भारत बंद : पंजाब में सड़कें और बाजार रहे सूने, बस व रेलवे स्टेशनों पर सन्नाटा, जगह-जगह प्रदर्शन
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कृषि कानूनों को खिलाफ आंदोलनरत किसानों ने शुक्रवार को 12 घंटे भारत बंद कर प्रदर्शन किया। पूरे पंजाब में बंद का असर देखने को मिला। लुधियाना शहर में सुबह कई इलाकों में दुकानें खुल गईं थीं लेकिन किसान नेताओं के पहुंचते ही उन्हें बंद करवा दिया गया। फिरोजपुर रोड और भारत नगर चौक पर किसानों ने ट्रैक्टर बीच में लगाकर रास्ते बंद किये। बंद के दौरान किसी जगह कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर सन्नाटा छाया रहा।
वहीं जगराओं, हलवारा, खन्ना में बंद के दौरान सब कुछ पूरी तरह से बंद रहा। मेडिकल शॉप के अलावा सभी दुकानें बंद रहीं। लाडोवाल टोल प्लाजा और एमबीडी मॉल के बाहर लगे किसानों के पक्के मोर्चे में किसान समर्थकों ने बढ़कर हिस्सा लिया। यहां पर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। वहीं हलवारा, गुरुसर सुधार बाजार, मुल्लापुर, जोधा, पकखोवाल, ग़ुज्जरवाल, किला रायपुर, मोही सहित तमाम कस्बों गांव में दुकानें एवं संस्थान बंद रहे। किला रायपुर में खुश्क बंदरगाह के सामने धरना प्रदर्शन भी जारी रहा।
जालंधर से रवाना हुई सिर्फ एक ट्रेन
जालंधर में भी किसानों के भारत बंद का पूरा असर देखने को मिला। परिवहन सेवा यहां पूरी तरह ठप रही। किसानों के समर्थन में उतरे कई संगठनों ने सरकारी कार्यालय बंद करवाए। जालंधर स्थित आईएसबीटी से कोई भी बस रवाना नहीं हुई। जालंधर स्टेशन से ट्रेनों का संचालन ठप रहा। जालंधर सिटी रेलवे स्टेशन पर सुबह 5:30 बजे के बाद से ट्रेनों का आवागमन बंद रहा।
सुबह 5:30 बजे जालंधर सिटी रेलवे स्टेशन से अमृतसर-सचखंड एक्सप्रेस रवाना की गई और उसके बाद कोई भी ट्रेन सिटी स्टेशन से रवाना नहीं हुई। किसी अन्य स्टेशन से भी कोई ट्रेन जालंधर नहीं पहुंची। बंद का असर जालंधर के आरटीए कार्यालय में भी देखने को मिला। रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (आरटीए) कार्यालय के सात मुलाजिम छुट्टी पर जाने से कार्यालय का काम प्रभावित हुआ।
जालंधर में किसानों ने लगाया जाम।
जालंधर के तहसील कांप्लेक्स में भी किसानों के समर्थन में लोगों ने सरकारी रजिस्ट्रेशन के काम को बंद करवा दिया। स्पोर्ट्स एंड सर्जिकल कांप्लेक्स में शुक्रवार सुबह कुछ तेजधार हथियारों से लैस लोगों ने औद्योगिक इकाइयों को जबरन बंद करवाया। इससे इलाके में दहशत का माहौल पैदा हो गया। उद्यमियों ने कामकाज बंद कर दिया।
पटियाला में सड़कें और बाजार रहे सूने, दुकानें रहीं बंद
पटियाला में सड़कों व बाजारों से रौनक गायब रही व दुकानें भी पूरी तरह से बंद रहीं। किसानों व मुलाजिमों के अलावा छात्र संगठनों ने रेलवे ट्रैक, टोल प्लाजा व सड़कों पर जाम लगाकर प्रदर्शन कर कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की। संयुक्त किसान मोर्चे के आह्वान पर पीआरटीसी मुलाजिमों व पेंशनरों ने बस स्टैंड के मेन गेट के बाहर प्रदर्शन करने बाद मार्च किया।
पटियाला में बंद दुकानें।
पीयू का मेन गेट बंद कर किया प्रदर्शन : पंजाबी यूनिवर्सिटी के छात्र, अध्यापक व कर्मचारी संगठनों ने मेन गेट बंद करके रोष प्रदर्शन किया। उधर, पातड़ां में न्याल चौक, समाना में बाबा बंदा सिंह बहादुर चौक, नाभा में बौडां गेट, नाभा-पटियाला रोड पर टोल प्लाजा, धबलान में रेलवे ट्रैक, गांव बारन के नजदीक सरहिंद रोड और देवीगढ़-चीका रोड पर जोड़िया सड़क पर जाम लगाकर किसानों ने रोष प्रदर्शन किया।
