{"_id":"615f16b38ebc3e61e77dec9c","slug":"farmers-protest-at-finance-minister-manpreet-singh-badal-residence-in-muktsar","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुक्तसर: बैरिकेड तोड़ वित्तमंत्री मनप्रीत बादल के आवास पर पहुंचे किसान, कपास की बर्बाद फसल का मांगा मुआवजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुक्तसर: बैरिकेड तोड़ वित्तमंत्री मनप्रीत बादल के आवास पर पहुंचे किसान, कपास की बर्बाद फसल का मांगा मुआवजा
Thu, 07 Oct 2021 09:27 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, मुक्तसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, मुक्तसर (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 07 Oct 2021 09:27 PM IST
सार
पंजाब में किसानों ने वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल के आवास पर विरोध प्रदर्शन किया। किसान गुलाबी सूंडी के हमले से बर्बाद हुई कपास व अन्य फसलों के मुआवजे की मांग कर रहे हैं। किसान पांच अक्तूबर से बादल गांव में आंदोलनरत हैं।
विज्ञापन
बैरिकेड तोड़ आगे बढ़ते किसान।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कपास व अन्य फसलों के नुकसान का मुआवजा लेने के लिए संघर्षरत किसान गुरुवार को भाकियू एकता उगराहां के नेतृत्व में वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल के आवास जा पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद किसान बैरिकेड तोड़कर पुलिस सुरक्षा चक्र दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
विज्ञापन
वित्तमंत्री मनप्रीत बादल के आवास पर पहुंचे किसानों ने जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों में शामिल सूबा सचिव शिंगारा सिंह मान ने कहा कि गुलाबी सूंडी के हमले व अन्य प्राकृतिक आपदा के कारण कपास समेत अन्य फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। जिसके मुआवजे के लिए किसान, मजदूर पांच अक्तूबर से गांव बादल में मोर्चा लगाए हैं।
विज्ञापन
मगर सरकार मांगों को मानने को लेकर चुप्पी साधे है। उन्होंने कहा कि कंपनियों की ओर से नकली बीजों के कारण भी किसानों का आर्थिक नुकसान हो रहा है। किसान आत्महत्या करने को विवश हैं। मगर सरकार किसानों की हालत सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठा रही।
विज्ञापन
उधर, मनप्रीत बादल की कोठी के घेराव के बाद मौके पर अधिकारियों ने एसडीएम गिद्दड़बाहा के साथ किसानों की बातचीत करवाई। जिसमें एसडीएम ने आठ अक्तूबर को सुबह 11 बजे यूनियन की सरकार के साथ इस मसले पर बातचीत कराने का आश्वासन दिया।
जिसके बाद किसान वित्तमंत्री की कोठी का घेराव छोड़ मोर्चा स्थल पर चले गए। साथ ही चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी मांगें न मानीं तो वे आघोषित समय के लिए वित्तमंत्री के निवास का घेराव करेंगे।