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Haryana: गन्ने की कीमत बढ़ाने के लिए किसानों का प्रदर्शन, कई जिलों में शुगर मिलों पर जड़ा ताला
Fri, 20 Jan 2023 11:49 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 20 Jan 2023 11:49 AM IST
सार
किसान सभा के सचिव सुमित सिंह ने बताया कि सरकार गन्ने की कीमत बढ़ाने में आनाकानी कर रही है। गन्ने की कीमत न बढ़ाकर किसानों के साथ विश्वासघात किया जा रहा है। किसान गन्ने की खेती करने से पीछे हटने लगे है।
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कुरुक्षेत्र में प्रदर्शन करते किसान।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
गन्ने की कीमत बढ़ाने की मांग को लेकर शुक्रवार को किसानों ने कई जिलों में शुगर मिल पर ताला जड़कर प्रदर्शन किया। रोहतक में अखिल भारतीय किसान सभा ने शुगर मिल भाली आनंदपुर पर ताला जड़ दिया। किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक सरकार गन्ने की कीमत को नहीं बढ़ती, तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा।
किसान सभा के सचिव सुमित सिंह ने बताया कि सरकार गन्ने की कीमत बढ़ाने में आनाकानी कर रही है। गन्ने की कीमत न बढ़ाकर किसानों के साथ विश्वासघात किया जा रहा है। किसान गन्ने की खेती करने से पीछे हटने लगे है। उन्होंने बताया कि गत दिवस से किसानों ने गन्ने की छिलाई का काम बंद कर दिया था और पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रदेशभर की शुगर मिलों पर तालाबंदी की गई है। भाली आनंदपुर शुगर मिल व महम शुगर मिल पर भी सुबह 9 बजे ताला लगाते हुए किसानों ने धरना शुरू कर दिया। साथ ही जो भी गन्ने की ट्राली मिल पर पहुंची, उन्हें वापस लौटा दिया। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार किसानों की मांग पूरी नहीं करती, तब तक शुगर मिलों को बंद करते हुए प्रदर्शन किया जाएगा।
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अम्बाला में नारायणगढ़ शुगर मिल के पास किसान धरने पर बैठ गए हैं। वहीं सोनीपत के गोहाना में आहुलाना शुगर मिल पर ताला लगाकर किसानों ने प्रदर्शन किया। किसान गन्ने का भाव 450 रुपये करने की मांग कर रहे हैं। किसानों ने शाहबाद शुगर मिल के बाहर धरना दिया। करनाल में भी शुगर मिल पर किसानों का धरना प्रदर्शन जारी है।
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किसान सभा के सचिव सुमित सिंह ने बताया कि सरकार गन्ने की कीमत बढ़ाने में आनाकानी कर रही है। गन्ने की कीमत न बढ़ाकर किसानों के साथ विश्वासघात किया जा रहा है। किसान गन्ने की खेती करने से पीछे हटने लगे है। उन्होंने बताया कि गत दिवस से किसानों ने गन्ने की छिलाई का काम बंद कर दिया था और पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रदेशभर की शुगर मिलों पर तालाबंदी की गई है। भाली आनंदपुर शुगर मिल व महम शुगर मिल पर भी सुबह 9 बजे ताला लगाते हुए किसानों ने धरना शुरू कर दिया। साथ ही जो भी गन्ने की ट्राली मिल पर पहुंची, उन्हें वापस लौटा दिया। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार किसानों की मांग पूरी नहीं करती, तब तक शुगर मिलों को बंद करते हुए प्रदर्शन किया जाएगा।
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अम्बाला में नारायणगढ़ शुगर मिल के पास किसान धरने पर बैठ गए हैं। वहीं सोनीपत के गोहाना में आहुलाना शुगर मिल पर ताला लगाकर किसानों ने प्रदर्शन किया। किसान गन्ने का भाव 450 रुपये करने की मांग कर रहे हैं। किसानों ने शाहबाद शुगर मिल के बाहर धरना दिया। करनाल में भी शुगर मिल पर किसानों का धरना प्रदर्शन जारी है।
यमुनानगर में किसानों ने रोका शुगर मिल का गन्ना, किसानों को भी वापस भेजा
गन्ने का रेट नहीं बढ़ाए जाने से खफा किसानों ने सुबह यमुनानगर में सरस्वती शुगर मिल का गन्ना रोक दिया। भारतीय किसान यूनियन टिकैत व चढूनी गुट के अलावा भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने मिलकर शुगर मिल के गन्ना तुलाई केंद्र पर रस्सा बांध का यार्ड से आने वाली ट्रालियों को रोक दिया। गन्ने से भरी किसी भी ट्राली व ट्रक को शुगर मिल के अंदर नहीं जाने दिया। किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और गन्ने का रेट 450 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग की।
