाने के बाद व्यापारिक वर्ग में असुरक्षा की भावना बढ़ी है।
सूत्रों के मुताबिक कई प्रतिष्ठानों में मुख्य काउंटर पर केवल कैशियर और मार्केटिंग स्टाफ बैठता है जबकि मालिक ऊपरी मंजिलों पर बने केबिन या बैक ऑफिस से कारोबार संभाल रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर शहर के कुछ व्यापारियों का कहना है कि गैंगस्टर सीधे मालिकों को टारगेट कर रहे हैं इसलिए सामने बैठना जोखिम भरा हो गया है।
सुरक्षा के नए इंतजाम शुरू किए
कुछ व्यापारियों ने सुरक्षा के नए इंतजाम भी शुरू कर दिए हैं। इनमें बुलेटप्रूफ ग्लास, हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे, निजी सुरक्षा गार्ड और आने-जाने वालों की जांच जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। कई जगह मालिकों से मिलने आने वाले लोगों की पहचान और उद्देश्य की पुष्टि के बाद ही मुलाकात कराई जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि चंडीगढ़ को हमेशा सुरक्षित शहर माना जाता था लेकिन हाल की घटनाओं ने यह धारणा कमजोर कर दी है। पुलिस को न केवल अपराधियों पर कार्रवाई तेज करनी होगी बल्कि व्यापारियों में सुरक्षा का भरोसा भी बहाल करना होगा।
विज्ञापन
हाल के प्रमुख कारोबारी हमले
सेक्टर-11 श्री कुमार केमिस्ट वारदात: कैशियर पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या, पूरे शहर में दहशत।
सेक्टर-33 बिजनेसमैन हाउस अटैक: कारोबारी के घर पर फायरिंग और करोड़ों की रंगदारी की मांग।
सेक्टर-26 क्लब फायरिंग: क्लब संचालकों को धमकी भरे कॉल के बाद बाहर फायरिंग।
सेक्टर-9 प्रॉपर्टी डीलर हत्या: चरणजीत सिंह नामक कारोबारी की गोली मारकर हत्या।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक कई प्रतिष्ठानों में मुख्य काउंटर पर केवल कैशियर और मार्केटिंग स्टाफ बैठता है जबकि मालिक ऊपरी मंजिलों पर बने केबिन या बैक ऑफिस से कारोबार संभाल रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर शहर के कुछ व्यापारियों का कहना है कि गैंगस्टर सीधे मालिकों को टारगेट कर रहे हैं इसलिए सामने बैठना जोखिम भरा हो गया है।
विज्ञापन
सुरक्षा के नए इंतजाम शुरू किए
कुछ व्यापारियों ने सुरक्षा के नए इंतजाम भी शुरू कर दिए हैं। इनमें बुलेटप्रूफ ग्लास, हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे, निजी सुरक्षा गार्ड और आने-जाने वालों की जांच जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। कई जगह मालिकों से मिलने आने वाले लोगों की पहचान और उद्देश्य की पुष्टि के बाद ही मुलाकात कराई जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि चंडीगढ़ को हमेशा सुरक्षित शहर माना जाता था लेकिन हाल की घटनाओं ने यह धारणा कमजोर कर दी है। पुलिस को न केवल अपराधियों पर कार्रवाई तेज करनी होगी बल्कि व्यापारियों में सुरक्षा का भरोसा भी बहाल करना होगा।
विज्ञापन
हाल के प्रमुख कारोबारी हमले
सेक्टर-11 श्री कुमार केमिस्ट वारदात: कैशियर पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या, पूरे शहर में दहशत।
सेक्टर-33 बिजनेसमैन हाउस अटैक: कारोबारी के घर पर फायरिंग और करोड़ों की रंगदारी की मांग।
सेक्टर-26 क्लब फायरिंग: क्लब संचालकों को धमकी भरे कॉल के बाद बाहर फायरिंग।
सेक्टर-9 प्रॉपर्टी डीलर हत्या: चरणजीत सिंह नामक कारोबारी की गोली मारकर हत्या।