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Hindi News ›   Chandigarh ›   Farmers held Candle March at Kundli and Tikri Border To Pay Tribute To Martyrs Soldiers of Pulwama Attack

किसानों ने पुलवामा के शहीदों के लिए सुबह मौन रखा, शाम को कैंडल मार्च निकाल दी श्रद्धांजलि

Sun, 14 Feb 2021 10:20 PM IST
ajay kumar अमर उजाला/संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत/बहादुरगढ़ (हरियाणा)
अमर उजाला/संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत/बहादुरगढ़ (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Sun, 14 Feb 2021 10:20 PM IST
सार

  • कुंडली बॉर्डर धरनास्थल पर मंच से शुरुआत कर नेशनल हाईवे पर निकाला गया कैंडल मार्च
  • आंदोलन के दौरान शहीद होने वाले किसानों को भी श्रद्धांजलि दी, कहा शहादत नहीं भुलाई जाएगी
  • हर ट्राली तक पहुंचकर आंदोलन में शामिल किसानों का मनोबल बढ़ाने के लिए अभियान चलाया 

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Farmers held Candle March at Kundli and Tikri Border To Pay Tribute To Martyrs Soldiers of Pulwama Attack
कुंडली बॉर्डर धरनास्थल पर कैंडल मार्च निकालते किसान। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कुंडली बॉर्डर धरनास्थल पर रविवार को किसानों ने पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए सुबह को दो मिनट का मौन रखा तो वहां शाम को कैंडल मार्च निकाला गया। वहां किसान आंदोलन के दौरान मरने वाले किसानों को भी श्रद्धांजलि दी गई।

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किसान संगठनों के नेताओं ने धरनास्थल पर मौजूद हर ट्राली के पास पहुंचकर किसानों का मनोबल बढ़ाने के लिए अभियान चलाया गया। उनसे कहा गया कि यह आंदोलन अभी लंबा चलने वाला है और वह इस धैर्य के साथ ही आंदोलन जारी रखेंगे तो उनकी जीत जरूर होगी। 
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कुंडली बॉर्डर पर रविवार को पुलवामा हमले में शहीद होने वाले जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। जहां मंच पर सुबह को शहीदों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया और उन शहीदों को नमन करते हुए कहा कि उनकी शहादत को देश कभी नहीं भुला सकता है। वह एक इतिहास में दर्ज हो गया है कि किस तरह से अपनी शहादत देकर जवानों ने देश की रक्षा की। 
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उसके बाद दिनभर आंदोलन को लेकर धरनास्थल पर मौजूद किसानों को बताया गया तो वहां शाम को किसानों ने एक हाथ में फूल व दूसरे हाथ में मोमबत्ती लेकर मार्च निकाला। किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल ने कहा कि देश की रक्षा में सीमा पर सबसे ज्यादा किसानों के बेटे हैं और वह देश की रक्षा के लिए अपनी जान तक देने में पीछे नहीं हटते हैं। जहां खेत में किसान अन्न उगाकर देश का पेट भरता है तो वहीं उनके बेटे सीमा पर तैनात होकर देश की रक्षा करते हैं।

टीकरी बॉर्डर : नौदीप व शिव कुमार को रिहा करने की मांग

Farmers held Candle March at Kundli and Tikri Border To Pay Tribute To Martyrs Soldiers of Pulwama Attack
कुंडली बॉर्डर पर मंच पर मोमबत्ती व फूल लेकर खड़े किसान नेता। - फोटो : अमर उजाला

टीकरी बार्डर पर किसानों का धरना रविवार को भी जारी रहा। साप्ताहिक अवकाश होने की वजह से रविवार को बार्डर पर आंदोलनकारियों की संख्या ज्यादा रही। किसानों ने पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कई पूर्व सैनिक भी आंदोलन में शामिल हुए। तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने और एमएसपी की गारंटी के लिए कानून बनाने की मांग को लेकर हजारों किसानों ने बहादुरगढ़ शहर में जुलूस निकाला।

बाईपास के पकौड़ा चौक के निकट आटो मार्केट मैदान से शुरू हुआ ये जुलूस नयागांव-बहादुरगढ़ रोड, सब्जी मंडी व रोहतक-दिल्ली रोड होते हुए टीकरी बार्डर पर खत्म हुआ। प्रदर्शनकारियों ने मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। किसानों की शहादत पर विवादास्पद टिप्पणी करने पर बेरी रोड फ्लाईओवर के निकट हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल का पुतला फूंका। 

महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक के छात्र एकता मंच के सदस्य विद्यार्थियों ने टीकरी बार्डर पर प्रदर्शन कर किसान आंदोलन का समर्थन किया और नौदीप कौर व शिव कुमार को रिहा करने की मांग की। उत्तराखंड में हुई त्रासदी में मारे गए व्यक्तियों और उन किसानों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन धारण किया जिनकी आंदोलन में जान चली गई।

ऑल इंडिया किसान सभा की जम्मू-कश्मीर इकाई के प्रधान गुलाम मोहमद और उनके साथ आए 10 साथियों ने भी टीकरी बॉर्डर पर किसानों को समर्थन दिया। उन्होंने संयुक्त किसान मोर्चा की मुख्य सभा के मंच से किसानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हम इस आंदोलन में जान देने वाले किसानों व उनके परिवारों के दुख को भुला नहीं पा रहे।

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