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दिल्ली फतह करने के लिए किसानों ने बनाया ‘दिल्ली मोर्चा’, तय करेगा आंदोलन की रणनीति
Mon, 21 Dec 2020 01:43 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 21 Dec 2020 01:43 AM IST
सार
- भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) की राज्य स्तरीय बैठक में हुआ गठन
- आंदोलन में शहीद किसानों के लिए पंजाब के 1500 गांवों में विरोध प्रदर्शन का लिया फैसला
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सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन करते किसान
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) की राज्य स्तरीय बैठक में कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन को और मजबूती देने के लिए ‘दिल्ली मोर्चा’ का गठन किया गया है। यह मोर्चा आंदोलन से जुड़ी रणनीति के साथ पंजाब में कृषि आंदोलन को जीवित रखने के लिए विरोध प्रदर्शन करेगा। मोर्चा में सात किसान नेताओं को शामिल किया गया है।
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भाकियू (एकता उगराहां) के राष्ट्रीय महासचिव सुखदेव सिंह कोकरी कलां की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय बैठक का आयोजन मोगा के माछीके में किया गया। बैठक में दिल्ली फतेह को लेकर दिल्ली मोर्चा अभियान समिति पंजाब का गठन किया गया। जिसमें कोकरी कलां के अलावा जगतार सिंह कालाजार, सरोज दयालपुरा, सुखजीत सिंह कोठागुरु, चामकौर सिंह नैनवाल, जसविंदर सिंह बारास और सुनील कुमार भोदीपुरा किसान नेताओं को शामिल किया गया।
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भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव कोकरी कलां ने बताया कि दिल्ली फतेह के साथ ही पंजाब में किसान आंदोलन को लेकर होने वाले विरोध प्रदर्शनों की रणनीति विचार विमर्श के बाद बनाएगा। किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों के परिजनों के दुख को गुस्से में परिवर्तित करने के लिए पंजाब के 1500 गांवों में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा जिसकी शुरुआत रविवार से हो चुकी है। यह प्रदर्शन 23 दिसंबर तक किए जाएंगे। इसके बाद 24 दिसंबर को पंजाब में ब्लॉक स्तर पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी सभाएं आयोजित की जाएंगी।
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