हरियाणा : किसानों ने मुरथल, केएमपी व केजीपी टोल मुफ्त कराया, 90 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर आंदोलनरत किसानों ने शुक्रवार को मुरथल, केजीपी और केएमपी के टोल प्लाजा फ्री करा दिए। इस बार पंजाब से नहीं बल्कि कुंडली बॉर्डर पर चल रहे धरनास्थल से किसानों का जत्था अलग-अलग टोल प्लाजा पर पहुंचा और अवरोधक हटाकर टोल फ्री करवाए।
किसानों के साथ स्थानीय भारतीय किसान पंचायत के सदस्यों ने भी टोल फ्री कराने में मदद की। पहले किसान मुरथल टोल प्लाजा पर पहुंचे और बाद में केएमपी व केजीपी को फ्री कराया। तीनों टोल देर शाम तक फ्री रहे। किसानों ने तीन दिन तक टोल फ्री रखने का अल्टीमेटम दे रखा है। खरखौदा में किसानों ने केएमपी पर टोल नहीं लेने दिया। तीनों टोल फ्री कराने से 90 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है।
यह भी पढ़ें- हर बार किस्मत नहीं देती साथ...दो माह पहले मौत के मुहाने से लौटा, अब ठीक वैसे ही 'साथी' संग गई जान
किसानों ने शुक्रवार सुबह नौ बजे नेशनल हाईवे-44 स्थित मुरथल टोल पर पहुंचकर कर्मियों को चेतावनी देकर टोल फ्री करा दिया। मुरथल टोल प्लाजा के मैनेजर अशोक कुमार ने बताया कि किसानों ने पहले ही चेतावनी दे रखी थी। सुबह नौ बजे किसानों का जत्था आया और टोल बंद करा दिया। किसानों में महिलाएं भी शामिल थीं। उन्होंने बताया कि इससे करीब 50 लाख रुपये का नुकसान होगा।
पहले ही रूट डायवर्ट होने से उन्हें हर रोज करीब 25-30 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। भिगान टोल को दिनभर फ्री रखा गया। आगे भी किसानों के अल्टीमेटम के अनुसार टोल नहीं लिया जाएगा। उधर, खरखौदा केएमपी पर भाकियू ब्लाक अध्यक्ष जयसिंह की अगुवाई में टोल बंद कराया। जयसिंह नकलोई ने कहा कि तीन दिन टोल नहीं लेने दिया जाएगा। इस दौरान पूर्व जिला पार्षद चांद पहलवान, राजेंद्र सिसाना, बंटा ठेकेदार, दीपक ठेकेदार, प्रधान सतीश, प्रधान कृष्ण, जिंद्र, राजकुमार, बलवान, धर्मपाल, जयकिशन, नान्हा सिसाना आदि मौजूद रहे।
यह भी पढ़ें- कौन थे पंडित गोलकनाथ, जिनके नाम पर बना पंजाब का सबसे पुराना चर्च, रोचक है इतिहास
11 बजे केएमपी-केजीपी का टोल प्लाजा फ्री कराया
केजीपी व केएमपी टोल प्लाजा को बंद करवाने के लिए भारतीय किसान पंचायत के सदस्य 11 बजे पहुंचे। उन्होंने टोल कर्मियों की छुट्टी करवाकर टोल को फ्री करवा दिया। इस दौरान केएमपी के टोल अवरोधक को हटाने पर कुछ खींचतान भी हुई, हालांकि राई थाना प्रभारी विवेक मलिक ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को शांत कर दिया। खरखौदा क्षेत्र में पिपली टोल को किसानों ने सवा 11 बजे से फ्री करवाया।
जाम देखकर लोगों ने फोन कर बुलाए किसान
शुक्रवार को केएमपी पर टोल वसूला जा रहा था। इस दौरान टोल प्लाजा पर वाहनों की कतार लगी थी। जाम लगा देख कुछ वाहन चालकों ने खुद ही फोन कर किसान प्रतिनिधियों को सूचित कर दिया, जिस पर किसानों के जत्थे कुछ ही देर में टोल फ्री करवाने के लिए पहुंच गए। किसान प्रतिनिधि सुमित व रवींद्र ने बताया कि उनके किसान नेताओं के आदेश पर वह टोल फ्री करवाने पहुंचे हैं। जरूरत पड़ी तो वे यहां धरना भी देंगे।
तीनों टोल पर पहले से ही कम है वाहनों की संख्या
नेशनल हाईवे 44 के मुरथल टोल प्लाजा से जहां रोजाना करीब एक लाख वाहन गुजरते थे और उससे 60 लाख रुपये की टोल वसूली होती थी। वहीं, किसान आंदोलन के कारण पिछले 15 दिनों से वाहन 50 प्रतिशत कम हो गए हैं और मुरथल टोल पर वसूली भी कम हो गई है।
सुबह नौ बजे टोल बंद होने से करीब 50 लाख का नुकसान है। इसी तरह ही केजीपी पर रोजाना करीब 50 हजार वाहन गुजरते थे जो करीब 40 हजार तक हो गए हैं और इससे केजीपी पर 10 लाख रुपये तक कम टोल वसूली हो रही है। वहीं, केएमपी पर 40 हजार की जगह केवल 30 हजार तक वाहन रह गए हैं और वहां भी 10 लाख रुपये तक की रोजाना टोल वसूली कम हो रही है। 11 बजे बंद कराने से करीब 20-20 लाख का नुकसान हुआ है।