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Haryana News: हरियाणा में फिर किसान आंदोलन की चेतावनी, 24 नवंबर को अंबाला में रोकेंगे रेल
Wed, 02 Nov 2022 11:49 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 02 Nov 2022 11:49 PM IST
सार
चढूनी ने कहा कि दिल्ली में 13 महीने 13 दिन चले किसान आंदोलन के दौरान केंद्र सरकार ने लिखित में सभी प्रकार के केस वापस लेने की किसानों की शर्त को माना था। लगभग एक साल का समय बीत जाने पर भी अभी तक रेलवे के 12 केस वापस नहीं हुए है।
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किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी (मध्य में)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केस वापस नहीं होने के चलते हरियाणा में भारतीय किसान यूनियन ने फिर से किसान आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि किसान आंदोलन की दूसरी वर्षगांठ पर 24 नवंबर को अंबाला में रेल रोककर इसकी शुरुआत की जाएगी।
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अंबाला के मोहड़ा की अनाज मंडी में हजारों की संख्या में किसान एकत्रित होकर अपनी ताकत का अहसास कराएंगे। चढूनी ने कहा कि दिल्ली में 13 महीने 13 दिन चले किसान आंदोलन के दौरान केंद्र सरकार ने लिखित में सभी प्रकार के केस वापस लेने की किसानों की शर्त को माना था। लगभग एक साल का समय बीत जाने पर भी अभी तक रेलवे के 12 केस वापस नहीं हुए है। अभी इन केसों को रद्द करने को लेकर रेलवे कोई आदेश नहीं मिले।
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वहीं, मीडिया प्रभारी राकेश कुमार बैंस ने कहा कि हरियाणा सरकार से हुई मुख्यमंत्री से समझौता वार्ता में भी सभी केस वापस लेने की बात हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मानी थी। इनमें पुराने केस वापस लेने व आंदोलन के सहायक लोगों को किसी भी प्रकार से पीड़ित न करने का वादा किया था लेकिन आज भी कई किसानों के असलहा लाइसेंस व पासपोर्ट रोके हैं। इसी प्रकार 30 मुकदमे पहले से आंदोलनों के लंबित है जोकि सरकार को पहले से लिखित में भेजे जा चुके है, इन पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
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उन्होंने कहा कि 24 नवंबर को मोहड़ा की अनाज मंडी से ही दो साल पहले आंदोलन शुरू हुआ था। इस दिन किसान मसीहा सर छोटू राम की जयंती है और यहां पर किसानों को किसान आंदोलन का महत्व बताया जाएगा। इसके आलावा, किसानों के मुआवजे समेत अन्य मांगों को दोहराया जाएगा।
चढूनी ने कहा कि जुमला मुस्तरका मालिकन भूमि के पंजाब व हरियाणा सरकार के आदेश को लेकर विरोध शुरू किया जाएग। शामलात देह व जुमला मुस्तरका मालकान भूमि के मालिकाना हक काश्तकार किसानो से वापस लेकर पंचायत व नगर पालिकाओं के नाम करने के आदेश के खिलाफ आंदोलन शुरू किया जाएगा।