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Hindi News ›   Chandigarh ›   Farmers of Punjab are behind UP and MP in these matters

Kisan Andolan: अब पंजाब का किसान नहीं रहा नंबर वन! इन मामलों में UP और MP ने पछाड़ा

Thu, 22 Feb 2024 10:27 AM IST
ajay kumar सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Thu, 22 Feb 2024 10:27 AM IST
सार

एक समय ऐसा था जब पंजाब की खेती की चर्चा देश-दुनिया में होती थी। मगर अब पंजाब की खेती कई मामलों में देश के बाकी राज्यों से पिछड़ने लगी है। कई मामलों में उत्तर प्रदेश (UP) और मध्य प्रदेश (MP) ने पंजाब को पिछाड़ दिया है। यही वजह है कि पंजाब में अब खेती में विविधता की मांग उठने लगी है।

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Farmers of Punjab are behind UP and MP in these matters
किसान आंदोलन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

पंजाब के हजारों किसान फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी की मांग को लेकर दिल्ली चलो का नारा दे रहे हैं। फसलों पर एमएसपी तो मिल रही है लेकिन पंजाब का किसान अब पैदावार में पिछड़ता जा रहा है। इस बार प्रदर्शन में सबसे ज्यादा पंजाब के किसान शामिल हैं लेकिन पंजाब में गेहूं व  धान पर एमएसपी है। इसकी खरीद तमाम सरकारी एजेंसियां करती हैं। फिर भी पंजाब का किसान यूपी व बंगाल से पीछे हो रहा है। अन्नदाता की शोर के बीच तथ्य यह है कि पंजाब न तो भारत का सबसे अग्रणी गेहूं उत्पादक राज्य है और न ही चावल में। हालात यह है कि अंडे, दूध और फल सब्जी के उत्पादन में भी पंजाब पीछे रह गया है।

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1970 के दशक में हरित क्रांति शुरू होने के बाद से ही पंजाब को भारत का भूख मिटाने वाले राज्य के रूप में सम्मान दिया जाता रहा है। हरित क्रांति के बाद से पंजाब गेहूं उत्पादक में नंबर वन रहा है लेकिन आज पंजाब गेहूं उत्पादन में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक राज्य है। आज पंजाब में भारत के कुल गेहूं का 12 प्रतिशत उपज होता है। पिछले साल पंजाब में 14.8 मिलियन टन गेहूं का उत्पादन हुआ और भारत में कुल मिलाकर 114 मिलियन टन का उत्पादन हुआ।

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पंजाब ने 1970 के दशक में भारत को चावल उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने का नेतृत्व किया लेकिन गेहूं की तरह धान की पैदावार में भी पंजाब अब नंबर वन राज्य नहीं है। उत्पादन के मामले में यह पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश से पीछे है। अधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत के कुल उत्पादन में इसका हिस्सा 10 फीसदी से भी कम है। भारत 135 मिलियन टन का उत्पादन करता है जबकि पंजाब 11.82 मिलियन टन है, जो 10 फीसदी से की कम है। 

वहीं, बागवानी के मामले में पंजाब कहीं नहीं खड़ा है। सब्जियों का उत्पादन 200 मिलियन टन से अधिक हो गया है। टॉप राज्यों में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, बिहार और गुजरात हैं। शीर्ष पांच दूध उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और आंध्र प्रदेश हैं।

किसानों को खेती में विविधता लाने की आवश्यकता

पंजाब यूनिवर्सिटी के प्रो. हरी सिंह का कहना है कि पंजाब में कृषि वर्तमान स्वरूप में टिकने वाली नहीं है और वहां के किसानों को तत्काल खेती में विविधता लाने की आवश्यकता है। इसका मतलब है कि वहां के किसानों को अधिक बाजरा, अधिक सब्जियां, अधिक दूध, अंडे और वैसी बहुत चीजें पैदा करने की जरूरत है, जो आइटम अभी एक हेल्दी फैमिली डाइट का हिस्सा हैं। समय की मांग के अनुसार बदलना चाहिए। अब देश के कई हिस्सों में गेहूं पैदा हो रहा है। मध्य प्रदेश की गेहूं की मांग बढ़ती जा रही है। धान व गेहूं उत्पादन में कई राज्य आगे निकल गए हैं।

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