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कोरोना को लेकर डॉक्टरों में बढ़ रहा खौफ, चंडीगढ़ में बिना किट-मास्क ड्यूटी दे रहे हैं जूनियर रेजिडेंट
Sat, 02 May 2020 01:47 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sat, 02 May 2020 01:47 PM IST
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बिना पीपीई किट के ड्यूटी करतीं जूनियर रेजिडेंट
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जीएमसीएच-32 चंडीगढ़ में ड्यूटी दे रहे कर्मचारियों में कोरोना संक्रमण को लेकर भय बना है। सबसे ज्यादा खौफ जूनियर रेजिडेंट में देखा जा रहा है। उन्हें न तो पीपीई किट दिया जा रहा है न एन95 मास्क। सुरक्षा व्यवस्था के बिना उन्हें मरीजों के बीच ड्यूटी के लिए भेजा जा रहा है। इससे वहां के जूनियर रेजिडेंट काफी तनाव में हैं। इस संबंध में उच्चाधिकारियों का कहना है कि पीपीई और एन95 की पूरे देश में कमी चल रही है। थोड़ी परेशानी में कम करना होगा।
ड्यूटी करने वालों का नहीं हो रहा टेस्ट
अस्पताल की इमरजेंसी से लेकर वार्ड तक में जेआर की ड्यूटी लगाई जा रही है। पिछले दिनों अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों में कोरोना की पुष्टि के बाद अस्पताल का लगभग हर कोना संक्रमित हो चुका है। ऐसी स्थिति में जेआर से लगातार ड्यूटी कराकर भी उनका कोरोना टेस्ट नहीं कराया जा रहा। ड्यूटी कर रहे कई जेआर में तो सर्दी जुकाम और फ्लू के लक्षण भी दिख रहे हैं, लेकिन इसे अस्पताल प्रशासन गंभीरता से नहीं ले रहा। ऐसे माहौल में ड्यूटी कर रहे ज्यादातर जेआर के परिजन घर आने का दबाव बना रहे हैं, लेकिन उन्हें छुट्टी भी नहीं दी जा रही। कई जेआर ने बताया कि अस्पताल में ड्यूटी के दौरान डर और तनाव से उनके साथियों का बीपी हाई हो जाता है। इसके बावजूद इस तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा।
तुम पॉजिटिव हो गए तो ड्यूटी कौन करेगा
लगातार ड्यूटी कर रहे एक जेआर ने बताया कि फ्लू और अन्य लक्षण दिखने पर जब सीनियर से कोरोना टेस्ट कराने को कहा गया तो जवाब मिला अगर टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो अस्पताल में ड्यूटी कौन करेगा। इतना ही नहीं, स्टाफ की कमी के कारण क्वारंटीन करने की प्रक्रिया भी मनमाने तरीके से की जा रही है। वहीं, एक अन्य जेआर ने बताया कि अस्पताल के ज्यादा सीनियर डॉक्टर खुद घर से ड्यूटी कर रहे हैं या ऑन कॉल उपलब्ध हो रहे हैं, लेकिन हम पर लगातार ड्यूटी करने का दबाव बनाया जा रहा है। इसलिए इस तरफ चंडीगढ़ प्रशासन को शीघ्र गंभीरता से ध्यान देकर उचित व्यवस्था बहाल करानी चाहिए।
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जीएमसीएच प्रशासन के पास नहीं है जवाब
कोरोना को लेकर अस्पताल में हो रही अव्यवस्था पर जीएमसीएच-32 का कोई भी प्रशासनिक अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। अस्पताल के प्रशासनिक प्रवक्ता अनिल मोदगिल का कहना है कि इससे जुड़े सवालों के जवाब कोरोना के नोडल ऑफिसर डॉ. हरीश दशारी देंगे, वहीं डॉ. दशारी किसी भी तरह का कोई बयान देने को राजी नहीं हैं।
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ड्यूटी करने वालों का नहीं हो रहा टेस्ट
अस्पताल की इमरजेंसी से लेकर वार्ड तक में जेआर की ड्यूटी लगाई जा रही है। पिछले दिनों अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों में कोरोना की पुष्टि के बाद अस्पताल का लगभग हर कोना संक्रमित हो चुका है। ऐसी स्थिति में जेआर से लगातार ड्यूटी कराकर भी उनका कोरोना टेस्ट नहीं कराया जा रहा। ड्यूटी कर रहे कई जेआर में तो सर्दी जुकाम और फ्लू के लक्षण भी दिख रहे हैं, लेकिन इसे अस्पताल प्रशासन गंभीरता से नहीं ले रहा। ऐसे माहौल में ड्यूटी कर रहे ज्यादातर जेआर के परिजन घर आने का दबाव बना रहे हैं, लेकिन उन्हें छुट्टी भी नहीं दी जा रही। कई जेआर ने बताया कि अस्पताल में ड्यूटी के दौरान डर और तनाव से उनके साथियों का बीपी हाई हो जाता है। इसके बावजूद इस तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा।
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तुम पॉजिटिव हो गए तो ड्यूटी कौन करेगा
लगातार ड्यूटी कर रहे एक जेआर ने बताया कि फ्लू और अन्य लक्षण दिखने पर जब सीनियर से कोरोना टेस्ट कराने को कहा गया तो जवाब मिला अगर टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो अस्पताल में ड्यूटी कौन करेगा। इतना ही नहीं, स्टाफ की कमी के कारण क्वारंटीन करने की प्रक्रिया भी मनमाने तरीके से की जा रही है। वहीं, एक अन्य जेआर ने बताया कि अस्पताल के ज्यादा सीनियर डॉक्टर खुद घर से ड्यूटी कर रहे हैं या ऑन कॉल उपलब्ध हो रहे हैं, लेकिन हम पर लगातार ड्यूटी करने का दबाव बनाया जा रहा है। इसलिए इस तरफ चंडीगढ़ प्रशासन को शीघ्र गंभीरता से ध्यान देकर उचित व्यवस्था बहाल करानी चाहिए।
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जीएमसीएच प्रशासन के पास नहीं है जवाब
कोरोना को लेकर अस्पताल में हो रही अव्यवस्था पर जीएमसीएच-32 का कोई भी प्रशासनिक अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। अस्पताल के प्रशासनिक प्रवक्ता अनिल मोदगिल का कहना है कि इससे जुड़े सवालों के जवाब कोरोना के नोडल ऑफिसर डॉ. हरीश दशारी देंगे, वहीं डॉ. दशारी किसी भी तरह का कोई बयान देने को राजी नहीं हैं।