वीरवार को भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश प्रवक्ता राकेश टिकैत धर्मनगरी में पहुंचे। टिकैत यहां पर 5 सितंबर को मुज्जफनगर में होने वाली किसान महापंचायत का न्योता देने के लिए पहुंचे थे। टिकैत ने जाट धर्मशाला में किसानों ने संबोधित करते हुए महापंचायत में पहुंचने का न्योता दिया और कहा कि आंदोलन की आगे की रणनीति महापंचायत में तय की जाएगी। इसम मौके पर उन्होंने कहा कि अगर हम सोचते हैं कि बंदूक व चाकू के दम पर सरकार को झुकाया जाए तो ये गलत है, क्योंकि सरकार तो चाहती ही यही है कि हम बंदूक उठाएं। जिन जिन लोगों ने आंदोलन में बंदूकों का सहारा लिया वो कोमें बर्बाद हुई आंदोलन बर्बाद हुए। टिकैत ने कहा कि सरकार के जो बड़े अच्छी विचारधारा के लोग थे, वे हमारे मंच पर भी आए, लेकिन अब वो गायब हैं। सरकार किसानों की जमीन हड़पने का काम कर रही है। सरकार अपना घोषणा पत्र दिखाए और बताए कि उसके कहां लिखा था कि वह सब कुछ बेच देगी। भारत पेट्रोल एक अमेरिकन कंपनी थी उस समय इसका नाम कुछ ओर हुआ करता था। विशाखापटनम में इसका ऑफिस था। सन 1962-65 की लड़ाई हुई तो इसकी कंपनी ने भारत को ही तेल देने से मना कर दिया था। बाद में कंपनी का अधिग्रहण किया गया और इसका नाम बदलकर भारत पेट्रोलियम कर दिया गया था। आज फिर से बड़ी बड़ी कंपनियों को इसे बेचा जा रहा है। रेलवे पर टिकैत ने बोला कि अगले साल तक रेलवे के चार लाख कर्मचारी बाहर होंगे। रेल के रूट डिसाइड है। 154 रूट बेच दिए गए हैं, जिसमें करीब 750 ट्रेन बिक चुकी है। सरकार ने पुलिस प्रशासन की भी जुबान बंद कर रखी है। पुलिसकर्मी की सैलरी शिक्षक से काफी कम होती है, लेकिन टीचर अपना आंदोलन देश में कर सकते हैं पर पुलिस आंदोलन नहीं कर सकती। इस मौके पर भाकियू नेता रतनमान, अक्षय हथिया, संजीव आलमपुर सहित भारी संख्या में किसान मौजूद रहे।