फिरोजपुर में बैंक-स्कूल और बाजारों में सन्नाटा
फिरोजपुर में ग्रामीण महिलाओं ने धरनास्थल पर लंगर सेवा की। किसानों ने बस्ती टैंकावाली के पास रेल पटरी पर धरना दिया। वहीं माहमूजोईयां टोल प्लाजा सहित सात नंबर चुंगी, मल्लांवाला, मक्खू रेलवे फाटक, मक्खू हाईवे, जीरा, ममदोट, गुरुहरसहाए, फाजिल्का व जलालाबाद में किसानों ने धरना देकर यातायात जाम किया।
बठिंडा में बंद बाजार।
बठिंडा में किसानों ने बठिंडा-अमृतसर नेशनल हाईवे के बीच वाहन खड़े कर सड़क को बंद किया। किसानों ने बंद के दौरान मौड मंडी में स्थित बठिंडा-दिल्ली रेलवे ट्रैक, बठिंडा-बादल रोड, बठिंडा-अमृतसर हाईवे, जीदा टोल प्लाजा, बाजाखाना-बरनाला रोड, बठिंडा-चंडीगढ़ हाईवे, बठिंडा-डबवाली हाईवे पर धरना देकर केंद्र के खिलाफ नारेबाजी की।
पठानकोट : हिमाचल और जम्मू-पंजाब से आवाजाही रही बाधित
पठानकोट में किसानों ने जम्मू-कश्मीर और हिमाचल की सीमाओं को पूरी तरह सील कर दिया। इसके अलावा अमृतसर-पठानकोट हाईवे और पठानकोट-जालंधर हाइवे पर भी धरना देकर यातायात बाधित किया। कुल मिलाकर शुक्रवार सुबह 8 बजे से दोपहर तक पठानकोट से हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और पंजाब के अन्य जिलों के बीच यातायात बाधित रहा।
जिलेभर में विभिन्न संगठनों ने 10 से अधिक स्थानों पर धरना दिया। सबसे अधिक असर पंजाब-हिमाचल सीमा स्थित चक्की पुल और पंजाब-जम्मू कश्मीर सीमा स्थित माधोपुर में देखने को मिला, जहां किसान संगठनों ने हाईवे पर दोनों तरफ ट्रैफिक जाम किया। जम्मू-कश्मीर से पठानकोट के रास्ते आने वाले वैकल्पिक मार्गों गांव कीड़ी, कथलौर में भी किसानों ने धरना देकर यातायात बंद कर दिया।
पठानकोट में पंजाब-हिमाचल सीमा पर किसानों ने लगाया जाम।
मलोट में खुला रहा शराब ठेका
मुक्तसर में छोटे-बड़े व्यापारियों ने दुकानें बंद रख किसानों को समर्थन दिया। वहीं मलोट रोड पर शराब ठेका खुला रहा। बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा, हालांकि सड़कों पर आवाजाई रही लेकिन बाजारों में सन्नाटा रहा। शहर के कोटकपूरा चौक, बठिंडा रोड, मलोट रोड समेत मुख्य बाजार सुनसान रहे। उधर, कोटकपूरा रोड बाईपास पर गांव उदेकरन के पास किसानों ने जाम लगाते हुए धरना भी दिया।
होशियारपुर में जावेद खान ने साथियों के साथ फगवाड़ा चौक पर धरना प्रदर्शन करके मोदी सरकार के खिलाफ नारे लगाए। गुरदासपुर में दुकानदारों ने बंद को पूरा समर्थन दिया और दुकानें बंद रखीं। किसानों ने पुरानी सब्जी मंडी चौक सहित विभिन्न स्थानों पर हाईवे जाम कर रोष जताया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा। बस सेवा पूरी तरह ठप रही। गुरदासपुर पुरानी सब्जी मंडी चौक पर धरने के दौरान बटाला रोड व दोरांगला की तरफ जाने वाले वाहनों को बाहर रोककर पुलिस ने गुरदासपुर-अमृतसर हाईवे की तरफ रूट डायवर्ट किया।
संगरूर में भारत बंद का पूरा असर रहा। शहर के तमाम बाजार बंद रहे। किसान संगठनों ने महावीर चौक पर धरना देकर ट्रैफिक बाधित किया। बंद को व्यापारियों, आढ़तियों व अन्य वर्गों ने पूर्ण समर्थन दिया। अबोहर में सुबह छह बजे से ही किसान संगठनों ने शहर के चारों ओर नाके लगा दिए और चारों ओर आवाजाही बंद कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। अबोहर-फाजिल्का राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 7 पर तिकोणी चौक सहित कंधवाला रोड, सीतो रोड, मलोट रोड, हनुमानगढ़ रोड और श्रीगांगनर रोड पर भी किसानों ने जाम लगाकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
