कर्ज माफी को लेकर पंजाब में पांच दिवसीय धरने पर किसान, कई जिलों में बैंकों के सामने प्रदर्शन
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कर्ज माफी की मांग को लेकर पंजाब के किसान धरने पर हैं। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में किसानों ने धरना प्रदर्शन किया। बठिंडा में भारतीय किसान एकता उग्राहां की ओर से मंगलवार को नव वर्ष की शुरुआत पांच दिवसीय धरना लगाकर शुरू की गई।
कर्ज माफी और खुदकुशी पीड़ित किसान परिवारों की मांगें पूरी करवाने और बैंक कर्मियों की ओर से किसानों के साथ की जा रही धक्केशाही के खिलाफ सहकारी बैंक के आगे धरना शुरू किया गया है।
भाकियू उग्राहां के अध्यक्ष शिंगारा सिंह मान ने कहा कि बैंक या आढ़तिया जब किसानों को कर्ज देता है तो खाली दस्तावेजों पर किसान के हस्ताक्षर करवाकर खाली चेक ले लेते हैं। जब किसान कर्जा वापस करने में देरी कर देते हैं तो बैंक कर्मी और आढ़तिया अपनी मर्जी से किसानों के खाली चेकों पर रकम भर बैंक में लगा देते हैं। चेक बाउंस हो जाता जिसके बाद किसान को जलील किया जाता है।
वहीं संगरूर में भी कर्ज माफी की मांग को लेकर मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां के नेतृत्व में किसानों ने एसबीआई बैंक की ब्रांच के सामने पक्का मोरचा शुरू कर दिया है। इस मौके पर किसान नेताओं ने कहा कि चुनाव के दौरान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सत्ता में आने पर किसानों का सारा कर्ज माफ करने का वादा किया था। सरकार को सत्ता मिले दो साल का समय होने को है लेकिन अभी तक किसानों का कर्ज माफ नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि कैप्टन सरकार किसानों को झूठे आश्वासन देकर समय बिता रही है लेकिन अब किसान चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि कैप्टन सरकार के झूठे वादों के कारण किसान बैंकों से डिफाल्टर हो गए हैं जिसकी सारी जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। उन्होंने मांग की कि किसानों का सारा कर्ज माफ किया जाए।
उन्होंने कहा कि कैप्टन सरकार के बीस महीने के कार्यकाल के दौरान लगभग एक हजार किसान-मजदूर खुदकुशी कर चुके हैं, इनमें महिलाओं की तादाद भी काफी ज्यादा है। वहीं मुक्तसर में भी किसानों ने सहकारी बैंकों के सामने पांच दिवसीय धरने शुरु किया है।