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पंजाब के धान उत्पादकों को बड़ी राहत: सीधी बिजाई पर 1500 रुपये प्रति एकड़ मदद देगी सरकार, भूजल स्तर सुधारने का प्रयास
Sat, 30 Apr 2022 04:21 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 30 Apr 2022 04:21 PM IST
सार
पंजाब में किसान 20 मई से धान की सीधी बुवाई कर सकते हैं। सीएम भगवंत मान ने किसानों से अपील की कि अपने परिवार और दोस्तों को सीधी बुवाई के लिए प्रोत्साहित करें ताकि भूजल को संरक्षित किया जा सके।
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सीएम भगवंत मान।
- फोटो : ANI
विस्तार
पंजाब में भूजल के तेजी से गिरते स्तर को थामने के प्रयास के तहत शनिवार को एक अहम फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान धान की सीधी बिजाई करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 1500 रुपये की वित्तीय सहायता देने का एलान किया है। साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी एलान किया कि किसान सीधी बिजाई की तकनीक से धान की बुआई की शुरुआत 20 मई से कर सकते हैं।
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एक वीडियो संदेश में किसानों को इस सीजन के दौरान धान की फसल का अधिक से अधिक क्षेत्रफल सीधी बिजाई के अधीन लाने का आह्वान करते हुए भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार इस तकनीक को अपनाने वाले किसानों को न केवल 1500 रुपये प्रति एकड़ की वित्तीय सहायता मुहैया करवाएगी, बल्कि कृषि विभाग इस तकनीक को अपनाने में किसानों को अपेक्षित सहयोग भी देगा।
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मौजूदा समय में भूजल की चिंताजनक स्थिति का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक ढंग से धान की बुआई के कारण पानी का अधिक उपयोग होता है, जिस कारण भूजल का स्तर बहुत नीचे जा चुका है और स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि कई जिले तो रेड जोन में आ चुके हैं।
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मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की है कि इस बार न केवल आप धान की सीधी बिजाई की तकनीक अपनाएं, बल्कि अपने रिश्तेदारों और कृषि से जुड़े दोस्तों एवं मित्रों को भी यह तकनीक अपनाने के लिए अधिक से अधिक प्रेरित करें, ताकि हम सभी एकजुट होकर पानी के स्तर को और नीचे जाने से रोकने के लिए मिलकर प्रयास कर सकें।
कृषि वैज्ञानिकों द्वारा ईजाद की गई नई खोज का हवाला देते हुए भगवंत मान ने कहा कि धान की सीधी बिजाई जहां पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव डालती है, वहीं किसानों के लिए आर्थिक तौर पर भी लाभदायक है, क्योंकि इस बिजाई से धान के पैदावार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता, बल्कि उसके बाद उसी खेत में बीजी जाने वाली गेहूं या अन्य फसल की पैदावार भी अधिक निकलती है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने बीती 17 अप्रैल को 24 किसान संगठनों से बैठक करके खरीफ की फसल के सीजन के दौरान धान की सीधी बिजाई की तकनीक को बड़े स्तर पर अपनाने के लिए किसानों को अधिक से अधिक जागरूक करने की अपील भी की थी।