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आंदोलन की राह पर किसान: पंजाब में तीन अक्तूबर को रेल रोकेंगे किसान, दो दर्जन स्थानों पर होगा चक्का जाम
Sun, 25 Sep 2022 08:30 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Sun, 25 Sep 2022 08:30 PM IST
सार
किसानों का आरोप है कि केंद्र सरकार अब बिजली वितरण का काम निजी घरानों को देने वाली है। उन्होंने कहा कि इसके साथ-साथ किसानों की अन्य मांगें व बढ़ रही महंगाई का भी मुद्दा होगा।
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रेलवे ट्रैक पर बैठे किसान।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने एक बार फिर तीन अक्तूबर को पंजाब भर में रेल रोकने का एलान किया है। कमेटी ने कहा कि पंजाब व केंद्र की सरकारें किसानों की मांगों के प्रति गंभीरता नहीं दिखा रही हैं। मजबूरन किसानों को रेल रोको आंदोलन करना पड़ रहा है। इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए संगठन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। राज्य में करीब दो दर्जन स्थानों पर किसान ट्रेनों का चक्का जाम करेंगे।
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किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब के राज्य महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि पंजाब के किसान तीन अक्तूबर को तीन घंटे रेल सेवा ठप रखेंगे। किसानों का विरोध कुछ दिन पहले केंद्र सरकार के बिजली से संबंधित अधिसूचना के बाद शुरू हुआ है। इसके तहत सरकार ने बिजली वितरण का काम निजी हाथों में देने का फैसला लिया है।
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किसानों का आरोप है कि केंद्र सरकार अब बिजली वितरण का काम निजी घरानों को देने वाली है। उन्होंने कहा कि इसके साथ-साथ किसानों की अन्य मांगें व बढ़ रही महंगाई का भी मुद्दा होगा। पंधेर ने बताया कि अधिसूचना के अनुसार बिजली का वितरण निजी कंपनियां करेंगी। बिजली वितरण का अधिकार राज्य सरकारों को है लेकिन यह नोटिफिकेशन जारी कर केंद्र सरकार इसे भी अपने हाथ में ले रही है और काम चहेतों को दे रही है।
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उन्होंने कहा कि रुपये की कीमत सबसे निचले स्तर पर तकरीबन 81 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गई है। फरवरी 2022 से लेकर अब तक का अंतर करीब 6 रुपये है लेकिन इसके नुकसान आने वाले दिनों में देखने को मिलेंगे। रुपया गिरने से खेती करना महंगा हो जाएगा। बीज से लेकर दवा तक महंगी हो जाएंगी। तेल के दाम बढ़ जाएंगे। इससे महंगाई बढ़ेगी और आम आदमी ही पिसेगा।