किसान सुबह से ही शुगर मिल के गन्ना यार्ड में जुटने शुरू हो गए थे। भारतीय किसान संघ द्वारा पहले ही 16 जनवरी से शुगर मिल के गन्ना यार्ड में धरना दिया जा रहा है। भाकियू व भाकिसं ने पहले ही किसानों से अपील की थी कि वह 20 जनवरी को शुगर मिल में गन्ना लेकर न जाएं। यार्ड से प्रदर्शन करते हुए किसान शुगर मिल के तुलाई केंद्र पर पहुंचे जहां पर उन्होंने रस्सा बांध कर गन्ने से भरी ट्रालियों को बाहर ही रोक दिया। इस दौरान कुछ वाहन चालकों ने जबरन अंदर जाने का प्रयास किया लेकिन किसानों ने उन्हें वहीं रोक दिया। जो किसान बाहर से गन्ना लेकर आए थे उन्हें भी वापस ही भेज दिया। वहीं शुगर मिल के यार्ड में खड़ी ट्रालियों को भी मिल में जाने नहीं दिया।
भाकियू जिला प्रधान संजू गुंदियाना ने कहा कि पिछले साल तक पूरे देश में सबसे ज्यादा हरियाणा में गन्ने का रेट होता था, लेकिन आज पंजाब में गन्ने का रेट सबसे ज्यादा है। सरकार चाहती है कि किसान सड़कों पर उतरे। जब तक गन्ने का रेट नहीं बढ़ता तब तक किसान शुगर मिलों में गन्ने की सप्लाई नहीं होने देंगे।
गन्ने का रेट नहीं बढ़ाए जाने से खफा किसानों ने सुबह यमुनानगर में सरस्वती शुगर मिल का गन्ना रोक दिया। भारतीय किसान यूनियन टिकैत व चढूनी गुट के अलावा भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने मिलकर शुगर मिल के गन्ना तुलाई केंद्र पर रस्सा बांध का यार्ड से आने वाली ट्रालियों को रोक दिया। गन्ने से भरी किसी भी ट्राली व ट्रक को शुगर मिल के अंदर नहीं जाने दिया। किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और गन्ने का रेट 450 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग की।
किसान सुबह से ही शुगर मिल के गन्ना यार्ड में जुटने शुरू हो गए थे। भारतीय किसान संघ द्वारा पहले ही 16 जनवरी से शुगर मिल के गन्ना यार्ड में धरना दिया जा रहा है। भाकियू व भाकिसं ने पहले ही किसानों से अपील की थी कि वह 20 जनवरी को शुगर मिल में गन्ना लेकर न जाएं। यार्ड से प्रदर्शन करते हुए किसान शुगर मिल के तुलाई केंद्र पर पहुंचे जहां पर उन्होंने रस्सा बांध कर गन्ने से भरी ट्रालियों को बाहर ही रोक दिया। इस दौरान कुछ वाहन चालकों ने जबरन अंदर जाने का प्रयास किया लेकिन किसानों ने उन्हें वहीं रोक दिया। जो किसान बाहर से गन्ना लेकर आए थे उन्हें भी वापस ही भेज दिया। वहीं शुगर मिल के यार्ड में खड़ी ट्रालियों को भी मिल में जाने नहीं दिया।
भाकियू जिला प्रधान संजू गुंदियाना ने कहा कि पिछले साल तक पूरे देश में सबसे ज्यादा हरियाणा में गन्ने का रेट होता था, लेकिन आज पंजाब में गन्ने का रेट सबसे ज्यादा है। सरकार चाहती है कि किसान सड़कों पर उतरे। जब तक गन्ने का रेट नहीं बढ़ता तब तक किसान शुगर मिलों में गन्ने की सप्लाई नहीं होने देंगे।
पानीपत में डाहर शुगर मिल को किसानों ने अनिश्चितकाल के लिए किया बंद
गन्ने फसल की मूल्य वृद्धि को लेकर पानीपत के किसानों ने एकजुट होकर शुक्रवार सुबह 11 बजकर 5 पर किसानों ने डाहर शुगर मिल में रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद सैकड़ों की संख्या में किसानों ने शुगर मिल में जाकर अंदर चल रही सभी मशीनों को बंद करवा दिया। गुरनाम सिंह चढूनी गुट के किसान प्रधान सुधीर जाखड़ ने बताया कि मशीनों को अब अनिश्चितकालीन के लिए बंद कर दिया गया है। जब तक हरियाणा सरकार प्रदेश में गन्ने की फसल की मूल्य वृद्धि नहीं करेगी तब तक वह मशीन को चालू नहीं होने देंगे। इसी के साथ गेट मन करवाने के दौरान किसानों और पुलिस में झड़प हुई है। जिसके बाद किसानों ने गेट को बंद नहीं किया है। इसी के साथ किसान प्रधान सुधीर ने अन्य गांव से किसानों को जल्द से जल्द पहुंचने के लिए कहा है ताकि पुलिस मिल को चालू न करवा सके।
गन्ने फसल की मूल्य वृद्धि को लेकर पानीपत के किसानों ने एकजुट होकर शुक्रवार सुबह 11 बजकर 5 पर किसानों ने डाहर शुगर मिल में रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद सैकड़ों की संख्या में किसानों ने शुगर मिल में जाकर अंदर चल रही सभी मशीनों को बंद करवा दिया। गुरनाम सिंह चढूनी गुट के किसान प्रधान सुधीर जाखड़ ने बताया कि मशीनों को अब अनिश्चितकालीन के लिए बंद कर दिया गया है। जब तक हरियाणा सरकार प्रदेश में गन्ने की फसल की मूल्य वृद्धि नहीं करेगी तब तक वह मशीन को चालू नहीं होने देंगे। इसी के साथ गेट मन करवाने के दौरान किसानों और पुलिस में झड़प हुई है। जिसके बाद किसानों ने गेट को बंद नहीं किया है। इसी के साथ किसान प्रधान सुधीर ने अन्य गांव से किसानों को जल्द से जल्द पहुंचने के लिए कहा है ताकि पुलिस मिल को चालू न करवा सके।