पंजाबः अमृतसर में किसानों का धरना दूसरे दिन भी जारी, 25 ट्रेनें रद्द, कई के बदले रूट
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किसानों और मजदूर संगठनों का अपनी मांगों को मनवाने के लिए दूसरे दिन भी कस्बा जंडियाला गुरु के रेलवे स्टेशन से कुछ गज की दूरी पर रेलवे ट्रैक पर धरना जारी रहा। इसके चलते रेलवे प्रशासन ने 25 ट्रेनें रद्द कर दीं, जबकि 24 गाड़ियों के रूट बदल दिए। इससे हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए रेल प्रशासन ने 20 गाड़ियां रेलवे स्टेशन पर रोक लीं।
किसान मजदूर संघर्ष समिति ने कहा कि जब तक पंजाब सरकार उनकी मांगें नहीं मानती, रेल ट्रैक खाली नहीं किया जाएगा। समिति के अध्यक्ष सतनाम सिंह पन्नू ने बताया कि किसानों के साथ बातचीत करने के लिए कोई भी सरकारी अधिकारी नहीं पहुंचा। इसी बीच डीसी शिव दुलार सिंह ने सोमवार रात 10 बजे समिति के सदस्यों के साथ बातचीत करने की कोशिश की थी। लेकिन उन्होंने डीसी को मांगों को पूरा करने की शर्त रख दी थी। मंगलवार को भी शाम तक समिति और जिला प्रशासन के बीच बैठक जारी थी।
पटरियों पर पक रहा लंगर
किसान संघर्ष समिति के सदस्य लंबे समय तक धरना देने की कोशिश में हैं। रेल पटरियों पर टेंट लगा दिए गए हैं। किसानों के परिवार लंगर पका रहे हैं। पटरियों के आस-पास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। कुछ किसान रेल पटरियों पर लेटे हुए हैं।
ये ट्रेनें हुईं रद्द
दो ट्रेनों, नई दिल्ली-अमृतसर शताब्दी एक्सप्रेस और नई दिल्ली-अमृतसर शान-ए-पंजाब एक्सप्रेस को क्रमश: जालंधर सिटी और ब्यास तक ही चलाया गया। जो ट्रेनें रद्द की गईं, उनमें नई दिल्ली-जालंधर इंटरसिटी, अमृतसर-हरिद्वार-अमृतसर जन शताब्दी, चंडीगढ़-अमृतसर सुपरफास्ट और नंगल डैम-अमृतसर एक्सप्रेस शामिल हैं। वहीं दिल्ली-पठानकोट सुपरफास्ट, अमृतसर-नई शताब्दी और अमृतसर-सियालदाह अकाल तख्त एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग से चलाई गईं ट्रेनों में शामिल रहीं।
ये हैं किसानो की मांगें
- निजी व सरकारी चीनी मिलों पर किसानों का बकाया 400 करोड़ रुपया जारी किया जाए
- बीते वर्षों से गन्ने का बकाया किसानों को 15 फीसदी ब्याज के साथ दिया जाए।
- गन्ने का रेट 340 रुपये क्विंटल तय किया जाए।
- किसान आंदोलन के दौरान जिला प्रशासन द्वारा किसानों पर दायर किए सभी मामले रद्द किए जाएं।
- वर्ष 2007 में किसानों की जमीन के इंतकाल तोड़ दिए गए थे, इन्हे बहाल किया जाए।
- साठ वर्ष की आयु के किसानों को पांच हजार रुपये की पेंशन दी जाए।
- स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागू की जाए ।