बटाला : दूध की सप्लाई भी बंद रही
बटाला में दुकानें बंद कर दुकानदारों ने किसानों को समर्थन दिया। बटाला जीटी रोड पर स्थित गांधी चौक पर किसान संगठनों ने चक्का जाम कर प्रदर्शन किया। बंद का असर शहर ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिला। लोगों को सब्जी आदि सामान खरीदने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले दूध की सप्लाई भी बंद रही। बटाला के अलावा डेरा बाबा नानक और फतेहगढ़ चूडियां के मुख्य चौकों पर किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
गुरदासपुर में बंद दुकानें।
सैंकड़ों यात्री स्टेशन पर फंसे रहे
बंद के कारण अमृतसर में स्टेशन से कोई भी ट्रेन रवाना नहीं हुई, इस कारण सैंकड़ों यात्री स्टेशन पर फंसे रहे। बस अड्डे से कोई भी बस नहीं चली। शहर के सभी बाजार बंद रहे। एसजीपीसी के सभी दफ्तरों में ताला लटका रहा। सचखंड श्री हरमंदिर साहिब की सरायों में ठहरे श्रद्धालु घरों को नहीं लौट सके। बंद के कारण सचखंड श्री हरमंदिर साहिब व श्री दुर्गियाणा मंदिर में श्रद्धालु बहुत कम संख्या में पहुंचे।
किसानों ने शहर के सभी रास्तों पर ट्रॉली खड़ी कर जाम लगाया। किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी के सदस्यों ने जांडियाल गुरु के टोल प्लाजा के नजदीक केंद्र सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की। भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) से जुड़े किसानों ने फतेह चूड़ियां बाईपास में चक्का जाम किया। सीमावर्ती कस्बे अजनाला, राजासांसी, लोपोके के साथ-साथ जंडियाला गुरु, रइया व ब्यास में बंद को पूरा समर्थन मिला।
होशियारपुर में बंद के दौरान पसरा सन्नाटा
होशियारपुर-फगवाड़ा रोड, नलोइयां चौक, लाचोवाल टोल प्लाजा, दसूहा रोड पर अड्डा बागपुर-सतौर, चंडीगढ़ रोड पर नंगल शहीदां टोल प्लाजा और विभिन्न अन्य स्थानों पर किसानों ने रोष प्रदर्शनों किया। इसके साथ ही, मुख्य दाना मंडी, सब्जी मंडी और होशियारपुर की अन्य सहायक मंडियां भी पूरी तरह से प्रभावित रहीं।
स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सामान्य रही। बंद के कारण सरकारी और निजी बसें भी पूरी तरह से बंद रहीं। गढ़शंकर में में दवाओं व खाने-पीने की की दुकानें, शराब ठेकों सहित अन्य दुकानें बंद रहीं। इस दौरान होला-मोहल्ला, एंबुलेंस सहित अन्य जरूरी कामों के लिए आने जाने वालों को किसानों ने रास्ता दिया। इसके अलावा अड्डा झुग्गियां, पंडोरी बीत, समुंदड़ा भी बंद रहे।
बंद रहा बेअसर, आम दिनों की तरह खुले बाजार
किसान मोर्चा के आह्वान पर भारत बंद का नंगल में कोई असर नहीं दिखा। नंगल के बाजार आम दिनों की तरह ही खुले रहे। हालांकि किसान संगठनों ने जबरन बंद करवाने का प्रयास नहीं किया लेकिन नंगल-श्री आनंदपुर साहिब मुख्यमार्ग को दो घंटों के लिए जाम कर धरना प्रदर्शन किया। उधर, नंगल पुलिस के थाना प्रभारी निरीक्षक पवन चौधरी ने श्री आनंदपुर साहिब की ओर जाने वाले व श्री आनंदपुर साहिब से ऊना आने वाले वाहन चालकों व अन्य लोगों को वाया रेलवे रोड होते भेजा, जिस कारण मार्ग पर अधिक जाम नहीं लगा।
फरीदकोट में छह स्थानों पर किया चक्का जाम
संयुक्त किसान मोर्चे के 12 घंटे तक के भारत बंद का शुक्रवार को फरीदकोट में भी व्यापक असर देखने को मिला। खास बात यह रही कि किसान संगठनों ने बंद करवाने के लिए किसी भी तरह के प्रयास नहीं किए गए। बंद के दौरान किसान संगठनों ने गांव टहिणा, कोटकपूरा, सादिक, बरगाड़ी, जैतो समेत कुल छह स्थानों पर चक्का जाम करके रोष जताया।